यूपी में बदला मौसम का मिजाज: कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली से जनजीवन प्रभावित

यूपी में बदला मौसम का मिजाज: कई जिलों में तेज बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली से जनजीवन प्रभावित
March 21, 2026 at 3:53 pm

उत्तर प्रदेश में शुक्रवार को मौसम ने अचानक करवट ले ली, जिससे प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाओं, गरज-चमक, बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाएं सामने आईं। राजधानी लखनऊ सहित पूर्वी, पश्चिमी और मध्य यूपी के कई हिस्सों में सुबह से ही काले बादल छा गए और कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। मौसम विभाग ने पहले ही प्रदेश के कई जिलों के लिए ऑरेंज और कुछ क्षेत्रों के लिए रेड अलर्ट जारी किया था। तेज हवाओं की रफ्तार 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि 26 जिलों में ओलावृष्टि और करीब 50 जिलों में तेज आंधी-बारिश की चेतावनी दी गई थी। कई जगहों पर आकाशीय बिजली गिरने से हादसे भी हुए हैं, जिससे लोगों में दहशत का माहौल है।

शुक्रवार सुबह से ही उत्तर प्रदेश के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिला। लखनऊ, बाराबंकी, पीलीभीत, उन्नाव, बलरामपुर, सहारनपुर, मेरठ, मुजफ्फरनगर, अलीगढ़, आगरा, कन्नौज, कानपुर, फतेहपुर, फर्रुखाबाद और आसपास के जिलों में बादल छाए रहे और कई इलाकों में तेज बारिश दर्ज की गई।

राजधानी लखनऊ में सुबह के समय अचानक आसमान काले बादलों से ढक गया और कुछ ही देर में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। कई इलाकों में अंधेरा छा गया, जिससे लोगों को दिन में ही रात जैसा महसूस हुआ। मौसम विभाग ने चेतावनी दी थी कि दोपहर तक तेज आंधी, बिजली गिरने और ओलावृष्टि हो सकती है।

उन्नाव जिले के असोहा थाना क्षेत्र में खेत जा रहे एक किशोर और युवक पर आकाशीय बिजली गिरने से वे झुलस गए, जिन्हें तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहीं बलरामपुर जिले में पेड़ के नीचे खड़े युवक की बिजली गिरने से मौत हो गई।

महोबा में बेमौसम बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। तेज हवा और बारिश के कारण गेहूं, चना, मटर और सरसों की फसल को नुकसान होने की आशंका है। कई जगहों पर खेतों में पानी भर गया है, जिससे कटाई की तैयारी कर रहे किसानों को भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है।

बाराबंकी और संभल में सुबह से ही झमाझम बारिश हो रही है। इससे एक ओर गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में कीचड़ और जलभराव की समस्या भी बढ़ गई है।

मौसम विभाग के अनुसार, बांदा, फतेहपुर, कन्नौज, कानपुर, शामली, सहारनपुर, मेरठ, हापुड़, बुलंदशहर, अलीगढ़, मथुरा, हाथरस, कासगंज, एटा, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, इटावा, औरैया, अमरोहा, संभल, बदायूं, जालौन और हमीरपुर समेत कई जिलों में ओलावृष्टि की संभावना है।

मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने के कारण हुआ है। उत्तर पश्चिम भारत में सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ का असर उत्तर प्रदेश, दिल्ली, हरियाणा और राजस्थान तक देखने को मिल रहा है।

मार्च के महीने में आमतौर पर तापमान बढ़ने लगता है, लेकिन इस बार अचानक आई ठंडी हवाओं और बारिश ने मौसम को फिर से ठंडा कर दिया है। बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि अगले तीन दिनों में तापमान में 5 से 7 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट आ सकती है।

22 मार्च के आसपास एक और पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने की संभावना जताई गई है, जिससे मौसम में फिर उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

इस मौसम बदलाव का असर सबसे ज्यादा किसानों पर पड़ रहा है। जिन किसानों की फसल कटने के लिए तैयार है, उन्हें भारी नुकसान हो सकता है। गेहूं और सरसों की फसल पर ओलावृष्टि का खतरा मंडरा रहा है।

शहरी इलाकों में तेज हवा और बारिश के कारण ट्रैफिक प्रभावित हुआ है। कई जगहों पर पेड़ गिरने और बिजली गुल होने की घटनाएं सामने आई हैं।

आकाशीय बिजली गिरने की घटनाओं ने ग्रामीण क्षेत्रों में डर का माहौल बना दिया है। प्रशासन ने लोगों से खुले मैदान में न जाने और पेड़ों के नीचे खड़े न होने की अपील की है।

मौसम के इस बदलाव का असर स्वास्थ्य पर भी पड़ सकता है। तापमान में अचानक गिरावट के कारण सर्दी-जुकाम और वायरल संक्रमण के मामले बढ़ने की आशंका है।

आंचलिक मौसम केंद्र लखनऊ के वैज्ञानिकों ने बताया कि प्रदेश के कई जिलों में तेज हवाएं, गरज-चमक और ओलावृष्टि की संभावना है। लोगों को सावधान रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने को कहा गया है।

मौसम वैज्ञानिक प्रोफेसर मनोज कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अगले 48 घंटों में अधिकतम तापमान में 5 से 7 डिग्री तक गिरावट हो सकती है और तेज हवाएं चलती रहेंगी।

राज्य आपदा प्रबंधन विभाग ने भी जिलों को अलर्ट रहने के निर्देश जारी किए हैं।

मौसम में अचानक बदलाव यह संकेत देता है कि जलवायु पैटर्न तेजी से बदल रहा है। पिछले कुछ वर्षों में मार्च और अप्रैल के महीने में भी आंधी-बारिश और ओलावृष्टि की घटनाएं बढ़ी हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि जलवायु परिवर्तन के कारण मौसम की अनिश्चितता बढ़ रही है। इससे कृषि, स्वास्थ्य और अर्थव्यवस्था पर असर पड़ रहा है।

अगर इसी तरह मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहा तो किसानों के लिए फसल बचाना मुश्किल हो सकता है। सरकार को ऐसे समय में राहत योजनाओं को तेजी से लागू करना होगा।

उत्तर प्रदेश में मौसम के अचानक बदले मिजाज ने जनजीवन पर बड़ा असर डाला है। जहां लोगों को गर्मी से राहत मिली है, वहीं बारिश, ओलावृष्टि और आकाशीय बिजली ने चिंता भी बढ़ा दी है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक सावधानी बरतने की सलाह दी है। लोगों को खुले स्थानों पर जाने से बचना चाहिए और प्रशासन के निर्देशों का पालन करना चाहिए।

1. यूपी में मौसम अचानक क्यों बदला?
पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होने के कारण मौसम में बदलाव आया है।

2. किन जिलों में सबसे ज्यादा असर हुआ है?
लखनऊ, उन्नाव, बलरामपुर, महोबा, बाराबंकी, मेरठ, आगरा, कानपुर समेत कई जिलों में असर देखा गया।

3. क्या ओला वृष्टि की संभावना है?
हाँ, मौसम विभाग ने 26 जिलों में ओले गिरने की चेतावनी दी है।

4. क्या तापमान और गिरेगा?
अगले 2–3 दिनों में 5 से 7 डिग्री तक गिरावट संभव है।

5. लोगों को क्या सावधानी रखनी चाहिए?
बिजली गिरने के दौरान खुले में न जाएं, पेड़ के नीचे न खड़े हों और मौसम विभाग की चेतावनी का पालन करें।