तमिलनाडु चुनाव से पहले बड़ा सियासी दांव, शशिकला ने बनाई नई द्रविड़ियन पार्टी

तमिलनाडु चुनाव से पहले बड़ा सियासी दांव, शशिकला ने बनाई नई द्रविड़ियन पार्टी
February 25, 2026 at 1:33 pm

तमिलनाडु की राजनीति में विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। पूर्व मुख्यमंत्री जे. जयललिता की करीबी रहीं वी.के. शशिकला ने अपनी नई द्रविड़ियन पार्टी के गठन का ऐलान कर दिया है। लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखने के बाद शशिकला ने रामनाथपुरम में आयोजित एक बड़ी जनसभा में यह घोषणा की।

‘चिन्नम्मा’ के नाम से मशहूर शशिकला ने कहा कि वह जयललिता के सपनों को पूरा करने के लिए राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाएंगी। उन्होंने मंच से ही पार्टी का झंडा भी लॉन्च किया, जिसमें काला, सफेद और लाल रंग शामिल हैं। झंडे के केंद्र में द्रविड़ आंदोलन के प्रमुख चेहरों—पेरियार, अन्ना, एमजी रामचंद्रन और जयललिता—की तस्वीरें प्रदर्शित की गई हैं। हालांकि, पार्टी के नाम की आधिकारिक घोषणा अभी बाकी है।

AIADMK और पलानीस्वामी पर गंभीर आरोप

अपने संबोधन में शशिकला ने अपनी पूर्व पार्टी All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam (AIADMK) और उसके महासचिव ई.के. पलानीस्वामी पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने बिना नाम लिए पलानीस्वामी पर ‘गद्दारी’ का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस व्यक्ति को उन्होंने मुख्यमंत्री बनाया, उसी ने उन्हें पार्टी से बाहर करने का प्रस्ताव पारित कराया। शशिकला ने दावा किया कि जेल में रहने के दौरान उन्हें राजनीतिक साजिश के तहत परेशान किया गया और पैरोल अवधि भी घटा दी गई।

2016 की घटनाओं का जिक्र

शशिकला ने 2016 में जयललिता के निधन के समय की घटनाओं को याद करते हुए कहा कि मंत्रियों और विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री बनने का आग्रह किया था, लेकिन उन्होंने पारिवारिक जिम्मेदारियों का हवाला देकर यह प्रस्ताव ठुकरा दिया। उनका दावा है कि उन्होंने ही ओ. पन्नीरसेल्वम को मुख्यमंत्री पद पर बने रहने के लिए कहा था।

10 चुनावी हार पर तंज

शशिकला ने AIADMK की लगातार चुनावी हार को लेकर मौजूदा नेतृत्व पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पार्टी पिछले कई चुनावों में जीत दर्ज करने में असफल रही है और विपक्ष की भूमिका भी प्रभावी ढंग से नहीं निभा पाई।

क्या बदलेगा तमिलनाडु का सियासी गणित?

तमिलनाडु में आगामी विधानसभा चुनाव को देखते हुए शशिकला की एंट्री से मुकाबला बहुकोणीय हो सकता है।

मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन अपनी सरकार के ‘द्रविड़ियन मॉडल’ के साथ मैदान में हैं। वहीं, AIADMK हाल ही में भारतीय जनता पार्टी (BJP) के साथ गठबंधन में लौटी है। इसके अलावा अभिनेता विजय ने भी अपनी पार्टी तमिलगा वेत्री कड़गम (TVK) के जरिए युवाओं के बीच मजबूत पैठ बनाई है।

राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, शशिकला का मुख्य लक्ष्य AIADMK के पारंपरिक वोट बैंक और ‘अम्मा’ समर्थकों को फिर से अपने साथ जोड़ना है। हालांकि, उनके सामने सबसे बड़ी चुनौती संगठन खड़ा करना और विश्वसनीयता बहाल करना होगी।

अब देखना होगा कि शशिकला का यह सियासी दांव तमिलनाडु की राजनीति में कितना असर डालता है और चुनावी नतीजों पर इसका क्या प्रभाव पड़ता है।