रवि पुष्य योग में माघी पूर्णिमा स्नान, प्रयागराज से अयोध्या तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम

रवि पुष्य योग में माघी पूर्णिमा स्नान, प्रयागराज से अयोध्या तक श्रद्धालुओं की भारी भीड़, सुरक्षा के कड़े इंतजाम
February 1, 2026 at 1:14 pm

माघ मेला 2026: संगम पर आस्था का महासंगम

प्रयागराज में चल रहे माघ मेला 2026 के दौरान आज माघी पूर्णिमा के अवसर पर संगम तट पर श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम पर सुबह ब्रह्म मुहूर्त से ही स्नान शुरू हो गया था।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, आज रवि पुष्य योग बनने से इस स्नान का महत्व कई गुना बढ़ गया है। ठंड और कोहरे के बावजूद लाखों श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगाने पहुंचे।

सुबह 10 बजे तक 20 लाख श्रद्धालुओं ने किया स्नान

प्रशासन के मुताबिक:

  • सुबह 10 बजे तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु संगम में स्नान कर चुके हैं
  • दिन के अंत तक 1.5 करोड़ से ज्यादा श्रद्धालुओं के पहुंचने का अनुमान
  • सुबह 8 बजे तक ही 10 लाख लोग स्नान कर चुके थे

श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है।

कल्पवासी शिविर में लगी आग, मचा हड़कंप

माघ मेले के सेक्टर-2 (गाटा संख्या 5) में उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक कल्पवासी शिविर में गैस सिलेंडर लीक होने से आग लग गई।

घटना का विवरण:

  • समय: सुबह करीब 7:45 बजे
  • स्थान: ललन जी पंडा का शिविर
  • कारण: रसोई गैस सिलेंडर लीक
  • शिविर में मौजूद लोग: लगभग 300
  • टेंट की संख्या: करीब 80

फायर ब्रिगेड की टीम ने तुरंत पहुंचकर आग पर काबू पाया। राहत की बात यह रही कि कोई जनहानि नहीं हुई

अयोध्या में कोहरा और शीतलहर, फिर भी श्रद्धालु डटे

राम नगरी अयोध्या में मौसम ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है।
घने कोहरे और शून्य दृश्यता के बावजूद श्रद्धालु सुबह 4 बजे से ही सरयू स्नान और राम मंदिर दर्शन के लिए पहुंचे।

श्रद्धालुओं का कहना है कि:

  • ठंड काफी ज्यादा है
  • अलाव और गर्म व्यवस्था नाकाफी है
  • फिर भी आस्था भारी पड़ रही है


सुरक्षा के कड़े इंतजाम, AI कैमरों से निगरानी

माघ मेला प्रशासन ने सुरक्षा को लेकर कोई कोताही नहीं बरती है।

सुरक्षा व्यवस्था:

  • 150+ AI कैमरे
  • 400 से अधिक CCTV
  • ड्रोन से निगरानी
  • ATS, RAF, PAC तैनात
  • NDRF और SDRF की जल टीमें
  • 3.5 किमी लंबे घाटों पर गोताखोर

पूरे मेला क्षेत्र को हाई अलर्ट जोन घोषित किया गया है।

ट्रैफिक प्लान और कल्पवास समापन

माघी पूर्णिमा के साथ ही एक माह से चल रहा कल्पवास भी समाप्त हो गया।

प्रशासन की व्यवस्था:

  • भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित
  • वन-वे ट्रैफिक सिस्टम लागू
  • VIP मूवमेंट पूरी तरह बंद
  • श्रद्धालुओं की सुरक्षित वापसी पर फोकस


धार्मिक मान्यता

धार्मिक मान्यता के अनुसार:

  • माघी पूर्णिमा पर देवता पृथ्वी पर आते हैं
  • संगम स्नान से पुण्य और मोक्ष की प्राप्ति होती है
  • रवि पुष्य योग में किया गया दान अक्षय फल देता है


निष्कर्ष

माघ मेला 2026 ने एक बार फिर आस्था, व्यवस्था और आस्था की शक्ति का अद्भुत संगम दिखाया है। भारी भीड़, कड़ाके की ठंड और सुरक्षा चुनौतियों के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था डगमगाई नहीं। प्रशासन की मुस्तैदी से अब तक स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है।