दिल्ली के जौहरीपुर में एसी शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 4 साल के मासूम की दर्दनाक मौत

दिल्ली के जौहरीपुर में एसी शॉर्ट सर्किट से लगी आग, 4 साल के मासूम की दर्दनाक मौत
May 3, 2026 at 12:57 pm

पूर्वी दिल्ली के जौहरीपुर इलाके में शनिवार शाम एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां घर में लगे एयर कंडीशनर (एसी) में शॉर्ट सर्किट के कारण आग लग गई। इस हादसे में चार वर्षीय मासूम यक्षित की जान चली गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना न सिर्फ एक परिवार के लिए गहरा सदमा है, बल्कि घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा को लेकर भी कई गंभीर सवाल खड़े करती है।

जौहरीपुर के एक दो मंजिला मकान में रहने वाले मनीष अपने परिवार के साथ दूसरी मंजिल पर रहते हैं। वह रोहिणी सेक्टर 7 स्थित डाकघर में कार्यरत हैं। परिवार में उनकी पत्नी और दो छोटे बेटे—साढ़े पांच साल का प्रियांश और चार साल का यक्षित शामिल थे। घर की पहली मंजिल पर बच्चों की नानी रहती हैं, जो दिन के समय बच्चों की देखभाल करती थीं।

शनिवार की शाम करीब 6 बजे के आसपास नानी बच्चों के लिए नीचे दुकान से पेय पदार्थ लेने गई थीं। जब वह लगभग दस मिनट बाद वापस लौटीं तो उन्होंने कमरे से धुआं निकलता देखा। घबराकर जब वह कमरे के अंदर पहुंचीं तो दोनों बच्चे बेहोश पड़े थे और एसी के इनडोर यूनिट से आग और धुआं निकल रहा था।

परिवार के अन्य सदस्य तुरंत बच्चों को लेकर GTB Hospital पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद यक्षित को मृत घोषित कर दिया, जबकि प्रियांश को गंभीर हालत में भर्ती किया गया, जहां उसका इलाज जारी है।

घटना की सूचना मिलते ही गोकलपुरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और साक्ष्य जुटाए। शुरुआती जांच में एसी के इनडोर यूनिट में शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका जताई जा रही है।

परिवार के अनुसार, इस एसी को हाल ही में 28 तारीख को ही घर में लगाया गया था। इतनी कम अवधि में इस तरह की तकनीकी खराबी सामने आना चिंता का विषय है। विशेषज्ञों के अनुसार, एसी जैसे हाई-पावर उपकरणों में खराब वायरिंग, ओवरलोडिंग या घटिया इंस्टॉलेशन के कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है।

भारत में गर्मी के मौसम में एसी का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है। खासकर शहरी इलाकों में लोग राहत के लिए इन उपकरणों पर निर्भर हैं। लेकिन कई बार उचित रखरखाव और गुणवत्ता जांच की कमी से ऐसे हादसे सामने आते हैं।

यह हादसा पूरे इलाके में दहशत और दुख का कारण बना हुआ है। परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और आसपास के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। यह मामला देशभर में घरों में इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की सुरक्षा पर ध्यान देने की जरूरत को उजागर करता है।

ऐसी घटनाएं यह भी दिखाती हैं कि बच्चों को घर में अकेला छोड़ना कितना खतरनाक हो सकता है, खासकर तब जब घर में बिजली से चलने वाले उपकरण मौजूद हों। इससे समाज में जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार, “प्रारंभिक जांच में एसी में शॉर्ट सर्किट की बात सामने आई है। फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट कारणों का पता चल सकेगा। परिवार के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और कंपनी की भूमिका की भी जांच की जाएगी।”

डॉक्टरों ने भी बताया कि बच्चों को गंभीर धुएं के कारण सांस लेने में दिक्कत हुई, जिससे उनकी हालत बिगड़ी।

यह घटना केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम और जागरूकता दोनों की कमी को दर्शाती है। सबसे पहला सवाल एसी की गुणवत्ता और इंस्टॉलेशन पर उठता है। यदि नया एसी कुछ ही दिनों में इस तरह आग पकड़ लेता है, तो यह निर्माता या इंस्टॉलेशन एजेंसी की लापरवाही हो सकती है।

दूसरी ओर, घरेलू सुरक्षा उपायों की कमी भी एक बड़ा कारण है। अधिकतर घरों में फायर अलार्म, स्मोक डिटेक्टर या अग्निशमन उपकरण नहीं होते। यदि समय रहते धुएं का अलार्म बजता, तो शायद बच्चों को बचाया जा सकता था।

इसके अलावा, यह घटना यह भी दर्शाती है कि छोटे बच्चों की सुरक्षा के लिए निरंतर निगरानी जरूरी है। कुछ ही मिनटों की लापरवाही बड़े हादसे में बदल सकती है।

जौहरीपुर की यह घटना एक परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है, लेकिन यह समाज के लिए एक चेतावनी भी है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के इस्तेमाल में सावधानी, नियमित जांच और सुरक्षा उपायों का पालन करना बेहद जरूरी है। साथ ही, बच्चों की सुरक्षा को प्राथमिकता देना हर अभिभावक की जिम्मेदारी है। इस हादसे से सबक लेकर भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सकता है।

1. एसी में शॉर्ट सर्किट कैसे होता है?
खराब वायरिंग, ओवरलोड या घटिया इंस्टॉलेशन के कारण शॉर्ट सर्किट हो सकता है।

2. क्या नया एसी भी खतरनाक हो सकता है?
अगर इंस्टॉलेशन सही नहीं हुआ या डिवाइस में निर्माण दोष है, तो नया एसी भी जोखिमपूर्ण हो सकता है।

3. ऐसे हादसों से बचने के लिए क्या करें?
नियमित जांच, सही वायरिंग, और फायर सेफ्टी उपकरणों का उपयोग करें।

4. बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या सावधानियाँ ज़रूरी हैं?
छोटे बच्चों को अकेला न छोड़ें और घर में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करें।

5. क्या इस मामले में कंपनी जिम्मेदार हो सकती है?
यदि जांच में निर्माण दोष या इंस्टॉलेशन की गलती पाई जाती है, तो कंपनी जिम्मेदार ठहराई जा सकती है।