ईरानी मिसाइल हमलों के बीच ओमान क्यों रहा सुरक्षित? 50 साल पुरानी दोस्ती बनी सुरक्षा कवच

ईरानी मिसाइल हमलों के बीच ओमान क्यों रहा सुरक्षित? 50 साल पुरानी दोस्ती बनी सुरक्षा कवच
February 28, 2026 at 9:53 pm

मिडिल ईस्ट में जारी भीषण तनाव के बीच जहां एक तरफ ईरान की मिसाइलों ने कतर, बहरीन और यूएई जैसे खाड़ी देशों में दहशत फैला दी, वहीं ओमान पूरी तरह शांत और सुरक्षित नजर आया। सवाल उठ रहा है कि आखिर ईरान ने अपने पड़ोसी देशों पर हमला किया, लेकिन ओमान को क्यों पूरी तरह नजरअंदाज कर दिया?

विशेषज्ञों का मानना है कि इसके पीछे कोई संयोग नहीं, बल्कि 50 वर्षों से मजबूत होती आ रही रणनीतिक दोस्ती और संतुलित कूटनीति है। यही कारण है कि ओमान को अक्सर ‘मिडिल ईस्ट का स्विट्जरलैंड’ कहा जाता है।

1970 के दशक से शुरू हुई भरोसे की नींव

ओमान और ईरान के रिश्तों की जड़ें 1970 के दशक में मिलती हैं। उस समय ओमान के सुल्तान काबूस बिन सैद धफर क्षेत्र में चल रहे विद्रोह से जूझ रहे थे। सत्ता को गंभीर चुनौती मिल रही थी। ऐसे संकट के दौर में ईरान के तत्कालीन शाह ने अपनी सेना ओमान की मदद के लिए भेजी। ईरानी सैनिकों की मदद से विद्रोह को कुचल दिया गया।

1979 की इस्लामी क्रांति के बाद ईरान की सत्ता बदल गई, लेकिन ओमान ने अपने संबंधों में दूरी नहीं आने दी। जहां अन्य खाड़ी देशों ने ईरान से दूरी बना ली, वहीं ओमान ने संतुलित और सकारात्मक रुख अपनाया।

तटस्थ विदेश नीति बना सबसे बड़ा कवच

ओमान खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) का सदस्य है, लेकिन उसने कभी भी सऊदी अरब की तरह खुलकर ईरान विरोधी नीति नहीं अपनाई। ओमान ने हमेशा ‘सबके साथ संवाद’ की नीति को प्राथमिकता दी। यही वजह है कि उसे क्षेत्र में एक तटस्थ और भरोसेमंद देश के रूप में देखा जाता है।

ओमान ने कई बार अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। 2015 की परमाणु समझौता वार्ताओं से लेकर मौजूदा तनाव के दौरान बैक-चैनल बातचीत तक, ओमान ने दोनों पक्षों के बीच पुल का काम किया है।

ईरान के लिए क्यों अहम है ओमान?

रणनीतिक रूप से भी ओमान का महत्व बेहद बड़ा है। अगर ईरान ओमान पर हमला करता है, तो वह क्षेत्र में अपना सबसे भरोसेमंद संवाद का रास्ता खो सकता है। ओमान ही वह मंच रहा है, जहां कट्टर विरोधी देश भी बातचीत के लिए तैयार होते हैं।

युद्ध और तनाव के इस दौर में ओमान की तटस्थता ही उसकी सबसे बड़ी ताकत बन गई है। जहां पूरा खाड़ी क्षेत्र मिसाइलों की गूंज से दहल रहा है, वहीं ओमान की शांति उसकी दशकों पुरानी संतुलित कूटनीति का परिणाम मानी जा रही है।