नवरात्र जैसे पवित्र पर्व के दौरान जहां लोग श्रद्धा और विश्वास के साथ व्रत रखकर फलाहार करते हैं, वहीं उत्तर प्रदेश के बागपत से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। मिलावटी कुट्टू का आटा खाने से एडीएम न्यायिक सहित 9 लोगों की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। इस घटना ने खाद्य सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं और प्रशासन को सख्त कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है।
उत्तर प्रदेश के बागपत जनपद में नवरात्र के दौरान फलाहार के रूप में खाया जाने वाला कुट्टू का आटा कई लोगों के लिए मुसीबत बन गया। जानकारी के अनुसार, एडीएम न्यायिक शिव नारायण, उनके फॉलोअर सतीश कश्यप और अन्य सात लोगों ने कुट्टू के आटे से बना भोजन किया था। भोजन करने के कुछ ही समय बाद सभी को उल्टी, चक्कर और घबराहट की शिकायत होने लगी।
स्थिति गंभीर होते देख सभी को तत्काल जिला संयुक्त अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की टीम ने इलाज शुरू किया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में फूड पॉइजनिंग की आशंका जताई। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया।
जांच के दौरान पता चला कि कुट्टू का आटा बाजार से खरीदा गया था और उसमें मिलावट होने की संभावना है। इसके बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम सक्रिय हो गई और जिले की कई दुकानों पर छापेमारी की गई।
नवरात्र के दौरान देशभर में लाखों लोग व्रत रखते हैं और इस दौरान गेहूं-चावल की जगह कुट्टू, सिंघाड़ा, साबूदाना जैसे फलाहार का सेवन करते हैं। कुट्टू का आटा विशेष रूप से व्रत में इस्तेमाल होता है, इसलिए इसकी मांग इस समय बहुत बढ़ जाती है।
मांग बढ़ने के साथ ही कई जगह मिलावटखोरी के मामले भी सामने आते हैं। पहले भी अलग-अलग राज्यों में कुट्टू या सिंघाड़े के आटे से फूड पॉइजनिंग की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक रखा गया आटा या गलत तरीके से स्टोर किया गया आटा जहरीला हो सकता है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अनुसार, कई दुकानदार अधिक मुनाफा कमाने के लिए पुराने या खराब आटे को नए आटे में मिलाकर बेच देते हैं, जिससे लोगों की सेहत पर गंभीर असर पड़ सकता है।
इस घटना का असर सिर्फ बागपत तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे प्रदेश में व्रत रखने वाले लोगों के बीच डर का माहौल बन गया है। नवरात्र के दौरान फलाहार करने वाले लोग अब बाजार से सामान खरीदते समय अधिक सावधानी बरत रहे हैं।
स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि फूड पॉइजनिंग के ऐसे मामले बढ़ने से अस्पतालों पर भी दबाव बढ़ता है। अगर मिलावटखोरी पर समय रहते रोक नहीं लगी, तो त्योहारों के दौरान बड़े पैमाने पर लोग बीमार पड़ सकते हैं।
भारत जैसे देश में जहां त्योहारों के समय खाद्य पदार्थों की खपत कई गुना बढ़ जाती है, वहां खाद्य सुरक्षा की जिम्मेदारी और भी ज्यादा बढ़ जाती है। इस घटना ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि निगरानी व्यवस्था मजबूत करना जरूरी है।
खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही टीम गठित कर जांच शुरू कर दी गई है। उपायुक्त खाद्य सुरक्षा डीपी सिंह ने कहा कि जिले में 10 से अधिक दुकानों पर छापेमारी की गई है और कुट्टू के आटे के सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे गए हैं।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कोई भी खाद्य पदार्थ खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट जरूर देखें और खुले में बिकने वाले सामान से बचें।
जिला अस्पताल के डॉक्टर विजय प्रकाश ने बताया कि सभी मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और उन्हें निगरानी में रखा गया है। डॉक्टरों ने सलाह दी कि व्रत के दौरान अगर किसी को उल्टी, चक्कर या घबराहट महसूस हो तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।
यह घटना सिर्फ एक फूड पॉइजनिंग का मामला नहीं है, बल्कि खाद्य सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरी को उजागर करती है। त्योहारों के समय बाजार में मांग बढ़ने के कारण मिलावटखोर सक्रिय हो जाते हैं और प्रशासन की निगरानी कई बार पर्याप्त नहीं होती।
जरूरी है कि
अगर समय रहते सख्ती नहीं की गई तो ऐसे मामले बढ़ सकते हैं, जिससे लोगों का भरोसा बाजार और प्रशासन दोनों पर कम हो सकता है।
बागपत की घटना ने यह साबित कर दिया है कि श्रद्धा के पर्व में भी सावधानी जरूरी है। व्रत का भोजन शुद्ध और सुरक्षित होना चाहिए, लेकिन मिलावटखोरी के कारण लोगों की जान खतरे में पड़ सकती है। प्रशासन की कार्रवाई जरूरी है, लेकिन जनता को भी जागरूक रहना होगा।
खाने-पीने की चीज खरीदते समय जांच करना, पैक्ड सामान लेना और एक्सपायरी डेट देखना अब जरूरी हो गया है। त्योहार खुशी का समय होता है, लेकिन लापरवाही इसे संकट में बदल सकती है।
1. कुट्टू का आटा खाने से लोग बीमार क्यों हुए?
संभावना है कि आटे में मिलावट थी या वह खराब हो चुका था, जिससे फूड पॉइजनिंग हुई।
2. कितने लोग बीमार हुए?
एडीएम न्यायिक सहित कुल 9 लोगों की तबीयत खराब हुई।
3. क्या सभी मरीज खतरे से बाहर हैं?
डॉक्टरों के अनुसार सभी की हालत स्थिर है और इलाज चल रहा है।
4. प्रशासन ने क्या कार्रवाई की?
10 से ज्यादा दुकानों पर छापेमारी की गई और सैंपल जांच के लिए भेजे गए।
5. व्रत का सामान खरीदते समय क्या सावधानी रखें?
पैक्ड सामान लें, एक्सपायरी डेट देखें और खुले में बिकने वाले आटे से बचें।
सावधान! नवरात्र में कुट्टू का आटा बना जहर, बागपत में ADM समेत 9 लोग बीमार, मिलावटखोरी पर प्रशासन सख्त