पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव और वैश्विक सुरक्षा चुनौतियों के बीच अमेरिका अपनी सैन्य तैयारी को मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम उठाने जा रहा है। दशकों बाद अमेरिकी सैन्य भर्ती प्रणाली में बदलाव प्रस्तावित है, जिसके तहत 18 से 26 वर्ष के योग्य पुरुषों का ‘ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन’ किया जाएगा। हालांकि इस कदम को सीधे तौर पर ईरान से जारी तनाव से जोड़कर नहीं देखा जा रहा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय हालात ने इस नीति को फिर चर्चा में ला दिया है।
अमेरिका में लंबे समय से लागू ‘सेलेक्टिव सर्विस सिस्टम’ के तहत युवाओं को सेना में भर्ती के लिए रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होता है। अब प्रस्ताव है कि इस प्रक्रिया को स्वतः (ऑटोमैटिक) बना दिया जाए, ताकि पात्र युवाओं को अलग से आवेदन न करना पड़े।
इस नए प्रस्ताव के अनुसार, 18 से 26 वर्ष की आयु के सभी योग्य पुरुष नागरिकों और देश में रहने वाले अन्य पुरुष व्यक्तियों को स्वतः इस सूची में शामिल कर लिया जाएगा। इसका मतलब यह है कि अब युवाओं को खुद जाकर रजिस्ट्रेशन कराने की जरूरत नहीं होगी, बल्कि सरकारी रिकॉर्ड के आधार पर उनका नाम स्वतः जुड़ जाएगा।
यह बदलाव अमेरिकी रक्षा नीति में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है, क्योंकि आखिरी बार इस तरह की अनिवार्य सैन्य भर्ती प्रक्रिया वियतनाम युद्ध के दौरान सक्रिय रूप से लागू की गई थी। फरवरी 1973 के बाद अमेरिका ने सक्रिय ड्राफ्ट सिस्टम को समाप्त कर दिया था, हालांकि रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया जारी रही।
इस सिस्टम के तहत अगर भविष्य में ‘ड्राफ्ट’ लागू होता है, तो सभी पंजीकृत युवाओं में से लॉटरी के आधार पर चयन किया जाएगा। चयन प्रक्रिया पूरी तरह यादृच्छिक (रैंडम) होगी, जिसमें जन्मतिथि और अन्य मानकों के आधार पर प्राथमिकता तय की जाएगी।
द्वितीय विश्व युद्ध और वियतनाम युद्ध के दौरान अमेरिका ने बड़े पैमाने पर सैन्य भर्ती के लिए ड्राफ्ट सिस्टम का उपयोग किया था। द्वितीय विश्व युद्ध में लगभग 1 करोड़ से अधिक पुरुषों को सेना में शामिल किया गया था, जो इतिहास का सबसे बड़ा सैन्य जुटान था।
वियतनाम युद्ध के बाद अमेरिका ने अनिवार्य भर्ती प्रणाली को खत्म कर दिया और ‘ऑल-वॉलंटियर फोर्स’ (स्वैच्छिक सेना) मॉडल अपनाया। इसके बावजूद, सेलेक्टिव सर्विस के तहत रजिस्ट्रेशन आज भी कानूनी रूप से जरूरी है।
2024 की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के 46 राज्यों में पहले से ही किसी न किसी रूप में ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन की व्यवस्था लागू है। अब इसे राष्ट्रीय स्तर पर लागू करने की दिशा में कदम उठाया जा रहा है।
इस प्रस्ताव का सीधा असर अमेरिकी युवाओं पर पड़ेगा, खासकर 18 से 26 वर्ष के पुरुषों पर।
वैश्विक स्तर पर इसका संदेश यह है कि अमेरिका अपनी सैन्य तैयारियों को लेकर सतर्क है। यह कदम चीन, रूस और ईरान जैसे देशों के साथ बढ़ते तनाव के बीच रणनीतिक तैयारी का हिस्सा भी माना जा रहा है।
भारत के संदर्भ में देखें तो यह संकेत देता है कि वैश्विक सैन्य संतुलन में बदलाव आ रहा है। भारत जैसे देशों के लिए यह जरूरी हो जाता है कि वे अपनी रक्षा नीति और रणनीति को समय के साथ अपडेट करते रहें।
अमेरिकी प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस कदम का मौजूदा ईरान तनाव से सीधा संबंध नहीं है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, यह प्रस्ताव कई महीनों पहले ही तैयार किया गया था और इसे दोनों प्रमुख राजनीतिक दलों का समर्थन प्राप्त है।
राष्ट्रपति Donald Trump द्वारा दिसंबर में नेशनल डिफेंस ऑथराइजेशन एक्ट पर हस्ताक्षर करने के बाद इसे कानूनी आधार मिला। हालांकि, प्रशासन ने यह भी कहा है कि फिलहाल अनिवार्य सैन्य भर्ती (ड्राफ्ट) लागू करने की कोई तत्काल योजना नहीं है।
यह कदम केवल प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि एक रणनीतिक संकेत भी है। अमेरिका यह सुनिश्चित करना चाहता है कि अगर भविष्य में किसी बड़े युद्ध या संकट की स्थिति बनती है, तो उसके पास पर्याप्त मानव संसाधन उपलब्ध हो।
हालांकि, आलोचक इसे नागरिक स्वतंत्रता के दृष्टिकोण से भी देख रहे हैं। उनका मानना है कि ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन से व्यक्तिगत विकल्पों की भूमिका कम हो सकती है।
दूसरी ओर, समर्थकों का तर्क है कि यह एक व्यावहारिक और आधुनिक कदम है, जो डिजिटल युग में प्रक्रियाओं को सरल बनाता है और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करता है।
यह भी ध्यान देने वाली बात है कि इस प्रक्रिया में महिलाओं को शामिल करने पर भी अमेरिका में बहस चल रही है, हालांकि फिलहाल यह प्रस्ताव केवल पुरुषों तक सीमित है।
अमेरिका का यह कदम दिखाता है कि बदलते वैश्विक परिदृश्य में देश अपनी सैन्य तैयारियों को नए सिरे से परिभाषित कर रहे हैं। ऑटोमैटिक मिलिट्री रजिस्ट्रेशन एक प्रशासनिक सुधार के साथ-साथ एक रणनीतिक तैयारी भी है।
हालांकि फिलहाल ड्राफ्ट लागू नहीं किया गया है, लेकिन इस व्यवस्था के जरिए अमेरिका भविष्य की संभावित चुनौतियों के लिए खुद को तैयार कर रहा है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि यह नीति किस तरह लागू होती है और इसका सामाजिक व राजनीतिक प्रभाव क्या पड़ता है।
1. क्या अमेरिका में फिर से अनिवार्य सैन्य भर्ती शुरू हो गई है?
नहीं, अभी केवल ऑटोमैटिक रजिस्ट्रेशन लागू किया जा रहा है, ड्राफ्ट लागू नहीं हुआ है।
2. किन लोगों को रजिस्ट्रेशन करना होगा?
18 से 26 वर्ष के पुरुष नागरिक और देश में रहने वाले योग्य पुरुष।
3. क्या महिलाओं को भी इसमें शामिल किया जाएगा?
फिलहाल नहीं, लेकिन इस पर बहस जारी है।
4. रजिस्ट्रेशन न करने पर क्या सजा है?
कानूनी कार्रवाई, जुर्माना और सरकारी सुविधाओं से वंचित किया जा सकता है।
5. क्या यह ईरान युद्ध से जुड़ा हुआ है?
सरकार के अनुसार, यह निर्णय पहले लिया गया था और इसका सीधा संबंध मौजूदा तनाव से नहीं है।
ईरान तनाव के बीच अमेरिका में ‘ऑटोमैटिक मिलिट्री रजिस्ट्रेशन’ का बड़ा कदम, युवाओं के लिए क्या बदलेगा नियम?