नोएडा की बिजली मीटर फैक्ट्री में भीषण आग, 250 कर्मचारी अंदर फंसे, कई झुलसे, दमकल की घंटों मशक्कत

नोएडा की बिजली मीटर फैक्ट्री में भीषण आग, 250 कर्मचारी अंदर फंसे, कई झुलसे, दमकल की घंटों मशक्कत
March 12, 2026 at 2:26 pm

उत्तर प्रदेश के नोएडा में गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई जब सेक्टर-4 स्थित बिजली मीटर बनाने वाली एक फैक्ट्री में अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि फैक्ट्री के अंदर काम कर रहे सैकड़ों कर्मचारी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हादसे के समय फैक्ट्री में करीब 250 लोग मौजूद थे। कई कर्मचारी ऊपरी मंजिल पर फंस गए और जान बचाने के लिए नीचे कूदना पड़ा। इस घटना में दो दर्जन से अधिक लोग झुलस गए, जिन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दमकल विभाग की कई गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर आग बुझाने का अभियान चलाया।


नोएडा के सेक्टर-4 स्थित कैपिटल पावर सिस्टम लिमिटेड नाम की फैक्ट्री में गुरुवार सुबह अचानक आग लग गई। यह फैक्ट्री बिजली के मीटर और इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने का काम करती है। शुरुआती जानकारी के अनुसार आग फैक्ट्री के अंदर मौजूद मशीनरी वाले हिस्से से शुरू हुई और कुछ ही मिनटों में पूरे फ्लोर में फैल गई।


आग लगने के समय फैक्ट्री में करीब 250 कर्मचारी काम कर रहे थे। जैसे ही धुआं फैलना शुरू हुआ, कर्मचारियों में चीख-पुकार मच गई। कई लोग बाहर निकलने के लिए सीढ़ियों की तरफ भागे, जबकि ऊपरी मंजिल पर काम कर रहे कर्मचारियों के पास बाहर निकलने का रास्ता नहीं बचा। कुछ लोगों ने जान बचाने के लिए नीचे कूदने का जोखिम उठाया।


सूचना मिलते ही थाना फेस-1 पुलिस और दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। शुरुआती दौर में दमकल की तीन गाड़ियों को भेजा गया, लेकिन आग की गंभीरता को देखते हुए बाद में और गाड़ियां बुलानी पड़ीं। दमकल कर्मियों ने कई घंटों की मशक्कत के बाद आग पर आंशिक नियंत्रण पाया।


घटना में झुलसे लोगों को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है। फैक्ट्री परिसर के आसपास के इलाकों को भी एहतियात के तौर पर खाली कराया गया।


नोएडा और ग्रेटर नोएडा औद्योगिक क्षेत्र के रूप में तेजी से विकसित हुए हैं। यहां बड़ी संख्या में इलेक्ट्रॉनिक्स, ऑटो पार्ट्स, प्लास्टिक और बिजली उपकरण बनाने वाली फैक्ट्रियां हैं। सेक्टर-4 का इलाका पुराने औद्योगिक क्षेत्रों में गिना जाता है, जहां कई छोटी-बड़ी यूनिट लंबे समय से चल रही हैं।


औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं पहले भी सामने आती रही हैं। अक्सर जांच में यह पाया गया है कि कई फैक्ट्रियों में सुरक्षा मानकों का पूरी तरह पालन नहीं होता। फायर सेफ्टी सिस्टम, आपातकालीन निकास और प्रशिक्षण की कमी हादसों को बड़ा बना देती है।


विशेषज्ञों का कहना है कि इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बनाने वाली फैक्ट्रियों में ज्वलनशील सामग्री, वायरिंग और मशीनरी अधिक होती है, जिससे आग तेजी से फैल सकती है।


इस हादसे का असर सिर्फ फैक्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे औद्योगिक सुरक्षा को लेकर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं।

  • कई कर्मचारी घायल हुए, जिससे परिवारों में चिंता का माहौल है
  • आसपास के उद्योगों में काम कुछ समय के लिए रोकना पड़ा
  • स्थानीय प्रशासन को सुरक्षा जांच तेज करनी पड़ी
  • औद्योगिक क्षेत्रों में फायर सेफ्टी पर फिर बहस शुरू हो गई


यदि जांच में लापरवाही सामने आती है तो संबंधित कंपनी के खिलाफ कार्रवाई हो सकती है। इससे पूरे औद्योगिक क्षेत्र में नियमों को लेकर सख्ती बढ़ने की संभावना है।


गौतमबुद्धनगर के अपर पुलिस आयुक्त (कानून एवं व्यवस्था) राजीव नारायण मिश्र ने बताया कि आग लगने की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल की टीम तुरंत मौके पर पहुंच गई।


उन्होंने कहा कि जब आग लगी तब फैक्ट्री के अंदर करीब 250 कर्मचारी मौजूद थे। कई लोग धुएं और आग की चपेट में आ गए, जिनमें से दो दर्जन से अधिक लोग झुलस गए हैं। सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और उनकी हालत पर नजर रखी जा रही है।


दमकल विभाग के अधिकारियों ने बताया कि आग पर काबू पाने के लिए कई गाड़ियों को लगाया गया और फैक्ट्री के अंदर फंसे लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला गया। आग लगने के कारणों की जांच की जा रही है।


यह हादसा औद्योगिक सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। भारत के कई औद्योगिक क्षेत्रों में फायर सेफ्टी के नियम तो हैं, लेकिन उनका पालन हमेशा सही तरीके से नहीं होता।


संभावित कारणों में शामिल हो सकते हैं:

  • शॉर्ट सर्किट
  • ओवरलोड मशीनरी
  • ज्वलनशील सामग्री का गलत भंडारण
  • आपातकालीन निकास का सही उपयोग न होना


विशेषज्ञों का मानना है कि हर फैक्ट्री में नियमित फायर ड्रिल और सुरक्षा ऑडिट जरूरी होना चाहिए।


सरकार द्वारा बनाए गए नियमों का पालन यदि सख्ती से किया जाए तो ऐसे हादसों को काफी हद तक रोका जा सकता है।


नोएडा की बिजली मीटर फैक्ट्री में लगी आग एक बड़ा औद्योगिक हादसा है जिसने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है। समय रहते दमकल और पुलिस की कार्रवाई से बड़ा नुकसान टल गया, लेकिन कई लोगों के घायल होने से यह साफ है कि सुरक्षा मानकों पर और काम करने की जरूरत है।


जांच के बाद ही आग लगने का असली कारण सामने आएगा, लेकिन यह घटना उद्योगों में सुरक्षा को लेकर चेतावनी जरूर है।


1. आग कहां लगी थी?
नोएडा सेक्टर-4 स्थित बिजली मीटर बनाने वाली फैक्ट्री में।


2. हादसे के समय कितने लोग अंदर थे?
करीब 250 कर्मचारी फैक्ट्री के अंदर मौजूद थे।


3. कितने लोग घायल हुए?
दो दर्जन से अधिक लोग झुलसे हैं।


4. आग पर काबू पाया गया या नहीं?
दमकल विभाग ने कई घंटों की कोशिश के बाद आग पर नियंत्रण पाया।


5. आग लगने का कारण क्या है?
अभी कारण स्पष्ट नहीं है, जांच जारी है।