ओवरबिलिंग पर सख्त हुए सीएम योगी, कहा- बिना गलती किसी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं कटेगा

ओवरबिलिंग पर सख्त हुए सीएम योगी, कहा- बिना गलती किसी उपभोक्ता का कनेक्शन नहीं कटेगा
April 10, 2026 at 1:20 pm

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं की बढ़ती शिकायतों, खासकर स्मार्ट मीटर और ओवरबिलिंग को लेकर अब सरकार ने सख्त रुख अपना लिया है। Yogi Adityanath ने स्पष्ट कर दिया है कि आम जनता के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि यदि उपभोक्ता की गलती नहीं है तो किसी भी स्थिति में उसका बिजली कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। इस फैसले से राज्य के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।

राजधानी लखनऊ में आयोजित ऊर्जा विभाग की उच्च स्तरीय बैठक में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बिजली व्यवस्था की समीक्षा करते हुए कई अहम निर्देश जारी किए। बैठक में सामने आया कि स्मार्ट मीटर लगने के बाद कई उपभोक्ताओं ने बिल ज्यादा आने की शिकायत की है, जिसे गंभीरता से लिया गया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश का आम नागरिक ईमानदार है और वह समय पर बिल का भुगतान करता है। ऐसे में यदि उसे गलत बिल भेजा जाता है, तो यह व्यवस्था की विफलता है, जिसे तुरंत सुधारने की जरूरत है। उन्होंने विशेषज्ञों की एक स्वतंत्र जांच समिति गठित करने के निर्देश दिए, जो ओवरबिलिंग के मामलों की गहराई से जांच करेगी और रिपोर्ट पेश करेगी।

सीएम ने यह भी साफ किया कि बिजली विभाग की जिम्मेदारी है कि वह उपभोक्ताओं को पारदर्शी और सही बिलिंग प्रणाली उपलब्ध कराए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि शिकायतों के समाधान में देरी या लापरवाही किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं होगी।

पिछले कुछ वर्षों में उत्तर प्रदेश में बिजली क्षेत्र में व्यापक सुधार हुए हैं। 2017 में जहां बिजली उपभोक्ताओं की संख्या करीब 1.65 करोड़ थी, वहीं 2026 तक यह बढ़कर 3.71 करोड़ हो गई है। यह लगभग 126 प्रतिशत की वृद्धि है, जो राज्य में तेजी से बढ़ती बिजली पहुंच और मांग को दर्शाती है।

स्मार्ट मीटर योजना के तहत अब तक 84 लाख से अधिक मीटर लगाए जा चुके हैं। इन मीटरों का उद्देश्य बिजली खपत को पारदर्शी बनाना और बिलिंग प्रणाली को स्वचालित करना था, लेकिन शुरुआती चरण में कई तकनीकी और संचालन संबंधी समस्याएं सामने आई हैं।

इसके अलावा, प्रदेश का कुल कनेक्टेड लोड भी 84,000 मेगावाट से अधिक पहुंच चुका है, जो ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ते दबाव को दर्शाता है।

सीएम योगी के इस सख्त रुख का सीधा असर प्रदेश के करोड़ों बिजली उपभोक्ताओं पर पड़ेगा। इससे लोगों में भरोसा बढ़ेगा कि सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील है।

ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले लोगों के लिए भी यह फैसला महत्वपूर्ण है, क्योंकि अब 5 घरों वाले छोटे मजरों तक बिजली पहुंचाने का निर्देश दिया गया है। इससे दूर-दराज के इलाकों में भी विकास की गति तेज होगी।

ओवरबिलिंग पर लगाम लगने से गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को आर्थिक राहत मिलेगी। वहीं, पारदर्शी बिलिंग से बिजली विभाग की छवि भी सुधरेगी।

मुख्यमंत्री ने बैठक में स्पष्ट कहा, “प्रदेश का उपभोक्ता स्वभाव से ईमानदार है। यदि उसे सही बिल दिया जाए तो वह समय पर भुगतान करता है। लेकिन यदि उसकी गलती नहीं है तो उसका कनेक्शन काटना पूरी तरह अनुचित है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।”

उन्होंने ऊर्जा मंत्री और पावर कॉर्पोरेशन के प्रबंध निदेशक को निर्देश दिया कि वे खुद फील्ड में जाकर व्यवस्थाओं का निरीक्षण करें और जमीनी स्तर पर समस्याओं को समझें।

साथ ही, टोल फ्री हेल्पलाइन 1912 को पूरी तरह सक्रिय रखने और शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।

यह निर्णय केवल प्रशासनिक सख्ती का उदाहरण नहीं है, बल्कि यह शासन की जवाबदेही को भी दर्शाता है। स्मार्ट मीटर जैसी आधुनिक तकनीकें तभी सफल हो सकती हैं जब उनमें पारदर्शिता और विश्वसनीयता हो।

ओवरबिलिंग की समस्या केवल तकनीकी नहीं, बल्कि प्रबंधन और निगरानी की भी है। यदि जांच समिति निष्पक्ष तरीके से काम करती है, तो यह पूरे देश के लिए एक मॉडल बन सकता है।

इसके अलावा, बिजली लाइनों को अंडरग्राउंड करने, जर्जर तारों को बदलने और ट्रांसफार्मर समय पर बदलने जैसे कदम लंबे समय में बिजली व्यवस्था को मजबूत करेंगे।

हालांकि, चुनौती यह होगी कि इन निर्देशों को जमीन पर कितनी प्रभावी तरीके से लागू किया जाता है। यदि अधिकारी स्तर पर ढिलाई बरती गई, तो समस्या फिर से उभर सकती है।

उत्तर प्रदेश में बिजली व्यवस्था को सुधारने के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम एक बड़ा और सकारात्मक संकेत है। इससे न केवल उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी, बल्कि पूरे सिस्टम में पारदर्शिता और जवाबदेही भी बढ़ेगी।

यदि सरकार अपने निर्देशों को प्रभावी तरीके से लागू कर पाती है, तो आने वाले समय में उत्तर प्रदेश देश के उन राज्यों में शामिल हो सकता है जहां बिजली व्यवस्था सबसे बेहतर मानी जाती है।

1. ओवरबिलिंग क्या होती है?
ओवरबिलिंग तब होती है जब उपभोक्ता को उसकी वास्तविक बिजली खपत से अधिक बिल भेजा जाता है।

2. स्मार्ट मीटर क्या है?
स्मार्ट मीटर एक डिजिटल उपकरण है जो बिजली खपत को रियल टाइम में रिकॉर्ड करता है और ऑटोमैटिक बिलिंग करता है।

3. शिकायत कैसे दर्ज करें?
उपभोक्ता टोल फ्री नंबर 1912 पर कॉल करके अपनी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।

4. क्या बिना गलती के कनेक्शन काटा जा सकता है?
नहीं, मुख्यमंत्री ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि बिना उपभोक्ता की गलती के कनेक्शन नहीं काटा जाएगा।

5. जांच समिति क्या करेगी?
यह समिति ओवरबिलिंग के मामलों की जांच करेगी और समस्या के समाधान के लिए सुझाव देगी।