माघ मेले में शंकराचार्य के शिष्यों से कथित बदसलूकी का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग

माघ मेले में शंकराचार्य के शिष्यों से कथित बदसलूकी का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा, अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग
January 22, 2026 at 2:47 pm

प्रयागराज में चल रहे माघ मेले के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और उनके शिष्यों के साथ कथित दुर्व्यवहार का मामला अब राज्य मानवाधिकार आयोग तक पहुंच गया है। इस संबंध में इलाहाबाद हाईकोर्ट के अधिवक्ता डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आयोग में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है और निष्पक्ष जांच की मांग की है।

शिकायत में कहा गया है कि माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के धार्मिक काफिले को त्रिवेणी संगम जाने से रोका गया। आरोप है कि इस दौरान उनके शिष्यों के साथ धक्का-मुक्की और अभद्र व्यवहार किया गया, जिससे मौके पर तनाव की स्थिति उत्पन्न हो गई।

डॉ. यादव ने अपनी शिकायत में यह भी उल्लेख किया है कि जब अन्य अखाड़ों और संत समुदायों को धार्मिक अनुष्ठान और पवित्र स्नान की अनुमति दी जा रही थी, तब शंकराचार्य के काफिले को रोकना प्रशासन की भेदभावपूर्ण कार्रवाई को दर्शाता है।

मानवाधिकार उल्लंघन का आरोप

शिकायत में कहा गया है कि यदि भीड़ नियंत्रण या सुरक्षा कारणों से कोई प्रतिबंध आवश्यक था, तो उसे सभी पर समान रूप से लागू किया जाना चाहिए था। चयनात्मक रोक और कथित दुर्व्यवहार संविधान के अनुच्छेद 14 (समानता का अधिकार), अनुच्छेद 21 (जीवन व गरिमा का अधिकार) और अनुच्छेद 25 (धार्मिक स्वतंत्रता) का उल्लंघन माना जा सकता है।

डॉ. गजेंद्र सिंह यादव ने आयोग से मांग की है कि—

  • पूरे घटनाक्रम की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच कराई जाए
  • मेला प्रशासन और पुलिस की भूमिका की समीक्षा हो
  • दोषी अधिकारियों के खिलाफ विधिसम्मत कार्रवाई की जाए

आयोग से त्वरित संज्ञान की मांग

शिकायतकर्ता ने उम्मीद जताई है कि राज्य मानवाधिकार आयोग इस गंभीर मामले का संज्ञान लेकर शीघ्र कार्रवाई करेगा, ताकि भविष्य में धार्मिक स्वतंत्रता और मानवीय गरिमा का उल्लंघन न हो सके।