ईरान का दावा: USS Abraham Lincoln पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, क्या डूब सकता है अमेरिका का ‘समुद्री किला’?

ईरान का दावा: USS Abraham Lincoln पर 4 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, क्या डूब सकता है अमेरिका का ‘समुद्री किला’?
March 2, 2026 at 2:15 pm

मध्य पूर्व में जारी तनाव अब खतरनाक मोड़ लेता दिख रहा है। ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के अत्याधुनिक विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln को निशाना बनाते हुए चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह वही युद्धपोत है जिसे अमेरिकी नौसेना की सबसे मजबूत समुद्री ताकतों में गिना जाता है।

ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते टकराव के बीच यह दावा सामने आया है। इससे पहले ईरान इजरायल और क्षेत्र में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमलों की चेतावनी दे चुका है। अब सीधे अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर को निशाना बनाने का दावा क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है।

कितना ताकतवर है USS Abraham Lincoln?

USS Abraham Lincoln निमिट्ज श्रेणी का विमानवाहक पोत है, जिसका वजन करीब एक लाख टन है। यह पोत अकेला नहीं चलता, बल्कि इसके साथ पूरा ‘कैरियर स्ट्राइक ग्रुप’ तैनात रहता है। इसमें विध्वंसक जहाज, क्रूजर और पनडुब्बियां शामिल होती हैं, जो बहु-स्तरीय सुरक्षा कवच प्रदान करती हैं।

इस ग्रुप में तैनात युद्धपोत ‘एजिस’ कॉम्बैट सिस्टम और एसएम-6 जैसी इंटरसेप्टर मिसाइलों से लैस होते हैं, जो लंबी दूरी से ही दुश्मन की मिसाइलों को मार गिराने में सक्षम हैं। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक वॉरफेयर सिस्टम और EA-18G ग्रोलर जैसे लड़ाकू विमान दुश्मन के रडार और गाइडेंस सिस्टम को जाम कर सकते हैं।

ईरान की मारक क्षमता कितनी घातक?

ईरान के पास उन्नत एंटी-शिप और हाइपरसोनिक मिसाइलें होने का दावा किया जाता है। इनमें ‘अबू महदी’ एंटी-शिप क्रूज मिसाइल और ‘फतह-2’ जैसी हाई-स्पीड मिसाइलें शामिल हैं, जो मैक 5 से अधिक रफ्तार से उड़ने में सक्षम बताई जाती हैं।

इसके अलावा, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स बड़ी संख्या में शहीद-136 ड्रोन एक साथ लॉन्च करने की रणनीति पर काम करता है, ताकि दुश्मन की एयर डिफेंस प्रणाली पर दबाव बनाया जा सके।

क्या डुबो सकता है ईरान अमेरिकी सुपरकैरीयर?

सैन्य विशेषज्ञों के अनुसार, किसी भी आधुनिक सुपरकैरीयर को पूरी तरह डुबो देना बेहद कठिन काम है। ये जहाज दोहरी परत वाले ढांचे और कई जलरोधक खंडों के साथ बनाए जाते हैं, ताकि भारी हमलों के बाद भी तैरते रह सकें।

खुले समुद्र में 25 नॉट से अधिक रफ्तार से लगातार चल रहे इतने बड़े लक्ष्य को सटीक रूप से ट्रैक करना भी आसान नहीं होता। हालांकि, बड़े पैमाने पर समन्वित मिसाइल और ड्रोन हमले से अस्थायी नुकसान या उड़ान संचालन में बाधा संभव है।

बढ़ता तनाव, बढ़ती आशंका

मध्य पूर्व में हालिया घटनाओं ने वैश्विक सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है। अगर ईरान का दावा सही साबित होता है, तो यह अमेरिका-ईरान टकराव को एक नए स्तर पर ले जा सकता है। फिलहाल, अमेरिकी अधिकारियों की ओर से इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

स्थिति पर दुनिया की नजरें टिकी हैं, क्योंकि यह टकराव वैश्विक तेल आपूर्ति और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा संतुलन को भी प्रभावित कर सकता है।