गुरुग्राम में मृत व्यक्ति का 20 करोड़ का प्लॉट फर्जीवाड़े से बेचा गया, DETC समेत 4 पर केस; आज कोर्ट में सुनवाई

गुरुग्राम में मृत व्यक्ति का 20 करोड़ का प्लॉट फर्जीवाड़े से बेचा गया, DETC समेत 4 पर केस; आज कोर्ट में सुनवाई
January 30, 2026 at 2:29 pm

गुरुग्राम के सेक्टर-53 स्थित सनसिटी सोसाइटी में एक बड़े प्रॉपर्टी घोटाले का खुलासा हुआ है। यहां एक मृत व्यक्ति के नाम दर्ज करीब 20 करोड़ रुपये कीमत के प्लॉट को फर्जी दस्तावेजों के जरिए बेच दिया गया। इस मामले में डी ईटी सी ( जिला एक्साइज एंड टैक्सेशन कमिश्नर ) सरोज देवी समेत चार लोगों पर एफ आई आर दर्ज की गई है।

मामले की आजकोर्ट में सुनवाई होनी है, जबकि पीड़ित परिवार आरोपियों की गिरफ्तारी और सख्त कार्रवाई की मांग कर रहा है।

2004 में मिला था प्लॉट, 2013 में हो गई थी मौत

शिकायतकर्ता दिनेश ने बताया कि उनके भाई अनुराग को वर्ष 2004 में सनसिटी सोसाइटी में 500 गज का प्लॉट(B-30G) आवंटित हुआ था। कंपनी को पूरी रकम उनके खाते से जमा कराई गई थी।

2013 में अनुराग की मृत्यु हो गई थी। उस समय उनका बेटा विदेश में पढ़ाई कर रहा था। इसके बाद परिवार लगातार प्लॉट को नामांतरण कराने की कोशिश करता रहा, लेकिन कंपनी की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।

2020 में फर्जी दस्तावेजों से कर दी गई रजिस्ट्री

शिकायत के अनुसार, कोविड काल में साल 2020 के दौरान कुछ अधिकारियों और बाहरी लोगों की मिलीभगत से फर्जी दस्तावेज तैयार किए गए।

  • 22 जनवरी 2004 का फर्जी अलॉटमेंट लेटर बनाया गया
  • 16 नवंबर 2020 को कन्वेयंस डीड रजिस्टर्ड कराई गई
  • 12 नवंबर 2020 को फर्जी बोर्ड रेजोल्यूशन तैयार किया गया


इन्हीं कागजातों के आधार पर प्लॉट को पहले राजबाला और फिर 26 जुलाई 2021 को नीना चावला के नाम 3.40 करोड़ रुपये में ट्रांसफर कर दिया गया।

वर्तमान में नीना चावला का कब्जा

फिलहाल प्लॉट पर नीना चावला का कब्जा बताया जा रहा है। जब पीड़ित परिवार को निर्माण कार्य की जानकारी मिली, तब उन्हें पूरे फर्जीवाड़े का पता चला और सेक्टर-53 थाने में शिकायत दर्ज कराई गई।

एक आरोपी की जमानत खारिज

इस मामले में एक आरोपी की जमानत याचिका पहले ही खारिज हो चुकी है। पुलिस के अनुसार, डीईटीसी सरोज देवी अपने पद और प्रभाव का इस्तेमाल कर जांच से बचने की कोशिश कर रही हैं।

परिवार ने की सख्त कार्रवाई की मांग

पीड़ित परिवार का कहना है कि यह पूरा मामला जालसा जी, और सरकारी पद के दुरुपयोग का है। उन्होंने पुलिस अधिकारियों से मिलकर दोषियों की जल्द गिरफ्तारी और संपत्ति वापस दिलाने की मांग की है।