ईरान-अमेरिका जंग से दहला मिडिल ईस्ट: दुबई से 3.5 करोड़ देकर भाग रहे अरबपति, सऊदी अरब बना सुरक्षित रास्ता

ईरान-अमेरिका जंग से दहला मिडिल ईस्ट: दुबई से 3.5 करोड़ देकर भाग रहे अरबपति, सऊदी अरब बना सुरक्षित रास्ता
March 3, 2026 at 1:34 pm

Iran और United States के बीच बढ़ते सैन्य टकराव ने पूरे मिडिल ईस्ट को दहला दिया है। ईरान के मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद खाड़ी देशों में दहशत का माहौल है। खासकर United Arab Emirates के शहर दुबई और अबू धाबी में हालात तनावपूर्ण बने हुए हैं।

हमलों और सुरक्षा अलर्ट के कारण एयरपोर्ट संचालन बाधित हुआ है। हजारों यात्री फंसे हुए हैं। इस बीच, अमीर कारोबारी और विदेशी नागरिक तेजी से क्षेत्र छोड़ने की कोशिश में जुटे हैं।

3.5 लाख डॉलर तक पहुंचा प्राइवेट जेट का किराया

रिपोर्ट्स के मुताबिक, दुबई और अबू धाबी से बाहर निकलने के लिए प्राइवेट जेट की मांग रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई है। एक फ्लाइट के लिए लोग 3.5 लाख डॉलर (करीब 3.2 करोड़ रुपये) तक खर्च करने को तैयार हैं।

प्राइवेट एविएशन कंपनियों का कहना है कि अचानक बढ़ी मांग के कारण किराए कई गुना बढ़ गए हैं। जिनके पास साधन हैं, वे किसी भी कीमत पर सुरक्षित देश पहुंचना चाहते हैं।

दुबई से रियाद तक 10 घंटे की सड़क यात्रा

Dubai और Abu Dhabi से लोग कारों के काफिलों में Riyadh की ओर रवाना हो रहे हैं। यह सफर करीब 10 घंटे का है। निजी सुरक्षा एजेंसियां SUV के जरिए लोगों को सीमा पार करवा रही हैं।

Saudi Arabia का रुख इसलिए किया जा रहा है क्योंकि वहां के King Khalid International Airport से अंतरराष्ट्रीय उड़ानें अपेक्षाकृत सुचारू रूप से संचालित हो रही हैं। कई देशों के नागरिकों को सऊदी अरब में आगमन पर वीजा भी मिल रहा है, जिससे यह रास्ता और आसान हो गया है।

हालांकि हाल में Saudi Aramco के एक ऑयल प्लांट पर हमले की खबर ने चिंता जरूर बढ़ाई है, लेकिन अब तक रियाद पर बड़े पैमाने पर सीधे हमले नहीं हुए हैं।

दुबई को क्यों लगा बड़ा झटका?

दुबई लंबे समय से खुद को सुरक्षित, आधुनिक और लग्जरी हब के रूप में पेश करता रहा है। लेकिन हालिया हमलों में जेबेल अली पोर्ट, बुर्ज अल अरब, दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट और पाम जुमैरा जैसे प्रमुख इलाकों को नुकसान पहुंचने की खबरें सामने आई हैं।

यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, सैकड़ों मिसाइल और ड्रोन दागे गए, जिनमें से अधिकतर को एयर डिफेंस सिस्टम ने इंटरसेप्ट कर लिया। बावजूद इसके, कुछ हमलों से आग, अफरा-तफरी और उड़ानों के निलंबन की स्थिति बनी।

दुबई में अमेरिकी सैन्य अड्डा न होने के बावजूद उसे जवाबी हमलों का सामना करना पड़ा। इससे निवेशकों, पर्यटकों और वैश्विक कारोबारियों के बीच सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

मिडिल ईस्ट में अनिश्चितता गहराई

Israel, Iran और United States के बीच बढ़ते टकराव ने पूरे क्षेत्र में अस्थिरता बढ़ा दी है। खाड़ी देशों में रह रहे प्रवासी और कारोबारी हालात पर करीबी नजर रखे हुए हैं।

यदि संघर्ष और बढ़ता है, तो इसका असर वैश्विक तेल बाजार, निवेश और पर्यटन उद्योग पर भी देखने को मिल सकता है। फिलहाल, सऊदी अरब मिडिल ईस्ट से बाहर निकलने का प्रमुख रास्ता बनकर उभरा है।