मिडिल ईस्ट में जारी भीषण संघर्ष के बीच ईरान ने बड़ा दावा करते हुए कहा है कि अमेरिका और इजरायल अब पर्दे के पीछे से युद्धविराम की कोशिश कर रहे हैं। ईरान के विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने एक इंटरव्यू में कहा कि जब तक स्थायी समाधान नहीं निकलता, तब तक ईरान अपनी सुरक्षा के लिए लड़ाई जारी रखेगा। उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि इस मुश्किल समय में रूस कई स्तरों पर ईरान की मदद कर रहा है।
अमेरिका-इजरायल पर लगाया सीजफायर मांगने का आरोप
एक अमेरिकी न्यूज चैनल को दिए इंटरव्यू में ईरानी विदेश मंत्री ने कहा कि जो देश अब तक ईरान को खत्म करने की बात कर रहे थे, वही अब युद्धविराम की अपील कर रहे हैं।
अराघची के मुताबिक, पिछले समझौते को अमेरिका और इजरायल ने ही तोड़ा था, इसलिए इस बार बिना स्थायी समाधान के कोई समझौता संभव नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि हमलों में स्कूल, अस्पताल और आम नागरिकों को निशाना बनाया जा रहा है, ऐसे में सिर्फ सीजफायर की बात करना पर्याप्त नहीं है।
रूस की मदद को लेकर खुलकर बोले मंत्री
ईरानी विदेश मंत्री ने रूस के समर्थन को लेकर भी साफ बयान दिया। उन्होंने कहा कि ईरान और रूस के बीच सहयोग कोई नई बात नहीं है और रूस कई क्षेत्रों में मदद कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, रूस ईरान को फारस की खाड़ी में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों और युद्धपोतों की जानकारी दे रहा है, जिससे ईरान को रणनीतिक बढ़त मिल रही है।
रूस ने भी दिया ईरान का साथ
रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने अमेरिका के हमलों पर नाराजगी जताई है।
क्रेमलिन के प्रवक्ता दिमित्री पेसकोव ने कहा कि मौजूदा हालात अंतरराष्ट्रीय कानून के लिए खतरा हैं और स्थिति को नियंत्रित करने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक जरूरी है।
रूस ने सुझाव दिया है कि सुरक्षा परिषद के पांच स्थायी सदस्य मिलकर समाधान निकालें, ताकि हालात तीसरे विश्व युद्ध जैसी स्थिति तक न पहुंचें।
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