कॉमेडी से करोड़ों लोगों को हंसाने वाले Rajpal Yadav इन दिनों खुद मुश्किल हालात का सामना कर रहे हैं। करीब 9 करोड़ रुपये के चेक बाउंस मामले में उन्हें दिल्ली की Tihar Jail के जेल नंबर 2 में सजा काटनी पड़ रही है। यह वही हाई-सिक्योरिटी जेल है, जहां कभी Chhota Rajan और Neeraj Bawana जैसे कुख्यात अपराधी भी बंद रह चुके हैं।
नहीं मिल रहा कोई वीआईपी ट्रीटमेंट
सूत्रों के अनुसार, राजपाल यादव को जेल के अंदर किसी तरह की विशेष सुविधा नहीं दी जा रही है। वह पूरी तरह जेल मैनुअल के तहत आम कैदी की तरह रह रहे हैं। न तो अलग बैरक, न अतिरिक्त सहूलियत—सब कुछ नियमों के अनुसार।
ऐसा है जेल के अंदर उनका रोज़ का रूटीन
तिहाड़ जेल में दिनचर्या बेहद अनुशासित मानी जाती है। राजपाल यादव को भी इसी सख्त शेड्यूल का पालन करना पड़ रहा है।
अन्य कैदियों में उत्सुकता, लेकिन दूरी बरकरार
एक नामी फिल्मी चेहरा जेल में होने की वजह से कई कैदी उनसे मिलने के इच्छुक हैं, लेकिन जेल नंबर 2 हाई-सिक्योरिटी ज़ोन होने के कारण किसी को भी उनके आसपास जाने की अनुमति नहीं है। सुरक्षा बेहद कड़ी है।
क्यों पहुंचा मामला जेल तक? पूरी कानूनी टाइम लाइन
राजपाल यादव का यह मामला साल 2010 से जुड़ा है, जब उन्होंने अपनी डायरेक्टोरियल फिल्म ‘अता पता लापता’ के लिए मुरली प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड से करीब 5 करोड़ रुपये का लोन लिया था। फिल्म फ्लॉप होने के बाद कर्ज चुकाना मुश्किल हो गया।
आगे क्या?
अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि कानूनी स्तर पर आगे क्या राहत मिलती है। फिलहाल राजपाल यादव तिहाड़ जेल में सजा काट रहे हैं और उनके फैंस इस मुश्किल दौर के जल्द खत्म होने की उम्मीद कर रहे हैं।
निष्कर्ष: तिहाड़ जेल में नियम सबके लिए एक जैसे हैं—चाहे आम कैदी हो या बड़ा फिल्मी सितारा।
तिहाड़ जेल में राजपाल यादव की जिंदगी: जहां कभी छोटा राजन रहा, वहीं काट रहे हैं दिन-रात, कैसी मिल रही हैं सुविधाएं?