ट्रंप टैरिफ की मार के बीच जापान ने भारत को दिया खुश होने का मौका, अगले 10 वर्षों में भारत में करेगा 6 लाख करोड़ का निवेश, अब तक हुए 170 से अधिक समझौते।

ट्रंप टैरिफ की मार के बीच जापान ने भारत को दिया खुश होने का मौका, अगले 10 वर्षों में भारत में करेगा 6 लाख करोड़ का निवेश, अब तक हुए 170 से अधिक समझौते।
August 30, 2025 at 6:15 pm

Japan To Invest $68 Billion Over 10 Years: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के भारत पर 50% टैरिफ लगाने के तुरंत बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत-जापान संबंधों का नया अध्याय शुरू हुआ है। इस नई शुरुआत में मोदी ने “मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” का नारा दिया है। इसके तहत दोनों देश पूरे विश्व के लिए भारत में निर्माण करेंगे। अगले 10 वर्षों में जापान भारत में करीब 6 लाख करोड़ का निवेश करेगा। पिछले 2 वर्षों की बात करें तो दोनों देशों के बीच अब तक 170 से अधिक समझौतों पर हस्ताक्षर हुए हैं, जिनसे भारत में 13 अरब डॉलर से अधिक का निवेश आया है। निवेश का यह आंकड़ा भारत और जापान के बीच घनिष्ठ संबंध को दिखाता है।

जापान ने पिछले 2 वर्षों में भारत में भिन्न भिन्न क्षेत्रों में निवेश किया है। जिसमें ऑटोमोबाइल, नवीकरणीय ऊर्जा, इस्पात, सेमीकंडक्टर और एयरोस्पेस शामिल हैं। जापान की कंपनी निप्पॉन स्टील ने गुजरात और आंध्र प्रदेश में अपने इस्पात संयंत्रों का विस्तार करने के लिए भारी निवेश किया है। वहीं, सुजुकी मोटर ने गुजरात और टोयोटा किर्लोस्कर ने कर्नाटक और महाराष्ट्र में नए संयंत्र स्थापित करने और उत्पादन क्षमता बढ़ाने का संकल्प लिया है। जापानी कंपनियों का भारत में यह निवेश न केवल भारत में रोजगार के अवसर पैदा करेगा, बल्कि भारत को वैश्विक विनिर्माण केंद्र के रूप में स्थापित करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

“मेक इन इंडिया, मेक फॉर द वर्ल्ड” का यह नारा भारत में चीजों का निर्माण करने और उसे दुनिया के लिए बाजार में उतारने के दृष्टिकोण को भी साकार करेगा। भारत और जापान के संयुक्त उद्यमों से निर्मित उत्पाद अब भारत से वैश्विक बाजारों में निर्यात किए जाएंगे। सुप्रसिद्ध जापानी कंपनी टोयोटा और सुजुकी हाइब्रिड और ईवी वाहनों का निर्माण भारत में करेंगीं और फिर उन वाहनों को अफ्रीका, मध्य पूर्व और दक्षिण-पूर्व एशिया में निर्यात किया जाएगा।

साझेदारी से तैयार होंगे सैन्य उपकरण

भारत-जापान संयुक्त रूप से वर्तमान व भविष्य की जरूरतों को देखते हुए सैन्य उपकरण व प्रौद्योगिकी विकसित करेंगे। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने 4 देशों के क्वाड के महत्वपूर्ण और स्थायी क्षेत्रीय समूह के रूप में विकसित होने का स्वागत किया। नरेंद्र मोदी ने कहा कि रक्षा सहयोग के नए ढांचे के तहत, भारत और जापान ने अपने रक्षा बलों के बीच अंतर-संचालन और तालमेल को बढ़ावा देकर एक-दूसरे की रक्षा क्षमताओं में योगदान करने का निर्णय लिया है। इसके लिए दोनों देश तीनों सेनाओं के बीच सैन्य अभ्यास बढ़ाएंगे। दोनों पक्षों ने खुफिया जानकारी और अनुभव-साझाकरण के माध्यम से आतंकवाद और संगठित अंतर्राष्ट्रीय अपराधों से निपटने के लिए सहयोग बढ़ाने का भी संकल्प लिया। इसके अतिरिक्त दोनों देशों के बीच संयुक्त रूप से ऊर्जा और पर्यावरण सहयोग के लिए भी समझौता हुआ है।