ईरान के युद्धपोत पर अमेरिकी टॉरपीडो हमला: 80 साल बाद फिर दिखी पनडुब्बी की ताकत, जानें 1945 में जापानी जहाज कैसे डुबोए थे

ईरान के युद्धपोत पर अमेरिकी टॉरपीडो हमला: 80 साल बाद फिर दिखी पनडुब्बी की ताकत, जानें 1945 में जापानी जहाज कैसे डुबोए थे
March 6, 2026 at 2:17 pm

मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी नौसेना ने बड़ा सैन्य ऑपरेशन अंजाम दिया है। अमेरिकी पनडुब्बी ने टॉरपीडो हमला कर ईरान के एक युद्धपोत को समुद्र में डुबो दिया। रिपोर्ट के मुताबिक इस हमले में करीब 100 लोगों की मौत हुई है।

इस घटना को सैन्य इतिहास में बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार द्वितीय विश्वयुद्ध के बाद पहली बार किसी अमेरिकी पनडुब्बी ने दुश्मन के जहाज को टॉरपीडो से नष्ट किया है

ऐसे में सवाल उठता है कि आखिरी बार अमेरिकी पनडुब्बियों ने किसी दुश्मन जहाज को कब डुबोया था। इसके लिए इतिहास के पन्नों को लगभग 80 साल पीछे, यानी 1945 तक पलटना पड़ता है।

द्वितीय विश्वयुद्ध में जापान के जहाज बने थे निशाना

द्वितीय विश्व युद्ध के अंतिम दिनों में प्रशांत महासागर में अमेरिकी पनडुब्बियां लगातार जापानी नौसेना के जहाजों को निशाना बना रही थीं। उस समय जापान परमाणु हमलों और लगातार सैन्य हार के कारण काफी कमजोर हो चुका था।

14 अगस्त 1945 को, जिस दिन अमेरिकी राष्ट्रपति हैरी ट्रूमैन ने जापान के आत्मसमर्पण की घोषणा की थी, उसी दिन अमेरिकी पनडुब्बियों ने जापान के कई जहाजों को समुद्र में डुबो दिया था।

अमेरिकी पनडुब्बी ने जापानी पनडुब्बी को किया तबाह

रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिकी पनडुब्बी USS स्पाइक फिश (SS-404) ने पूर्वी चीन सागर में जापान की परिवहन पनडुब्बी I-373 को निशाना बनाया।

रात करीब 4:24 बजे स्पाइकफिश ने लगभग 1.1 किलोमीटर की दूरी से छह Mk-14 टॉरपीडो दागे। इनमें से दो टॉरपीडो सीधे जापानी पनडुब्बी से टकराए, जिससे वह कुछ ही मिनटों में समुद्र में डूब गई।

इस हमले में जापानी पनडुब्बी के 84 नाविक मारे गए, जबकि पांच लोग समुद्र में तैरते मिले। हालांकि उन्होंने अमेरिकी पनडुब्बी की मदद लेने से इनकार कर दिया।

उसी दिन डूबे जापान के दो और युद्धपोत

उसी दिन अमेरिकी पनडुब्बी USS टॉर्स्क ने जापान के दो एस्कॉर्ट जहाजों को निशाना बनाया। यह हमला जापान के समुद्री क्षेत्र में मैइजुरु बंदरगाह के पास हुआ था।

सबसे पहले टॉर्स्क ने जापानी एस्कॉर्ट जहाज CD-47 पर हमला किया। Mk-28 टॉरपीडो के जोरदार विस्फोट से जहाज का पिछला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और वह तेजी से समुद्र में डूब गया।

कुछ समय बाद दूसरा जापानी एस्कॉर्ट जहाज CD-13 वहां पहुंचा, लेकिन टॉर्स्क ने इस बार Mk-27 ‘CUTIE’ टॉरपीडो का इस्तेमाल किया, जो लक्ष्य का पीछा करने वाली तकनीक से लैस था। तेज धमाके के साथ यह जहाज भी समुद्र में समा गया।

इतिहासकारों के मुताबिक CD-13 द्वितीय विश्वयुद्ध में डूबा आखिरी जापानी युद्धपोत था। इसके बाद लंबे समय तक अमेरिकी पनडुब्बियों ने किसी दुश्मन जहाज को टॉरपीडो से नहीं डुबोया था।

अब करीब 80 साल बाद ईरान के युद्धपोत पर हुआ हमला एक बार फिर पनडुब्बियों की ताकत और समुद्री युद्ध की रणनीति को चर्चा में ले आया है।