पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और आपूर्ति से जुड़ी आशंकाओं के बीच देश के कई हिस्सों में एलपीजी गैस को लेकर अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। उत्तर प्रदेश के कई जिलों में गैस सिलेंडर की कमी की खबरों के बाद लोग बड़ी संख्या में गैस एजेंसियों पर पहुंच रहे हैं, जिससे लंबी कतारें लग रही हैं। प्रशासन ने हालात को देखते हुए जमाखोरी और कालाबाजारी पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। सीतापुर, जौनपुर, रायबरेली, महोबा, उन्नाव, कन्नौज, बरेली और अन्य जिलों में छापेमारी कर कई सिलेंडर बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि गैस की कोई वास्तविक कमी नहीं है, लेकिन अफवाहों और अधिक बुकिंग के कारण स्थिति बिगड़ रही है।
सीतापुर जिले के लहरपुर क्षेत्र में प्रशासन को कालाबाजारी की शिकायत मिली, जिसके बाद एसडीएम, पुलिस और पूर्ति विभाग की संयुक्त टीम ने एक मकान पर छापा मारा। छापेमारी के दौरान 10 गैस सिलेंडर बरामद किए गए, जिनमें कुछ भरे हुए और कुछ खाली सिलेंडर थे। मौके से एक व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि बिना अनुमति सिलेंडर का भंडारण करना कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर में भी जिलापूर्ति विभाग की टीम ने कल्याणपुर बाजार के एक गोदाम में छापा मारकर करीब 60 घरेलू सिलेंडर जब्त किए। जांच में पता चला कि ये सिलेंडर अवैध रूप से जमा किए गए थे और ऊंचे दाम पर बेचने की तैयारी थी। प्रशासन ने गोदाम संचालक के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
रायबरेली में जिला प्रशासन ने गैस एजेंसियों का निरीक्षण कर स्टॉक की जांच की। अधिकारियों ने एजेंसी संचालकों को निर्देश दिया कि किसी भी उपभोक्ता को समय पर सिलेंडर मिलना चाहिए और किसी तरह की शिकायत मिलने पर लाइसेंस रद्द करने तक की कार्रवाई की जाएगी।
महोबा में गैस एजेंसियों के बाहर सुबह से ही लंबी लाइनें लगने लगीं, जिसके बाद प्रशासन ने स्थिति की निगरानी शुरू की। एजेंसी संचालकों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग के जरिए 24 घंटे के अंदर सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है, लेकिन लोग घबराकर अतिरिक्त बुकिंग कर रहे हैं।
उन्नाव में जिलाधिकारी ने गैस डिस्ट्रीब्यूटर और पेट्रोल पंप संचालकों के साथ बैठक कर स्पष्ट निर्देश दिए कि जमाखोरी और कालाबाजारी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं की जाएगी। साथ ही उपभोक्ताओं की शिकायत के लिए कंट्रोल रूम बनाने का आदेश दिया गया।
हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के कारण तेल और गैस की वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ी हैं। इसी वजह से भारत में भी लोगों के बीच यह डर फैल गया कि कहीं एलपीजी की कमी न हो जाए। हालांकि सरकारी अधिकारियों का कहना है कि भारत के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है और सप्लाई सामान्य है।
विशेषज्ञों के अनुसार, त्योहारों का मौसम, अधिक बुकिंग और सोशल मीडिया पर फैल रही अफवाहें भी भीड़ बढ़ने का बड़ा कारण हैं। कई जिलों में लोग तय समय से पहले ही सिलेंडर बुक कराने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे सर्वर पर दबाव बढ़ रहा है।
गैस सिलेंडर की कमी की खबरों का असर आम लोगों के साथ-साथ छोटे कारोबारियों पर भी पड़ रहा है। नोएडा के सेक्टर-18 के फूड स्टॉल संचालकों ने बताया कि सिलेंडर न मिलने के कारण उन्हें कई खाने के आइटम बंद करने पड़े हैं।
बलिया में मध्याह्न भोजन योजना पर भी असर की आशंका जताई जा रही है क्योंकि स्कूलों में खाना बनाने के लिए गैस सिलेंडर का इस्तेमाल होता है।
गांवों में स्थिति और ज्यादा मुश्किल बताई जा रही है, जहां लोग घंटों लाइन में लगकर सिलेंडर लेने को मजबूर हैं। कई जगह ब्लैक में सिलेंडर 1500 रुपये से अधिक कीमत पर बिकने की शिकायतें भी सामने आई हैं।
जिला पूर्ति अधिकारियों और जिलाधिकारियों ने अलग-अलग जिलों में बयान जारी कर कहा है कि गैस की कोई कमी नहीं है और आपूर्ति सामान्य है।
अधिकारियों के अनुसार:
कुछ जिलों में हेल्पलाइन नंबर और कंट्रोल रूम भी शुरू किए गए हैं ताकि लोग सीधे शिकायत दर्ज करा सकें।
मौजूदा स्थिति से साफ है कि वास्तविक कमी से ज्यादा डर और अफवाहों ने संकट को बढ़ाया है। जब लोग जरूरत से ज्यादा बुकिंग करने लगते हैं तो सप्लाई चेन पर दबाव पड़ता है और अस्थायी कमी महसूस होने लगती है।
दूसरा बड़ा कारण कालाबाजारी है। जब कुछ लोग सिलेंडर जमा कर लेते हैं तो बाजार में उपलब्धता कम दिखने लगती है। इससे कीमत बढ़ती है और लोगों में घबराहट बढ़ती है।
सरकार की सख्ती से यह संकेत मिला है कि प्रशासन स्थिति को गंभीरता से ले रहा है। अगर निगरानी जारी रही तो हालात जल्द सामान्य हो सकते हैं।
एलपीजी गैस को लेकर बने मौजूदा हालात ने यह दिखा दिया कि अफवाह और जमाखोरी किसी भी जरूरी वस्तु की आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है। प्रशासन की सख्ती और निगरानी से उम्मीद है कि जल्द ही स्थिति सामान्य होगी। अधिकारियों ने लोगों से अपील की है कि घबराएं नहीं, जरूरत के अनुसार ही बुकिंग करें और किसी भी गड़बड़ी की सूचना तुरंत प्रशासन को दें।
1. क्या सच में एल पी जी गैस की कमी हो गई है?
नहीं, अधिकारियों के अनुसार गैस की आपूर्ति सामान्य है, भीड़ अफवाहों के कारण बढ़ी है।
2. गैस सिलेंडर ब्लैक में क्यों बिक रहा है?
कुछ लोग सिलेंडर जमा करके ऊंचे दाम पर बेच रहे हैं, जिस पर प्रशासन कार्रवाई कर रहा है।
3. बुकिंग में देरी क्यों हो रही है?
अधिक बुकिंग और केवाईसी प्रक्रिया के कारण सर्वर पर दबाव बढ़ रहा है।
4. शिकायत कहां करें?
जिला पूर्ति विभाग, कंट्रोल रूम या गैस एजेंसी पर शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
5. क्या आगे गैस की कीमत बढ़ सकती है?
अभी ऐसा कोई आधिकारिक आदेश नहीं है, लेकिन वैश्विक हालात का असर पड़ सकता है।
एलपीजी गैस की कालाबाजारी पर प्रशासन सख्त, यूपी के कई जिलों में छापेमारी, लंबी लाइनों से लोग परेशान