होली के बाद मनाया जाने वाला बासोड़ा पर्व और शीतला अष्टमी हिंदू धर्म में विशेष महत्व रखते हैं. इस दिन माता शीतला की पूजा करने की परंपरा है. मान्यता है कि माता शीतला की आराधना से सभी प्रकार के रोगों से मुक्ति मिलती है और जीवन में सुख-शांति आती है.
उत्तर प्रदेश के जौनपुर में स्थित मां शीतला चौकियां धाम इस आस्था का प्रमुख केंद्र माना जाता है. यहां स्थित एक चमत्कारी कुंड को लेकर श्रद्धालुओं के बीच गहरी मान्यता है. कहा जाता है कि इस कुंड का जल पीने से कई प्रकार की बीमारियों और पीड़ाओं से राहत मिलती है.
होली के बाद मनाया जाता है बासोड़ा पर्व
फाल्गुन पूर्णिमा को देशभर में होली का पर्व मनाया जाता है. इसके कुछ दिन बाद सप्तमी या अष्टमी तिथि को बासोड़ा का पर्व मनाया जाता है, जिसे शीतला सप्तमी या शीतला अष्टमी भी कहा जाता है. इस दिन भक्त माता शीतला की पूजा करते हैं और परंपरा के अनुसार बासी भोजन ग्रहण करते हैं.
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता शीतला को रोग नाशिनी देवी माना जाता है, जो चेचक, खसरा और अन्य संक्रामक बीमारियों से रक्षा करती हैं.
दूर-दूर से आते हैं श्रद्धालु
जौनपुर के मां शीतला चौकियां धाम में हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं. खासतौर पर नवरात्र, सोमवार और शुक्रवार के दिन यहां भारी भीड़ रहती है. भक्त न सिर्फ माता के दर्शन करते हैं, बल्कि मंदिर परिसर के पीछे स्थित पवित्र कुंड से जल लेकर भी जाते हैं.
लोग इस जल को अपने घर में पूजा स्थल पर रखते हैं और परिवार के सदस्यों के स्वास्थ्य और सुख-समृद्धि की कामना करते हैं.
चमत्कारी कुंड को लेकर गहरी आस्था
मंदिर के पुजारियों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस कुंड के जल को बहुत पवित्र माना जाता है. श्रद्धालुओं का विश्वास है कि श्रद्धा और विश्वास के साथ इस जल का सेवन करने से कई लोगों को गंभीर बीमारियों में भी राहत मिली है.
इसी वजह से बड़ी संख्या में लोग यहां आकर कुंड का जल ग्रहण करते हैं और अपने साथ घर भी ले जाते हैं.
आस्था का बड़ा केंद्र है चौकियां धाम
मां शीतला चौकियां धाम सिर्फ एक मंदिर ही नहीं, बल्कि श्रद्धा और विश्वास का प्रतीक माना जाता है. यहां आने वाले श्रद्धालुओं को आध्यात्मिक शांति का अनुभव होता है.
यही कारण है कि जौनपुर का यह धाम न केवल पूर्वांचल बल्कि देश के कई हिस्सों से आने वाले भक्तों के लिए भी प्रमुख धार्मिक स्थल बन चुका है. बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े भी यहां आकर अपने वैवाहिक जीवन की सुख-समृद्धि के लिए माता का आशीर्वाद लेते हैं.
बासोड़ा पर करें मां शीतला चौकियां धाम के चमत्कारी कुंड के दर्शन, जल पीने से दूर होती है हर पीड़ा