उत्तर प्रदेश की Yogi Adityanath सरकार ने राज्य में वीवीआईपी सुरक्षा को और मजबूत करने के लिए बड़ा फैसला लिया है। सरकार ने चार एंटी-ड्रोन गन खरीदने के लिए 2.19 करोड़ रुपये की मंजूरी दे दी है। यह कदम राज्य में आने-जाने वाले राज्यपाल, मुख्यमंत्री और केंद्र के अन्य वीवीआईपी व्यक्तियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है।
गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, 1 मार्च 2026 को जारी सरकारी आदेश के जरिए इस राशि को स्वीकृति दी गई। इस आदेश पर विशेष सचिव (गृह) अन्नवी दिनेश कुमार ने हस्ताक्षर किए हैं। सरकार ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि 31 मार्च तक स्वीकृत बजट का उपयोग कर लिया जाए।
प्रति गन करीब 55 लाख रुपये खर्च
जानकारी के मुताबिक, प्रत्येक एंटी-ड्रोन गन डिटेक्शन सिस्टम की कीमत लगभग 54.91 लाख रुपये होगी। चार गन की कुल खरीद पर 2.19 करोड़ रुपये खर्च होंगे। खरीद प्रक्रिया माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज (एमएसएमई) विभाग के नियमों के तहत पूरी की जाएगी।
राज्य पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को सभी नियमों का सख्ती से पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
क्या होता है एंटी-ड्रोन गन सिस्टम?
एंटी-ड्रोन गन एक आधुनिक काउंटर-ड्रोन तकनीक है, जिसका इस्तेमाल अनधिकृत या संदिग्ध ड्रोन को पहचानने, ट्रैक करने और निष्क्रिय करने के लिए किया जाता है।
डिटेक्शन सिस्टम
इसमें आमतौर पर शामिल होते हैं:
ये सिस्टम रीयल टाइम में ड्रोन की लोकेशन, ऊंचाई और गति का पता लगा सकते हैं। कई एडवांस सिस्टम एक साथ कई ड्रोन ट्रैक करने में सक्षम होते हैं।
न्यूट्रलाइजेशन सिस्टम
यह हिस्सा ड्रोन के सिग्नल को जाम कर उसे नियंत्रित करने या सुरक्षित तरीके से नीचे उतारने में मदद करता है।
क्यों बढ़ी एंटी-ड्रोन सिस्टम की जरूरत?
बाजार में छोटे और सस्ते ड्रोन आसानी से उपलब्ध हैं। इनका गलत इस्तेमाल जासूसी, तस्करी या हमलों के लिए किया जा सकता है। खासकर भीड़-भाड़ वाले कार्यक्रमों, राजनीतिक रैलियों और बड़े आयोजनों में ड्रोन पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था को चकमा दे सकते हैं।
ऐसे में एंटी-ड्रोन गन सिस्टम वीवीआईपी सुरक्षा के लिए एक अहम सुरक्षा कवच साबित हो सकता है।
वीवीआईपी सुरक्षा के लिए यूपी सरकार खरीदेगी 4 एंटी-ड्रोन गन, 2.19 करोड़ रुपये मंजूर