ऑस्कर मंच पर ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे से चर्चा में आया समारोह, प्रियंका चोपड़ा और जेवियर बार्डेम का वीडियो वायरल

ऑस्कर मंच पर ‘फ्री फिलिस्तीन’ के नारे से चर्चा में आया समारोह, प्रियंका चोपड़ा और जेवियर बार्डेम का वीडियो वायरल
March 17, 2026 at 2:41 pm

98वें अकादमी पुरस्कार समारोह के दौरान एक ऐसा पल सामने आया जिसने सोशल मीडिया से लेकर अंतरराष्ट्रीय मीडिया तक बहस छेड़ दी। हॉलीवुड के सबसे प्रतिष्ठित मंच पर जब भारतीय अभिनेत्री प्रियंका चोपड़ा स्पेनिश अभिनेता जेवियर बार्डेम के साथ अवॉर्ड प्रेजेंट करने पहुंचीं, उसी दौरान बार्डेम ने मंच से “फ्री फिलिस्तीन” का नारा लगाया और दुनिया में युद्ध रोकने की अपील की। इस घटना का वीडियो तेजी से वायरल हो गया और इसे लेकर दुनियाभर में अलग-अलग प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। प्रियंका चोपड़ा की मौजूदगी के कारण भारत में भी इस घटना को लेकर खास चर्चा हो रही है।

अमेरिका के लॉस एंजिल्स स्थित डॉल्बी थिएटर में आयोजित 98वें अकादमी पुरस्कार समारोह में कई यादगार पल देखने को मिले, लेकिन सबसे ज्यादा चर्चा उस समय हुई जब बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का अवॉर्ड देने के लिए प्रियंका चोपड़ा और स्पेनिश अभिनेता जेवियर बार्डेम मंच पर पहुंचे।

दोनों कलाकार जब विजेता फिल्म की घोषणा से पहले बोल रहे थे, तभी जेवियर बार्डेम ने अचानक राजनीतिक संदेश देते हुए कहा कि दुनिया में युद्ध नहीं होने चाहिए और फिलिस्तीन के लोगों को स्वतंत्रता मिलनी चाहिए। उन्होंने माइक पर जोर से “फ्री फिलिस्तीन” कहा, जिसके बाद हॉल में मौजूद कई लोगों ने तालियां बजाईं।

इस दौरान प्रियंका चोपड़ा उनके साथ खड़ी रहीं। उन्होंने बार्डेम के बयान पर कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की, लेकिन मुस्कुराते हुए सिर हिलाया और इसके बाद अपने हिस्से की स्क्रिप्ट पढ़ते हुए अंतरराष्ट्रीय सिनेमा की ताकत और सांस्कृतिक जुड़ाव की बात कही।

प्रियंका ने कहा कि फिल्मों के जरिए दुनिया के अलग-अलग हिस्सों की कहानियां एक दूसरे तक पहुंचती हैं और सिनेमा लोगों को जोड़ने का सबसे मजबूत माध्यम है। इसके बाद दोनों ने बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का अवॉर्ड घोषित किया।

इस श्रेणी का पुरस्कार नॉर्वे की फिल्म “सेंटिमेंटल वैल्यू” को मिला, जिसका निर्देशन जोआकिम ट्रायर ने किया है। यह फिल्म एक परिवार के रिश्तों, भावनात्मक दूरी और कलात्मक विरासत के संघर्ष को दिखाती है।

पिछले कुछ महीनों से दुनिया के कई देशों में फिलिस्तीन और इजरायल संघर्ष को लेकर प्रदर्शन और राजनीतिक बयानबाजी बढ़ी है। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भी कई कलाकार, लेखक और सामाजिक कार्यकर्ता इस मुद्दे पर खुलकर अपनी राय दे रहे हैं।

हॉलीवुड और यूरोप के कई कलाकारों ने युद्ध रोकने और नागरिकों की सुरक्षा की मांग करते हुए बयान दिए हैं। इसी क्रम में ऑस्कर जैसे बड़े मंच पर दिया गया कोई भी बयान तुरंत वैश्विक चर्चा का विषय बन जाता है।

“फ्री फिलिस्तीन” नारा आमतौर पर उन लोगों द्वारा लगाया जाता है जो फिलिस्तीन के लोगों के अधिकार, स्वतंत्रता और आत्मनिर्णय की मांग करते हैं। हालांकि इस नारे को लेकर अलग-अलग देशों में अलग-अलग राजनीतिक दृष्टिकोण भी देखने को मिलते हैं।

प्रियंका चोपड़ा लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय फिल्मों और सामाजिक अभियानों से जुड़ी रही हैं। वह यूनिसेफ की गुडविल एंबेसडर भी रह चुकी हैं और कई वैश्विक मुद्दों पर बोलती रही हैं, लेकिन इस समारोह में उन्होंने किसी राजनीतिक बयान से दूरी बनाए रखी।

इस घटना का असर भारत में भी देखने को मिला क्योंकि प्रियंका चोपड़ा देश की सबसे प्रसिद्ध अंतरराष्ट्रीय अभिनेत्री मानी जाती हैं। सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग प्रतिक्रिया दी।

कुछ लोगों ने कहा कि कलाकारों को शांति की बात करने का अधिकार है, जबकि कुछ ने यह भी लिखा कि पुरस्कार समारोह जैसे मंचों को राजनीति से दूर रखना चाहिए।

भारत में फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े लोगों का मानना है कि अब वैश्विक कार्यक्रमों में सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर बयान देना आम हो गया है। इससे कलाकारों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है क्योंकि उनके शब्द लाखों लोगों को प्रभावित करते हैं।

दुनियाभर में इस वीडियो के वायरल होने के बाद ऑस्कर समारोह की चर्चा और बढ़ गई, जिससे यह साफ है कि मनोरंजन के मंच अब केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहे।

ऑस्कर आयोजन समिति की ओर से इस घटना पर कोई आधिकारिक विवाद बयान जारी नहीं किया गया, लेकिन सूत्रों के अनुसार समारोह में कलाकारों को अपनी व्यक्तिगत राय रखने की सीमित स्वतंत्रता दी जाती है, जब तक कि वह नियमों का उल्लंघन न करें।

प्रियंका चोपड़ा या उनकी टीम की ओर से भी इस बयान पर कोई अलग प्रतिक्रिया सामने नहीं आई। उन्होंने केवल अपने सोशल मीडिया पोस्ट में समारोह की तस्वीरें साझा कीं और इसे एक शानदार अनुभव बताया।

ऑस्कर जैसे मंच पर राजनीतिक या सामाजिक संदेश देना नया नहीं है। पहले भी कई कलाकार युद्ध, मानवाधिकार, जलवायु परिवर्तन और नस्लभेद जैसे मुद्दों पर बोलते रहे हैं।

इस बार खास बात यह रही कि मंच पर भारत की अभिनेत्री भी मौजूद थीं, इसलिए भारत में इस घटना को ज्यादा ध्यान मिला।

विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय पुरस्कार समारोह अब केवल कला का मंच नहीं बल्कि विचारों के आदान-प्रदान का भी स्थान बन चुके हैं। ऐसे में कलाकारों के बयान कभी-कभी विवाद भी पैदा कर देते हैं, लेकिन इससे वैश्विक मुद्दों पर चर्चा बढ़ती है।

98वें अकादमी पुरस्कार समारोह में हुआ यह छोटा सा पल सोशल मीडिया पर बड़ी बहस का कारण बन गया। जेवियर बार्डेम के “फ्री फिलिस्तीन” नारे और प्रियंका चोपड़ा की मौजूदगी ने इस घटना को अंतरराष्ट्रीय चर्चा का विषय बना दिया।

यह घटना दिखाती है कि आज के दौर में फिल्म, राजनीति और समाज एक दूसरे से अलग नहीं रहे। बड़े मंचों पर कही गई हर बात दुनियाभर में सुनी जाती है और उसका असर भी होता है।

Q1. ऑस्कर समारोह में क्या हुआ था?
अवॉर्ड प्रेजेंट करते समय जेवियर बार्डेम ने मंच से “फ्री फिलिस्तीन” कहा और युद्ध रोकने की अपील की।

Q2. क्या प्रियंका चोपड़ा ने कोई राजनीतिक बयान दिया?
नहीं, उन्होंने केवल सिनेमा और वैश्विक कहानियों की बात की और कोई राजनीतिक टिप्पणी नहीं की।

Q3. कौन-सी फिल्म को बेस्ट इंटरनेशनल फीचर फिल्म का अवॉर्ड मिला?
नॉर्वे की फिल्म “सेंटिमेंटल वैल्यू” को यह पुरस्कार मिला।

Q4. “फ्री फिलिस्तीन” नारे का मतलब क्या है?
यह नारा फिलिस्तीन के लोगों के अधिकार और स्वतंत्रता की मांग से जुड़ा माना जाता है।

Q5. इस घटना पर आधिकारिक प्रतिक्रिया क्या आई?
ऑस्कर आयोजकों या प्रियंका चोपड़ा की ओर से कोई विवादित बयान जारी नहीं किया गया।