स्पष्ट रणनीति और मेन्स पर फोकस से मिली सफलता: गाजियाबाद के गर्व गर्ग ने तीसरे प्रयास में UPSC में हासिल की 192वीं रैंक

स्पष्ट रणनीति और मेन्स पर फोकस से मिली सफलता: गाजियाबाद के गर्व गर्ग ने तीसरे प्रयास में UPSC में हासिल की 192वीं रैंक
March 7, 2026 at 10:51 am

संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) की परीक्षा को देश की सबसे कठिन परीक्षाओं में गिना जाता है। हर साल लाखों उम्मीदवार इस परीक्षा में बैठते हैं, लेकिन सफलता कुछ ही लोगों को मिल पाती है। इस साल गाजियाबाद के रहने वाले गर्व गर्ग ने UPSC परीक्षा में 192वींरैंक हासिल कर अपने परिवार और शहर का नाम रोशन कर दिया है।


गर्व गर्ग गाजियाबाद के पुरानी सब्जी मंडी इलाके के निवासी हैं। उनके परिवार में माता-पिता और तीन बड़ी बहनें हैं। पिता राजेश गर्ग इलाके में एक किराना दुकान चलाते हैं, जबकि मां निशा गर्ग गृहिणी हैं। गर्व की इस उपलब्धि के बाद उनके घर पर लगातार रिश्तेदारों, दोस्तों और आसपास के लोगों का बधाई देने के लिए आना-जाना लगा हुआ है।


बहन का सपना भी किया पूरा

गर्व की सफलता के पीछे एक भावनात्मक कहानी भी जुड़ी हुई है। उनकी बड़ी बहन तनीषा गर्ग का सपना था कि वह UPSC परीक्षा पास करें, लेकिन किसी कारण से वह अपना सपना पूरा नहीं कर सकीं। ऐसे में छोटे भाई गर्व ने मेहनत करके न सिर्फ अपनी सफलता हासिल की बल्कि अपनी बहन का सपना भी पूरा कर दिया।


परिवार का कहना है कि गर्व की इस उपलब्धि से उनकी बहन बेहद खुश हैं और पूरे परिवार के लिए यह गर्व का पल है।


गाजियाबाद से शुरू हुई पढ़ाई

गर्व ने अपनी शुरुआती पढ़ाई गाजियाबाद से ही की। उन्होंने 2017 में 10वीं और 2019 में 12वीं पास की। इसके बाद उन्होंने दिल्ली के हिंदू कॉलेज से बीए की पढ़ाई पूरी की।


साल 2020 में कोरोना महामारी के दौरान उन्होंने घर पर रहकर UPSC की तैयारी शुरू की। बाद में 2021 में उन्होंने दिल्ली के एक कोचिंग संस्थान से मार्गदर्शन भी लिया। हालांकि पहले दो प्रयासों में उन्हें सफलता नहीं मिली, लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी और लगातार मेहनत जारी रखी। आखिरकार तीसरे प्रयास में उन्होंने सफलता हासिल कर ली।


अलग तरीके से किया पढ़ाई का टाइम टेबल

गर्व बताते हैं कि उन्होंने अपनी पढ़ाई का समय थोड़ा अलग तरीके से तय किया था। उन्हें रात में पढ़ाई करना ज्यादा सुविधाजनक लगता था क्योंकि उस समय शांति रहती थी और व्यवधान कम होता था।


वह देर रात तक पढ़ाई करते थे, सुबह करीब 5 बजे सोते थे और सुबह 11 बजे उठकर फिर पढ़ाई शुरू कर देते थे। इस दौरान उन्हें पारिवारिक, आर्थिक और स्वास्थ्य से जुड़ी कई चुनौतियों का भी सामना करना पड़ा, लेकिन उन्होंने अपने लक्ष्य से ध्यान नहीं हटने दिया।


वैकल्पिक विषय में चुना इतिहास

UPSC की तैयारी के दौरान गर्व ने इतिहास (History) को अपना वैकल्पिक विषय चुना। हालांकि उन्हें पर्यावरण से जुड़े विषयों में शुरुआत में थोड़ी कठिनाई महसूस हुई, लेकिन लगातार मेहनत से उन्होंने इसे भी अच्छे से तैयार किया।


UPSC अभ्यर्थियों के लिए दिया खास संदेश

UPSC की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए गर्व गर्ग का कहना है कि सबसे पहले एक स्पष्टरण नीति बनाना बेहद जरूरी है


उनके अनुसार, उम्मीदवारों को यह समझना चाहिए कि परीक्षा लेने वाला क्या जानना चाहता है और उत्तर लिखते समय किन बिंदुओं पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने खास तौर पर मेन्स परीक्षा की तैयारी पर अधिक फोकस करने की सलाह दी।