ईद की मिठास पर महंगाई का असर: ईरान-इजरायल युद्ध से ड्राईफ्रूट्स कारोबार प्रभावित, कीमतें 40% तक बढ़ने की आशंका

ईद की मिठास पर महंगाई का असर: ईरान-इजरायल युद्ध से ड्राईफ्रूट्स कारोबार प्रभावित, कीमतें 40% तक बढ़ने की आशंका
March 4, 2026 at 12:12 pm

खाड़ी देशों में बढ़ते युद्ध के असर अब भारत के स्थानीय बाजारों में भी दिखने लगे हैं। ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव का सीधा असर ड्राईफ्रूट्स के कारोबार पर पड़ रहा है। रमजान के पवित्र महीने में खजूर और मेवों की मांग सबसे ज्यादा रहती है, लेकिन आयात प्रभावित होने से कीमतों में 20 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी की आशंका जताई जा रही है।

खाड़ी देशों से आने वाले खजूर, बादाम, पिस्ता और अंजीर की सप्लाई प्रभावित होने लगी है. इसका असर महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक दिखाई देने लगा है। कई बड़े बाजारों में ड्राईफ्रूट्स के दाम पहले ही करीब 20 प्रतिशत तक बढ़ चुके हैं

मध्य प्रदेश के बुरहानपुर में व्यापारियों के पास फिलहाल केवल 10 से 15 दिन का स्टॉक बचा हुआ है। इसी वजह से अभी कीमतें स्थिर हैं, लेकिन अगर आयात जल्द शुरू नहीं हुआ तो ईद तक ड्राईफ्रूट्स की कीमतों में बड़ा उछाल देखने को मिल सकता है।

ड्राईफ्रूट्स विक्रेता ने बताया कि अभी बाजार में पुराना स्टॉक मौजूद है, इसलिए दाम नहीं बढ़ाए गए हैं। लेकिन यदि आने वाले दिनों में आयात शुरू नहीं हुआ, तो ईद तक कीमतों में 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ोतरी हो सकती है। ऐसे में रमजान और ईद पर बनने वाली शीर खुरमा की थाली आम लोगों के लिए महंगी पड़ सकती है।

10 दिनों में करीब एक करोड़ का कारोबार

रमजान के आखिरी दस दिनों में बुरहानपुर में ड्राईफ्रूट्स का कारोबार करीब एक करोड़ रुपये तक पहुंच जाता है। हालांकि इस बार बढ़ती महंगाई के कारण बिक्री में लगभग 25 प्रतिशत गिरावट आने की आशंका जताई जा रही है।

ग्राहकों का कहना है कि कीमतें बढ़ने के बावजूद खजूर और मेवे खरीदना जरूरी है। स्थानीय निवासी का कहना है कि खजूर और मेवों के बिना ईद का त्योहार अधूरा लगता है, इसलिए चाहे महंगे हों, इन्हें खरीदना ही पड़ेगा।

लोग दूसरे खर्चों में कटौती कर सकते हैं, लेकिन ईद की मिठास कम नहीं होने देंगे।

युद्ध के दौरान सप्लाई चेन पर सबसे पहले असर

विशेषज्ञों का मानना है कि किसी भी युद्ध का पहला असर सप्लाई चेन पर पड़ता है। ऐसे में यदि सरकार आयात शुल्क में राहत देती है तो बाजार में कीमतों को नियंत्रित किया जा सकता है।

फिलहाल बुरहानपुर के बाजारों में साफ तौर पर देखा जा सकता है कि इस बार ईद की मिठास पर महंगाई का साया मंडरा रहा है।