रूस-यूक्रेन युद्ध ने पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था को हिला दिया है। कई देश महंगाई, ऊर्जा संकट और सैन्य खर्च के बोझ से जूझ रहे हैं, लेकिन इसी युद्ध ने उत्तर कोरिया के नेता Kim Jong Un के लिए कमाई का बड़ा मौका बना दिया। दक्षिण कोरिया से जुड़े एक थिंक टैंक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि युद्ध के दौरान रूस को हथियार और सैनिक भेजकर उत्तर कोरिया ने अरबों डॉलर का लाभ कमाया। यह कमाई सीधे नकद में ही नहीं, बल्कि सैन्य तकनीक और रणनीतिक सहयोग के रूप में भी हुई है, जिससे आने वाले समय में दुनिया की सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा हो गई है।
रिपोर्ट के अनुसार अगस्त 2023 से दिसंबर 2025 के बीच उत्तर कोरिया ने रूस को भारी मात्रा में सैन्य सामग्री सप्लाई की। इसमें आर्टिलरी गोले, रॉकेट, मिसाइल और अन्य युद्ध उपकरण शामिल बताए गए हैं। अनुमान है कि इस दौरान उत्तर कोरिया को 7.6 बिलियन डॉलर से लेकर 14.4 बिलियन डॉलर तक का फायदा हुआ, जो भारतीय मुद्रा में लगभग 1.2 लाख करोड़ रुपये के बराबर है।
रिपोर्ट में कहा गया है कि इस कमाई का सबसे बड़ा हिस्सा हथियारों के निर्यात से आया। रूस-यूक्रेन युद्ध के लंबे खिंचने के कारण रूस को लगातार हथियारों की जरूरत रही और पश्चिमी देशों के प्रतिबंधों के चलते रूस के पास विकल्प सीमित हो गए। ऐसे में उत्तर कोरिया ने रूस को बड़ी मात्रा में गोला-बारूद और मिसाइल सिस्टम उपलब्ध कराए।
इसके अलावा दावा किया गया है कि उत्तर कोरिया ने रूस की मदद के लिए अपने सैनिक भी भेजे। रिपोर्ट के मुताबिक अक्टूबर 2024 से अब तक करीब 21,000 सैनिकों को रूस के समर्थन में तैनात किया गया। इन सैनिकों की तैनाती, प्रशिक्षण और सेवाओं के बदले उत्तर कोरिया को करोड़ों डॉलर मिले।
सबसे चौंकाने वाली बात यह बताई गई कि यह पूरा लेनदेन केवल पैसे में नहीं हुआ। कई मामलों में रूस ने उत्तर कोरिया को उन्नत सैन्य तकनीक, मिसाइल सिस्टम के कलपुर्जे और सैटेलाइट से बचने वाली तकनीक दी है।
रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध फरवरी 2022 में शुरू हुआ था जब रूस के राष्ट्रपति Vladimir Putin ने यूक्रेन पर सैन्य कार्रवाई का आदेश दिया। इस युद्ध के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगा दिए।
इन प्रतिबंधों के कारण रूस को हथियार, तकनीक और गोला-बारूद की कमी होने लगी। इसी दौरान रूस ने उन देशों की ओर रुख किया जो पश्चिमी प्रतिबंधों से पहले से घिरे हुए थे, जिनमें उत्तर कोरिया और ईरान प्रमुख हैं।
उत्तर कोरिया लंबे समय से अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंधों का सामना कर रहा है और उसकी अर्थव्यवस्था कमजोर मानी जाती है। ऐसे में रूस के साथ सैन्य सहयोग उसके लिए आर्थिक और रणनीतिक दोनों तरह से फायदेमंद साबित हुआ।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह सहयोग केवल व्यापार नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदारी का हिस्सा है।
इस पूरे घटनाक्रम का असर केवल रूस और उत्तर कोरिया तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका असर एशिया, यूरोप और भारत तक पड़ सकता है।
अगर रूस से मिली तकनीक की मदद से उत्तर कोरिया अपनी मिसाइल और परमाणु क्षमता बढ़ाता है, तो एशिया में सैन्य संतुलन बदल सकता है। इससे दक्षिण कोरिया, जापान और अमेरिका के साथ तनाव बढ़ सकता है।
भारत के लिए भी यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि भारत एशिया में स्थिरता चाहता है। अगर उत्तर कोरिया की ताकत बढ़ती है तो क्षेत्रीय सुरक्षा समीकरण बदल सकते हैं। इसके अलावा वैश्विक तनाव बढ़ने से तेल की कीमतों और व्यापार पर असर पड़ सकता है, जिसका सीधा असर भारतीय अर्थव्यवस्था पर पड़ता है।
दक्षिण कोरिया की खुफिया एजेंसी से जुड़े विश्लेषकों ने कहा कि रूस और उत्तर कोरिया के बीच बढ़ता सैन्य सहयोग अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों के बावजूद हथियारों का यह आदान-प्रदान चिंता का विषय है।
हालांकि रूस और उत्तर कोरिया की ओर से इस रिपोर्ट पर कोई विस्तृत आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन दोनों देश पहले भी अपने सहयोग को “कानूनी और वैध” बताते रहे हैं।
विश्लेषकों के अनुसार उत्तर कोरिया ने इस युद्ध को आर्थिक अवसर की तरह इस्तेमाल किया है।
पहला फायदा – हथियार बेचकर नकद कमाई
दूसरा फायदा – सैनिक भेजकर भुगतान
तीसरा फायदा – उन्नत सैन्य तकनीक हासिल करना
यह तीसरा फायदा सबसे खतरनाक माना जा रहा है क्योंकि इससे उत्तर कोरिया की मिसाइल और परमाणु क्षमता तेज़ी से बढ़ सकती है।
अगर यह सहयोग जारी रहा तो दुनिया में हथियारों की होड़ तेज हो सकती है। इससे वैश्विक शांति को खतरा बढ़ेगा और छोटे देश भी बड़े युद्धों में अप्रत्यक्ष रूप से शामिल हो सकते हैं।
रूस-यूक्रेन युद्ध ने जहां कई देशों को आर्थिक संकट में डाल दिया है, वहीं उत्तर कोरिया के लिए यह कमाई और ताकत बढ़ाने का मौका बन गया। हथियारों की सप्लाई, सैनिकों की तैनाती और सैन्य तकनीक के आदान-प्रदान ने इस सहयोग को दुनिया के लिए चिंता का कारण बना दिया है।
आने वाले समय में अगर अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने इस पर नियंत्रण नहीं किया, तो यह साझेदारी वैश्विक सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा साबित हो सकती है।
1. उत्तर कोरिया ने कितना पैसा कमाया?
रिपोर्ट के अनुसार 7.6 से 14.4 बिलियन डॉलर तक की कमाई हुई।
2. कमाई का मुख्यस्रोतक्याथा?
हथियारों की सप्लाई, सैनिक भेजना और सैन्य सहयोग।
3. क्या पैसा नकद मिला?
कुछ पैसा नकद मिला, लेकिन कई मामलों में तकनीक के रूप में भुगतान हुआ।
4. इससे दुनिया को क्या खतरा है?
उत्तर कोरिया की मिसाइल और परमाणु क्षमता बढ़ सकती है।
5. भारत पर क्या असर पड़ सकता है?
वैश्विक तनाव बढ़ने से तेल, व्यापार और सुरक्षा पर असर पड़ सकता है।
जंग के बीच किम जोंग उन की कमाई का बड़ा खुलासा, रूस-यूक्रेन युद्ध से अरबों डॉलर का फायदा