महाराष्ट्र की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव की आहट तेज हो गई है। एनसीपी से जुड़े सूत्रों के मुताबिक, राज्यसभा सांसद और अजित पवार की पत्नी सुनेत्रा पवार को महाराष्ट्र की अगली उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की चर्चा जोरों पर है। अगर यह फैसला होता है, तो सुनेत्रा पवार राज्य की पहली महिला डिप्टी सीएम बनकर इतिहास रच देंगी।
अजित पवार के हालिया निधन के बाद पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर मंथन जारी है। ऐसे में पार्टी नेतृत्व और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं का मानना है कि सुनेत्रा पवार ही वह चेहरा हैं जो न केवल अजित पवार की राजनीतिक विरासत को आगे बढ़ा सकती हैं, बल्कि पार्टी को एकजुट रखने में भी अहम भूमिका निभा सकती हैं।
सुनेत्रा पवार अपने शांत स्वभाव, सामाजिक जुड़ाव और प्रशासनिक समझ के लिए जानी जाती हैं। लंबे समय से वह बारामती क्षेत्र में सामाजिक कार्यों से जुड़ी रही हैं और जनता के बीच उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। यही वजह है कि मौजूदा राजनीतिक हालात में उन्हें उपमुख्यमंत्री पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा है।
सुनेत्रा पवार: प्रोफाइल एक नजर में
जन्म और शिक्षा
सुनेत्रा पवार का जन्म 18 अक्टूबर 1963 को महाराष्ट्र के धाराशिव (पूर्व में उस्मानाबाद) जिले में हुआ था। वह प्रदेश के वरिष्ठ नेता पद्मसिंह पाटिल की पुत्री हैं, जो राज्य सरकार में मंत्री और लोकसभा सांसद रह चुके हैं।
उन्होंने औरंगाबाद स्थित डॉ. बाबासाहेब अंबेडकर मराठवाड़ा विश्वविद्यालय से बी.कॉम की पढ़ाई की है।
सामाजिक और राजनीतिक सफर
हालांकि वह लंबे समय से पवार परिवार की राजनीति से जुड़ी रहीं, लेकिन सक्रिय राजनीति में उनका प्रवेश 2024 में हुआ। इसके बाद उन्हें राज्यसभा सांसद के रूप में चुना गया। वर्तमान में वह संसद की कई अहम समितियों की सदस्य हैं और राष्ट्रीय स्तर पर महाराष्ट्र का प्रतिनिधित्व कर रही हैं।
इसके अलावा सुनेत्रा पवार एन्वायरमेंटलफोरमऑफइंडिया की संस्थापक भी हैं और वर्षों से सामाजिक व पर्यावरणीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाती रही हैं।
राजनीतिक मायने
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि सुनेत्रा पवार को उपमुख्यमंत्री बनाया जाता है, तो यह न केवल एनसीपी के लिए भावनात्मक मजबूती होगी बल्कि पार्टी को नए सिरे से संगठित करने में भी मदद मिलेगी।
उनकी छवि एक संतुलित, संयमित और ज़मीनी नेता की मानी जाती है, जो कठिन समय में पार्टी को स्थिरता दे सकती हैं।