द्वारका का बदलता चेहरा: यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर बनने के बाद दिल्ली का पिछड़ा इलाका बना प्रीमियम हब

द्वारका का बदलता चेहरा: यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर बनने के बाद दिल्ली का पिछड़ा इलाका बना प्रीमियम हब
March 10, 2026 at 1:40 pm

दिल्ली का द्वारका इलाका कभी बुनियादी सुविधाओं की कमी और धीमे विकास के कारण पिछड़े क्षेत्र के रूप में जाना जाता था, लेकिन आज यही इलाका राजधानी के सबसे तेजी से विकसित होने वाले प्रीमियम हब में बदल चुका है। इस बदलाव के केंद्र में है द्वारका सेक्टर-25 में बना यशोभूमि इंटरनेशनल कन्वेंशन एंड एक्सपो सेंटर, जिसका उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 17 सितंबर 2023 को किया था। इस प्रोजेक्ट के बाद न केवल द्वारका बल्कि पूरे दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के विकास की रफ्तार तेज हो गई है।


दिल्ली के द्वारका सेक्टर-25 में बना यशोभूमि कन्वेंशन सेंटर देश का सबसे बड़ा इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो परिसर माना जाता है। लगभग 5400 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट को 200 से अधिक एकड़ क्षेत्र में विकसित किया गया है। यहां बड़े स्तर के अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, प्रदर्शनियां, व्यापारिक कार्यक्रम और सरकारी आयोजन किए जा सकते हैं।


इस सेंटर की क्षमता इतनी बड़ी है कि यहां एक साथ हजारों लोग बैठ सकते हैं और कई बड़े कार्यक्रम एक साथ आयोजित किए जा सकते हैं। इसमें विशाल कन्वेंशन हॉल, मीटिंग रूम, ग्रैंड बॉलरूम, प्रदर्शनी क्षेत्र और आधुनिक सुविधाओं से लैस कॉन्फ्रेंस स्पेस बनाए गए हैं।


यशोभूमि के साथ ही द्वारका सेक्टर-25 मेट्रो स्टेशन का निर्माण किया गया, जिससे यह इलाका सीधे एयरपोर्ट और दिल्ली के अन्य हिस्सों से जुड़ गया। इसके अलावा द्वारका एक्सप्रेसवे, अर्बन एक्सटेंशन रोड-II और एयरपोर्ट कनेक्टिविटी ने इस इलाके को रियल एस्टेट और व्यापार के लिए आकर्षक बना दिया है।


अब द्वारका के आसपास के सेक्टरों में नए अपार्टमेंट, कमर्शियल कॉम्प्लेक्स, पार्क और ऑफिस स्पेस तेजी से बन रहे हैं। प्रॉपर्टी की कीमतों में भी पिछले कुछ वर्षों में काफी बढ़ोतरी देखी गई है।


कुछ साल पहले तक द्वारका को दिल्ली के बाहरी इलाके के रूप में देखा जाता था। यहां पानी की समस्या, टूटी सड़कें, कम पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सीमित व्यापारिक गतिविधियां थीं।


इस इलाके में बड़ी संख्या में पूर्वांचल और बाहरी राज्यों से आए लोग रहते थे, जिस कारण इसे लंबे समय तक मध्यम वर्ग का इलाका माना गया। सरकारी निवेश कम होने की वजह से यहां बड़े प्रोजेक्ट नहीं आते थे।


लेकिन पिछले दशक में दिल्ली सरकार और केंद्र सरकार दोनों ने इस इलाके को विकसित करने के लिए कई योजनाएं शुरू कीं। एयरपोर्ट के पास होने और खाली जमीन उपलब्ध होने के कारण यहां बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट लाने का फैसला लिया गया।


यशोभूमि का निर्माण इसी योजना का सबसे बड़ा हिस्सा माना जाता है।


यशोभूमि बनने के बाद द्वारका के विकास पर कई तरह से असर पड़ा है।

  • प्रॉपर्टी की कीमतों में तेजी से वृद्धि हुई
  • नए होटल, मॉल और ऑफिस कॉम्प्लेक्स बनने लगे
  • इंटरनेशनल इवेंट्स से रोजगार के अवसर बढ़े
  • मेट्रो और एक्सप्रेसवे से कनेक्टिविटी बेहतर हुई
  • एयरपोर्ट के पास होने से बिजनेस गतिविधियां बढ़ीं

विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले समय में द्वारका, गुरुग्राम और एयरपोर्ट कॉरिडोर मिलकर दिल्ली का सबसे बड़ा बिजनेस ज़ोन बन सकते हैं।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन के दौरान कहा था कि भारत को वैश्विक स्तर पर सम्मेलन और व्यापारिक आयोजनों का केंद्र बनाने के लिए आधुनिक कन्वेंशन सेंटर जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि यशोभूमि जैसे प्रोजेक्ट देश की अर्थव्यवस्था, पर्यटन और व्यापार को नई दिशा देंगे।


सरकारी अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना से दिल्ली को अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रमों की मेजबानी करने में बड़ी मदद मिलेगी और इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा।


द्वारका का विकास केवल एक प्रोजेक्ट की वजह से नहीं हुआ, बल्कि कई इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं के एक साथ आने से यह बदलाव संभव हुआ।

  • एयरपोर्ट के पास लोकेशन
  • एक्सप्रेसवे और मेट्रो कनेक्टिविटी
  • बड़े सरकारी निवेश
  • रियल एस्टेट कंपनियों की रुचि
  • अंतरराष्ट्रीय स्तर के आयोजन


इन सभी कारणों ने मिलकर द्वारका को दिल्ली के भविष्य का प्रीमियम क्षेत्र बना दिया है।


विशेषज्ञों का मानना है कि जिस तरह गुरुग्राम आईटी और कॉर्पोरेट हब बना, उसी तरह द्वारका आने वाले समय में कन्वेंशन, बिजनेस और रियल एस्टेट हब बन सकता है।


द्वारका का सफर पिछड़े इलाके से प्रीमियम हब बनने तक भारत के शहरी विकास की एक बड़ी कहानी है। यशोभूमि जैसे प्रोजेक्ट यह दिखाते हैं कि सही योजना, बेहतर कनेक्टिविटी और बड़े निवेश से किसी भी क्षेत्र की तस्वीर बदली जा सकती है।


आने वाले वर्षों में अगर प्रस्तावित आईटी हब, रेलवे स्टेशन विकास और नए एक्सप्रेसवे प्रोजेक्ट पूरे होते हैं, तो द्वारका दिल्ली का सबसे आधुनिक और महंगा इलाका बन सकता है।


Q1. यशोभूमि क्या है?
यशोभूमि एक इंटरनेशनल कन्वेंशन और एक्सपो सेंटर है जो द्वारका सेक्टर-25 में बना है।


Q2. इसका उद्घाटन कब हुआ था?
17 सितंबर 2023 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया था।


Q3. द्वारका की प्रॉपर्टी महंगी क्यों हो रही है?
बेहतर कनेक्टिविटी, एक्सप्रेसवे, मेट्रो और बड़े प्रोजेक्ट की वजह से कीमतें बढ़ रही हैं।


Q4. क्या द्वारका भविष्य में बिजनेस हब बनेगा?
विशेषज्ञों के अनुसार हां, यहां कई बड़े प्रोजेक्ट प्रस्तावित हैं।


Q5. यशोभूमि से क्या फायदा होगा?
अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम, रोजगार, पर्यटन और व्यापार बढ़ेगा।