प्रयागराज में माघ मेले से जुड़े कथित यौन शोषण मामले में नया मोड़ आ गया है। दो नाबालिग बच्चों की मेडिकल जांच रिपोर्ट में यौन शोषण की पुष्टि होने का दावा किया गया है। इस मामले में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के खिलाफ पॉक्सो एक्ट समेत गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज है।
मेडिकल रिपोर्ट में क्या सामने आया?
बुधवार को दोनों पीड़ित नाबालिगों का मेडिकल परीक्षण कराया गया था। रिपोर्ट आने के बाद शिकायतकर्ता पक्ष ने दावा किया कि बच्चों के साथ कुकर्म की पुष्टि हुई है। हालांकि, आधिकारिक तौर पर पुलिस ने विस्तृत रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की है, लेकिन जांच एजेंसियों की कार्रवाई तेज हो गई है।
कब और कैसे शुरू हुआ मामला?
बताया जा रहा है कि 18 जनवरी को प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन प्रशासन और शंकराचार्य के बीच विवाद हुआ था। इसके आठ दिन बाद 24 जनवरी को शिकायत दर्ज कराई गई। आरोप है कि माघ मेला-2026 और महाकुंभ-2025 के दौरान बच्चों से यौन शोषण किया गया।
पुलिस पर कार्रवाई में देरी का आरोप लगाते हुए 8 फरवरी को स्पेशल पॉक्सो कोर्ट में याचिका दायर की गई। 13 फरवरी को दोनों बच्चों को कोर्ट में पेश किया गया और 21 फरवरी को उनके बयान दर्ज किए गए। कोर्ट के निर्देश पर उसी दिन झूंसी थाने में एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में शंकराचार्य, उनके शिष्य मुकुंदानंद और 2-3 अज्ञात लोगों को आरोपी बनाया गया है।
अग्रिम जमानत पर सुनवाई
मामले में घिरने के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। इस पर सुनवाई शुक्रवार को होने की संभावना है। साथ ही उन्होंने प्रयागराज के एडिशनल कमिश्नर पर साजिश रचने का आरोप भी लगाया है।
पुलिस की कार्रवाई और सुरक्षा अलर्ट
प्रयागराज पुलिस पिछले तीन दिनों से वाराणसी में डेरा डाले हुए है। सूत्रों के अनुसार, पुलिस सबूत जुटाने में लगी है और पूरी तैयारी के बाद ही पूछताछ की जाएगी। इस बीच, आरोपी पक्ष के वकील और वाराणसी कचहरी को बम से उड़ाने की धमकी मिलने की सूचना पर सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट हो गई हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
मामले ने राजनीतिक रंग भी ले लिया है। कांग्रेस पार्टी ने शंकराचार्य के समर्थन में प्रदेश के 75 जिलों में प्रदर्शन किया है। वहीं, विपक्ष इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है।
दो नाबालिगों से यौन शोषण की पुष्टि, शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद पर कानून का शिकंजा तेज, जांच के बाद ही सच आएगा सामने