दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले खामियां उजागर, सुरक्षा और सुविधाओं पर उठे सवाल

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के उद्घाटन से पहले खामियां उजागर, सुरक्षा और सुविधाओं पर उठे सवाल
April 15, 2026 at 3:22 pm

देश की महत्वपूर्ण इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं में शामिल दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 14 अप्रैल को Narendra Modi द्वारा किया जाना है। इस बहुप्रतीक्षित एक्सप्रेसवे को उत्तर भारत की कनेक्टिविटी मजबूत करने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। हालांकि उद्घाटन से ठीक पहले किए गए निरीक्षण में कई गंभीर खामियां सामने आई हैं, जिससे सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं।

दिल्ली से बागपत तक एक्सप्रेसवे के निरीक्षण के दौरान कई जगहों पर यातायात नियमों का उल्लंघन स्पष्ट रूप से देखने को मिला। खासकर गलत दिशा में वाहन चलाना एक बड़ी समस्या के रूप में सामने आया। कई स्थानों पर वाहन चालक बिना किसी डर के रॉन्ग साइड पर गाड़ी चलाते दिखे, जो दुर्घटनाओं का बड़ा कारण बन सकता है।

इसके अलावा, दोपहिया वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध के बावजूद बाइक और स्कूटर एक्सप्रेसवे पर दौड़ते नजर आए। यह स्थिति प्रशासनिक निगरानी की कमी को दर्शाती है। खजूरी पुश्ता क्षेत्र में तो एक गलत दिशा से आ रहे मालवाहक वाहन ने बाइक सवारों को टक्कर मार दी, जिसमें एक युवक घायल हो गया।

इंफ्रास्ट्रक्चर की बात करें तो एक्सप्रेसवे पर अभी तक रेस्ट एरिया की सुविधा उपलब्ध नहीं है। यात्रियों के लिए यह एक बड़ी समस्या साबित हो सकती है, खासकर लंबी दूरी तय करने वालों के लिए। हालांकि, योजना के तहत 12 स्थानों पर रेस्ट एरिया बनाए जाने हैं, लेकिन फिलहाल इनका निर्माण शुरू नहीं हुआ है।

टोल व्यवस्था भी अभी पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने संभावित टोल दरों की घोषणा तो कर दी है, लेकिन टोल प्लाजा पर शुल्क अभी तक प्रदर्शित नहीं किया गया है। अनुमान के अनुसार दिल्ली से देहरादून तक लगभग 675 रुपये का टोल देना पड़ सकता है।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे को राष्ट्रीय राजधानी को उत्तराखंड की राजधानी से जोड़ने के लिए तैयार किया गया है। इस परियोजना का उद्देश्य यात्रा समय को कम करना और ट्रैफिक दबाव को कम करना है। पहले जहां इस मार्ग में 6 से 7 घंटे का समय लगता था, वहीं एक्सप्रेसवे के चालू होने के बाद यह समय घटकर लगभग 2.5 से 3 घंटे रह जाएगा।

यह एक्सप्रेसवे पर्यावरण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें कई स्थानों पर वन्यजीवों के लिए अंडरपास और इको-फ्रेंडली डिजाइन शामिल किए गए हैं।

इस एक्सप्रेसवे के चालू होने से दिल्ली, पश्चिमी उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के बीच व्यापार, पर्यटन और आवागमन को बड़ा बढ़ावा मिलेगा। देहरादून, मसूरी और हरिद्वार जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंच आसान हो जाएगी, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।

हालांकि, वर्तमान में सामने आई खामियां यदि समय रहते दूर नहीं की गईं, तो यह एक्सप्रेसवे दुर्घटनाओं का केंद्र भी बन सकता है। गलत दिशा में वाहन चलाना और नियमों की अनदेखी आम लोगों की सुरक्षा के लिए खतरा पैदा कर सकती है।

एनएचएआई के प्रोजेक्ट डायरेक्टर अरविंद कुमार ने कहा कि एक्सप्रेसवे को पूरी तरह सुरक्षित और सुचारु रूप से चालू करना प्राथमिकता है। उन्होंने बताया कि टोल दरों को जल्द ही अंतिम रूप देकर प्रदर्शित किया जाएगा और रेस्ट एरिया निर्माण की प्रक्रिया भी जल्द शुरू होगी। साथ ही, यातायात नियमों के पालन के लिए सख्त निगरानी की जाएगी।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे भारत के आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर विकास का प्रतीक है, लेकिन उद्घाटन से पहले सामने आई कमियां यह संकेत देती हैं कि केवल निर्माण कार्य पूरा होना पर्याप्त नहीं है। सड़क सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और यात्रियों की सुविधाओं पर समान रूप से ध्यान देना आवश्यक है।

यदि शुरुआती चरण में ही नियमों का उल्लंघन हो रहा है, तो भविष्य में यह समस्या और गंभीर हो सकती है। इसके लिए प्रशासन को तकनीकी निगरानी जैसे सीसीटीवी, ऑटोमैटिक चालान प्रणाली और नियमित पेट्रोलिंग को मजबूत करना होगा।

दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे देश के लिए एक बड़ी उपलब्धि है, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि इसे कितनी सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संचालित किया जाता है। उद्घाटन से पहले सामने आई खामियां सुधार का अवसर भी हैं। यदि समय रहते इन्हें दूर कर लिया जाए, तो यह एक्सप्रेसवे देश के सबसे बेहतरीन हाईवे में से एक बन सकता है।

1. दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेस वे कब शुरू होगा?
14 अप्रैल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा इसका उद्घाटन किया जाएगा।

2. इस एक्सप्रेसवे पर सबसे बड़ी समस्या क्या सामने आई है?
गलत दिशा में वाहन चलाना और दोपहिया वाहनों का प्रवेश प्रमुख समस्या है।

3. क्या एक्सप्रेसवे पर रेस्ट एरिया उपलब्ध हैं?
अभी नहीं, लेकिन भविष्य में 12 रेस्ट एरिया बनाए जाने की योजना है।

4. टोल शुल्क कितना होगा?
संभावित टोल करीब 675 रुपये बताया गया है, लेकिन अंतिम दरें अभी घोषित होनी बाकी हैं।

5. इस एक्सप्रेसवे से कितना समय बचेगा?
दिल्ली से देहरादून की यात्रा अब लगभग 2.5 से 3 घंटे में पूरी हो सकेगी।