दिल्ली के वजीराबाद इलाके से 17 फरवरी 2026 को लापता हुई 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को चार दिन बाद सुरक्षित बरामद कर लिया गया। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने लगातार प्रयासों और तकनीकी निगरानी के जरिए इंदरपुरी मेन मार्केट से लड़की को खोज निकाला।
परिवार के लिए यह चार दिन किसी लंबे अंधेरे से कम नहीं थे। जिस घर में कुछ दिन पहले तक हंसी-खुशी का माहौल था, वहां अचानक सन्नाटा पसर गया। माता-पिता हर फोन कॉल पर चौंक उठते थे और दरवाजे की आहट पर उम्मीद बांध लेते थे। पड़ोसी भी परिवार के साथ खड़े रहे और लगातार ढांढस बंधाते रहे।
तुरंत दर्ज हुई एफआईआर, मामला बना संवेदनशील
मामले की गंभीरता को देखते हुए वजीराबाद थाने में तुरंत एफआईआर दर्ज की गई। चूंकि लड़की नाबालिग थी, इसलिए केस को संवेदनशील श्रेणी में रखा गया और प्राथमिकता के आधार पर जांच शुरू की गई।
दिल्ली पुलिस क्राइम ब्रांच की एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) ने जांच की कमान संभाली। इंस्पेक्टर मुकेश कुमार, एएसआई अजय कुमार झा और महिला हेड कांस्टेबल मोनिका की टीम ने एसीपी सुरेश कुमार की निगरानी में छानबीन शुरू की।
तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना से मिला सुराग
दिल्ली जैसे विशाल और भीड़भाड़ वाले शहर में किसी एक व्यक्ति को तलाशना चुनौतीपूर्ण होता है। इसके बावजूद पुलिस टीम ने हार नहीं मानी।
परिवार, दोस्तों और आस-पड़ोस के लोगों से पूछताछ कर हर छोटी जानकारी को सुराग बनाया गया। तकनीकी सर्विलांस और गुप्त सूचना के आधार पर आखिरकार टीम ने इंदरपुरी के मेन मार्केट में लड़की की लोकेशन ट्रेस कर ली।
परिवार में लौटी मुस्कान
जैसे ही लड़की के सुरक्षित मिलने की सूचना परिवार तक पहुंची, घर में राहत की लहर दौड़ गई। मां की आंखों से आंसू बह निकले, लेकिन इस बार ये आंसू डर के नहीं बल्कि सुकून और खुशी के थे।
दिल्ली पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई ने एक परिवार की दुनिया फिर से रोशन कर दी। यह घटना एक बार फिर बताती है कि नाबालिगों के मामलों में समय पर कार्रवाई और तकनीकी जांच कितनी अहम भूमिका निभाती है।
चार दिन बाद मिली 16 साल की लापता बेटी, दिल्ली पुलिस AHTU की मेहनत लाई रंग