इजरायल का ईरान पर ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’: तेहरान में 30 ठिकानों पर हमला, अमेरिका का 4 दिनों का संयुक्त मिशन

इजरायल का ईरान पर ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’: तेहरान में 30 ठिकानों पर हमला, अमेरिका का 4 दिनों का संयुक्त मिशन
February 28, 2026 at 7:00 pm

मिडिल ईस्ट में हालात अचानक बेहद तनावपूर्ण हो गए हैं। इजरायल ने शनिवार सुबह ईरान पर ‘प्रीएम्प्टिव स्ट्राइक’ यानी संभावित खतरे को देखते हुए पहले हमला करने की कार्रवाई की है। इजरायल के रक्षा मंत्री इजराइल काट्ज ने इस हमले की पुष्टि करते हुए कहा कि यह कदम देश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है।

अमेरिका ने भी इन हमलों में शामिल होने की पुष्टि की है। अमेरिकी अधिकारियों के मुताबिक, हवाई हमलों का उद्देश्य ईरान के सुरक्षा तंत्र को कमजोर करना और रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि कार्रवाई व्यापक स्तर पर की जा रही है और ईरान की शीर्ष नेतृत्व व्यवस्था भी निशाने पर है।


तेहरान में 30 ठिकानों पर हमला

इजरायली मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार अब तक ईरान के करीब 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया है। इनमें तेहरान स्थित राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन का आवास और एक खुफिया मुख्यालय भी शामिल बताया जा रहा है। शुरुआती रिपोर्ट्स में यह दावा भी किया गया कि हमले के दौरान ईरानी राष्ट्रपति को निशाना बनाने की कोशिश हुई, हालांकि इस संबंध में ईरान की ओर से आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

4 दिनों तक चलेगा संयुक्त हमला?

एक इजरायली अधिकारी ने संकेत दिया है कि शुरुआती चार दिनों तक संयुक्त और तीव्र हमलों की योजना बनाई गई है। अमेरिकी अधिकारी ने भी कहा कि अभियान कई चरणों में चलाया जाएगा। उनका कहना है कि हमलों के बाद तेहरान की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी।

इजरायल में इमरजेंसी घोषित

हमले के बाद इजरायल में राष्ट्रीय आपातकाल लागू कर दिया गया है। सरकार को आशंका है कि ईरान ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों के जरिए जवाबी कार्रवाई कर सकता है। सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर रखा गया है और नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव

इजरायल और अमेरिका की इस संयुक्त कार्रवाई के बाद पूरे पश्चिम एशिया क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब ईरान की प्रतिक्रिया पर टिकी हैं, क्योंकि संभावित जवाबी हमला क्षेत्रीय संघर्ष को और व्यापक रूप दे सकता है।

स्थिति लगातार बदल रही है और आने वाले दिन मिडिल ईस्ट की स्थिरता के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।