अग्निवीर सैनिकों के लिए बड़ी राहत की खबर सामने आई है. अब भारतीय रेलवे में नौकरी के दौरान उन्हें प्राथमिकता दी जाएगी. इसके लिए भारतीय रेलवे और भारतीय सेना के बीच सहयोग का एक विशेष ढांचा तैयार किया जा रहा है, जिससे सेना से सेवा पूरी करने वाले जवानों को नागरिक जीवन में बेहतर रोजगार के अवसर मिल सकें।
नई व्यवस्था के तहत रेलवे में पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों के लिए एक समर्पित सहायता प्रणाली भी बनाई जाएगी. यह प्रणाली भर्ती प्रक्रिया, आवेदन और अन्य जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने में मदद करेगी।
रेलवे में कितना मिलेगा आरक्षण
भारतीय रेलवे में पहले से ही पूर्व सैनिकों के लिए आरक्षण की व्यवस्था है. इसके तहत विभिन्न पदों पर आरक्षण का प्रावधान इस प्रकार है:
वहीं पूर्व अग्निवीरों के लिए अलग से विशेष प्रावधान किया गया है।
इस फैसले का मकसद सेना में सेवा देने वाले जवानों को सेवा समाप्त होने के बाद रोजगार के बेहतर अवसर उपलब्ध कराना है।
9 रेलवे मंडलों ने साइन किया MoU
जानकारी के मुताबिक देश के 9 रेलवे मंडलों ने सेना के संगठनों के साथ MoU ( समझौता ज्ञापन ) साइन कर लिया है. इससे पूर्व सैनिकों और अग्निवीरों की भर्ती प्रक्रिया को और आसान बनाया जाएगा तथा दोनों संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित होगा।
क्या है अग्निपथ योजना
अग्निपथ योजना भारत सरकार की एक नई भर्ती प्रणाली है, जिसे जून 2022 में लागू किया गया था. इस योजना के तहत भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना में युवाओं की भर्ती 4 साल की अवधि के लिए की जाती है. इस योजना के तहत भर्ती होने वाले सैनिकों को अग्नि वीर कहा जाता है।
अग्निवीर योजना की मुख्य बातें
अग्निवीरों को मिलने वाले लाभ
योजना का उद्देश्य
अग्निपथ योजना का मुख्य उद्देश्य सेना की औसत उम्र कम करना, युवाओं को सैन्य प्रशिक्षण देना और प्रशिक्षित युवाओं को भविष्य में विभिन्न सरकारी और निजी क्षेत्रों में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराना है।
इसी कारण अब रेलवे, पुलिस और कई अन्य सरकारी संस्थान भी पूर्व अग्निवीरों को नौकरी में प्राथमिकता देने की योजनाएं बना रहे हैं।
अग्निवीरों के लिए बड़ी खुशखबरी: रेलवे की नौकरियों में मिलेगी प्राथमिकता, जानें कितना मिलेगा आरक्षण