अमेरिका-इजरायल हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत की खबरों के बाद देश की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, ईरान की 88 सदस्यीय असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स ने उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सुप्रीम लीडर चुन लिया है। हालांकि अभी तक ईरानी सरकार की ओर से इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
बताया जा रहा है कि इस फैसले में इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स(IRGC) की भूमिका अहम रही है। अगर यह खबर आधिकारिक तौर पर सही साबित होती है तो मध्य-पूर्व की राजनीति और अमेरिका-ईरान संबंधों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है।
कौन हैं मोजतबा खामेनेई?
मोजतबा खामेनेई का जन्म 8 सितंबर 1969 को ईरान के मशहद शहर में हुआ था। वे अली खामेनेई के दूसरे बेटे हैं और एक मध्यम स्तर के शिया धर्मगुरु माने जाते हैं, जिन्हें धार्मिक उपाधि ‘होज्जतोल इस्लाम’ प्राप्त है।
उन्होंने ईरान के क़ुम शहर के प्रमुख धार्मिक सेमिनरी में इस्लामी शिक्षा हासिल की। इसके अलावा ईरान-इराक युद्ध के दौरान उन्होंने युद्ध में भी हिस्सा लिया था।
मोजतबा खामेनेई कभी किसी बड़े सरकारी पद पर नहीं रहे, लेकिन लंबे समय से उन्हें अपने पिता के कार्यालय का बेहद प्रभावशाली व्यक्ति माना जाता रहा है। कई रिपोर्ट्स में उन्हें सुप्रीम लीडर कार्यालय का ‘गेट कीपर’ कहा गया है, जो पर्दे के पीछे रहकर अहम फैसलों पर असर डालते थे।
IRGC से करीबी संबंध
विश्लेषकों का मानना है कि मोजतबा खामेनेई के IRGC (इस्लामिक रिवॉल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स) से काफी करीबी रिश्ते हैं। माना जाता है कि सुरक्षा और सैन्य रणनीति से जुड़े कई अहम फैसलों में उनका प्रभाव रहा है।
2009 के ग्रीन मूवमेंट और 2022 में महसा अमीनी की मौत के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों के दौरान सुरक्षा बलों की कार्रवाई में भी उनका नाम चर्चा में आया था।
इसी वजह से 2019 में अमेरिका के ट्रेजरी विभाग ने मोजतबा खामेनेई पर प्रतिबंध भी लगाया था।
क्या बेटे को सुप्रीम लीडर बनाना संभव है?
ईरान के संविधान के मुताबिक, सुप्रीम लीडर का चयन असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स करती है। आम तौर पर इस पद को वंशानुगत नहीं माना जाता, क्योंकि इस्लामी शासन व्यवस्था में पारिवारिक उत्तराधिकार को स्वीकार नहीं किया जाता।
खुद अयातुल्लाह अली खामेनेई ने भी पहले कहा था कि “वंशानुगत शासन इस्लामी सिद्धांतों के खिलाफ है।”
रिपोर्ट्स के मुताबिक, खामेनेई ने अपने जीवनकाल में तीन अन्य संभावित उत्तराधिकारियों के नाम पर भी विचार किया था। ऐसे में मोजतबा खामेनेई का नाम सामने आना ईरान की राजनीति में बेहद संवेदनशील माना जा रहा है।
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने की आशंका
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मोजतबा खामेनेई के सुप्रीम लीडर बनने की पुष्टि होती है, तो अमेरिका और ईरान के बीच तनाव और बढ़ सकता है।
मध्य-पूर्व में पहले से ही चल रहे संघर्ष और अमेरिका-इजरायल के साथ टकराव के बीच यह घटनाक्रम क्षेत्रीय राजनीति को और अधिक अस्थिर बना सकता है।
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