ईरान पर सात देशों का संभावित हमला? अमेरिका की तैयारी के जवाब में खामेनेई की बड़ी रणनीति

ईरान पर सात देशों का संभावित हमला? अमेरिका की तैयारी के जवाब में खामेनेई की बड़ी रणनीति
January 31, 2026 at 2:34 pm

मिडिल ईस्ट एक बार फिर बड़े युद्ध की ओर बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमेरिका और उसके सहयोगी देशों द्वारा ईरान के खिलाफ सैन्य कार्रवाई की तैयारी की खबरों ने पूरे क्षेत्र में तनाव बढ़ा दिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका ने ईरान पर संभावित हमले के लिए एक गुप्त टारगेट लिस्ट तैयार की है, जिसे इजरायल, ब्रिटेन, फ्रांस और कुछ अरब देशों के साथ साझा किया गया है।

बताया जा रहा है कि इस रणनीति में ईरान के परमाणु ठिकानों से लेकर सैन्य ठिकानों तक को निशाना बनाने की योजना शामिल है।

अमेरिका की तैयारी से क्यों बढ़ा तनाव?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में ईरान में चल रहे विरोध प्रदर्शनों और उसके परमाणु कार्यक्रम को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। कई अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि अमेरिका ने ईरान पर “निर्णायक सैन्य कार्रवाई” के लिए योजना बना ली है।

इस कथित योजना में —

  • इजरायल
  • ब्रिटेन
  • फ्रांस
  • संयुक्त अरब अमीरात
  • जॉर्डन

जैसे देशों की भूमिका बताई जा रही है। हालांकि सऊदी अरब, कतर, ओमान और मिस्र इस हमले से दूरी बनाए हुए हैं।

किन ठिकानों को बनाया जा सकता है निशाना?

रिपोर्ट्स के मुताबिक संभावित हमले तीन स्तरों पर हो सकते हैं—

परमाणु ठिकाने

ईरान के फोर्डो, नतांज और इस्फहान जैसे न्यूक्लियर साइट्स दोबारा निशाने पर आ सकते हैं।

सैन्य नेतृत्व

इसमें ईरान के टॉप कमांडर, IRGC से जुड़े अधिकारी और आंतरिक सुरक्षा तंत्र शामिल हो सकते हैं।

रणनीतिक सैन्य ठिकाने

  • बैलिस्टिक मिसाइल फैक्ट्रियां
  • एयर डिफेंस सिस्टम
  • सैन्य बेस
  • साइबर और गुप्त ऑपरेशन


अमेरिका के हमले पर ईरान का पलटवार कैसा होगा?

ईरान पहले ही साफ कर चुका है कि अगर उस पर हमला हुआ तो जवाब सीमित नहीं रहेगा। उसकी रणनीति सीधी जंग से ज्यादा नुकसान पहुंचाने वाली होगी।

मिसाइल और ड्रोन अटैक

ईरान के पास हजारों बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन हैं, जिनकी रेंज इजरायल और खाड़ी देशों तक है।
कतर, इराक, बहरीन और यूएई में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकाने सीधे निशाने पर आ सकते हैं।

2025 में भी ऐसा ही हुआ था जब ईरान ने कतर के अल-उदीद एयरबेस पर मिसाइल दागी थी।

इजरायल बनेगा सबसे बड़ा टारगेट?

ईरान मानता है कि अमेरिका को सबसे ज्यादा दबाव इजरायल को नुकसान पहुंचाकर बनाया जा सकता है।
इसीलिए किसी भी बड़े संघर्ष में इजरायल पहला निशाना बन सकता है।

ईरान या उसके सहयोगी—

  • मिसाइल हमले
  • ड्रोन स्ट्राइक
  • साइबर अटैक

के जरिए इजरायल को घेर सकते हैं।

प्रॉक्सी वॉर से पूरा इलाका जल सकता है

ईरान के पास मजबूत प्रॉक्सी नेटवर्क है—

  • लेबनान का हिज़्बुल्लाह
  • यमन के हूती विद्रोही
  • इराक की शिया मिलिशिया

ये सभी अमेरिका और उसके सहयोगियों पर अप्रत्यक्ष हमला कर सकते हैं।

होर्मुज जलडमरूमध्य: सबसे बड़ा खतरा

ईरान का सबसे खतरनाक हथियार है स्ट्रेट ऑफ होर्मुज

दुनिया का करीब 20% तेल यहीं से गुजरता है
अगर रास्ता बंद हुआ तो

  • तेल की कीमतें आसमान छू जाएंगी
  • वैश्विक मंदी का खतरा बढ़ेगा
  • एशिया और यूरोप सबसे ज्यादा प्रभावित होंगे

ईरान यहां माइंस, ड्रोन और मिसाइलों से नौवहन रोक सकता है।

क्या युद्ध तय है?

विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान फिलहाल पूरी जंग नहीं चाहता, लेकिन अगर उसे लगा कि शासन पर खतरा है, तो वह आखिरी हथियार के तौर पर होर्मुज स्ट्रेट बंद कर सकता है।

ऐसे में यह टकराव सिर्फ मिडिल ईस्ट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरी दुनिया को अपनी चपेट में ले सकता है।