उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश में अचल संपत्ति रजिस्ट्री की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब भारत-नेपाल सीमा से सटे इलाकों में जमीन या प्रॉपर्टी का रजिस्ट्री तभी हो सकेगी जब खरीदार, विक्रेता और गवाह की वैध पैन (PAN) कार्ड जानकारी ऑनलाइन सिस्टम पर दर्ज और सत्यापित होगी।
पहले जमीन रजिस्ट्री में पैन कार्ड न होने पर लोग फॉर्म-60 भरकर भी रजिस्ट्री करा लेते थे, लेकिन अब यह विकल्प समाप्त कर दिया गया है। नए नियम के अनुसार पैन नंबर ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज किए बिना रजिस्ट्री का काम पूरा नहीं किया जाएगा।
राजस्व और पंजीकरण विभाग अधिकारियों के अनुसार यह कदम फर्जी दस्तावेजों, काले धन और बेनाम लेन-देन पर रोक लगाने के उद्देश्य से उठाया गया है। अब रजिस्ट्री प्रक्रिया में पैन नंबर का सिस्टम द्वारा सत्यापन होने के बाद ही रजिस्ट्री की अंतिम मंजूरी दी जाएगी।
इस निर्णय के साथ ही 1 फरवरी से यह व्यवस्था लागू कर दी गई है, जिससे जमीन खरीदने-बेचने की प्रक्रिया अधिक भरोसेमंद और ट्रेस-एबल बनी रहेगी।
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