मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: डीए में बढ़ोतरी, अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना, OBC युवाओं को भर्ती प्रशिक्षण, एआई मिशन को मंजूरी

मोहन कैबिनेट के बड़े फैसले: डीए में बढ़ोतरी, अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना, OBC युवाओं को भर्ती प्रशिक्षण, एआई मिशन को मंजूरी
March 24, 2026 at 9:07 pm

मध्य प्रदेश सरकार की कैबिनेट बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर सरकारी कर्मचारियों, युवाओं, शिक्षकों और गरीब वर्ग पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में हुई बैठक में महंगाई भत्ते में वृद्धि, अतिथि शिक्षकों का मानदेय दोगुना करने, अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के युवाओं के लिए भर्ती प्रशिक्षण शुरू करने और राज्य में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) मिशन लागू करने जैसे महत्वपूर्ण निर्णयों को मंजूरी दी गई। सरकार का कहना है कि इन फैसलों का उद्देश्य रोजगार बढ़ाना, प्रशासन को आधुनिक बनाना और सामाजिक योजनाओं को मजबूत करना है।

कैबिनेट बैठक में कुल 20 प्रस्तावों पर चर्चा हुई और कई बड़े फैसलों को मंजूरी दी गई। राज्य सरकार ने सातवें वेतनमान वाले कर्मचारियों के महंगाई भत्ते (DA) में 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी है। इस फैसले के बाद कर्मचारियों का डीए बढ़कर 58 प्रतिशत हो जाएगा। यह बढ़ोतरी 1 जुलाई 2025 से लागू मानी जाएगी, जिससे लाखों कर्मचारियों और पेंशनरों को आर्थिक लाभ मिलेगा।

छठवें वेतनमान के कर्मचारियों के महंगाई भत्ते में भी वृद्धि की गई है। साथ ही पेंशनरों को मिलने वाली महंगाई राहत में भी 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी को मंजूरी दी गई है। सरकार के अनुसार यह फैसला बढ़ती महंगाई को देखते हुए लिया गया है, ताकि कर्मचारियों की आय पर दबाव कम हो सके।

कैबिनेट ने दिव्यांग छात्रों के लिए चलाए जा रहे शिक्षण संस्थानों में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के मानदेय को भी दोगुना करने का निर्णय लिया है। अब तक इन शिक्षकों को 9000 रुपये प्रतिमाह मानदेय मिलता था, जिसे बढ़ाकर 18000 रुपये प्रतिमाह कर दिया गया है। सरकार का कहना है कि इससे शिक्षकों का मनोबल बढ़ेगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार होगा।

इसके अलावा कुपोषित बच्चों के लिए चल रही पोषण आहार योजना में भी बदलाव किया गया है। अब तक बच्चों के लिए 8 रुपये प्रतिदिन की राशि निर्धारित थी, जिसे बढ़ाकर 12 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया है। सरकार का मानना है कि इससे बच्चों को बेहतर पोषण मिल सकेगा और कुपोषण की समस्या को कम करने में मदद मिलेगी।

युवाओं को रोजगार के लिए तैयार करने के उद्देश्य से सरकार ने “शौर्य संकल्प प्रशिक्षण 2026” योजना शुरू करने का फैसला किया है। इस योजना के तहत अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के 12वीं पास युवक-युवतियों को सेना, अर्द्धसैनिक बल, पुलिस और होमगार्ड भर्ती की तैयारी के लिए 45 दिन का निशुल्क प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह प्रशिक्षण राज्य के 10 संभागीय मुख्यालयों में आयोजित होगा। प्रशिक्षण के दौरान लड़कों को 1000 रुपये और लड़कियों को 1100 रुपये की आर्थिक सहायता भी दी जाएगी।

कैबिनेट बैठक में रीवा जिले की महाना सिंचाई परियोजना को भी मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत लगभग 82 करोड़ रुपये बताई गई है। इस परियोजना से किसानों को सिंचाई की सुविधा मिलेगी और कृषि उत्पादन बढ़ने की उम्मीद है।

सरकार ने “जल गंगा अभियान” को भी मंजूरी दी है, जो अगले तीन महीने तक चलाया जाएगा। इस अभियान पर करीब 25 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। इसका उद्देश्य जल संरक्षण, जल स्रोतों की सफाई और जल संकट से निपटने की तैयारी करना है।

सबसे महत्वपूर्ण फैसलों में से एक राज्य में “स्टेट एआई मिशन” शुरू करने का है। इस मिशन के तहत कृषि, स्वास्थ्य, पोषण और आपदा प्रबंधन जैसे क्षेत्रों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का उपयोग किया जाएगा।

मध्य प्रदेश सरकार पिछले कुछ समय से रोजगार, कृषि और सामाजिक योजनाओं को मजबूत करने पर जोर दे रही है। केंद्र और अन्य राज्यों की तरह अब राज्य सरकार भी प्रशासन में तकनीक के इस्तेमाल को बढ़ा रही है। महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी का फैसला भी केंद्र सरकार के फैसलों के अनुरूप माना जा रहा है।

राज्य में युवाओं के लिए भर्ती प्रशिक्षण की मांग लंबे समय से उठ रही थी, खासकर ग्रामीण और पिछड़े वर्ग के युवाओं को सेना और पुलिस भर्ती की तैयारी के लिए संसाधन नहीं मिल पाते थे। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने यह योजना शुरू की है।

इन फैसलों का असर कई वर्गों पर पड़ेगा।
सरकारी कर्मचारियों को बढ़े हुए डीए से आर्थिक राहत मिलेगी।
अतिथि शिक्षकों का मानदेय बढ़ने से शिक्षा व्यवस्था में स्थिरता आएगी।
OBC युवाओं को प्रशिक्षण मिलने से सरकारी नौकरियों में उनकी भागीदारी बढ़ सकती है।
पोषण आहार की राशि बढ़ने से बच्चों के स्वास्थ्य में सुधार की उम्मीद है।
AI मिशन से प्रशासनिक कामकाज तेज और पारदर्शी हो सकता है।

कृषि और सिंचाई परियोजनाओं से किसानों को सीधा लाभ मिलने की संभावना है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

कैबिनेट बैठक के बाद मंत्री चैतन्य कश्यप ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अवसर देना, गरीब और किसान वर्ग को मजबूत करना और प्रदेश में निवेश बढ़ाना है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सोशल मीडिया पर लिखा कि राज्य में स्टेट एआई मिशन शुरू किया जा रहा है, जिससे शासन की व्यवस्था अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनेगी। उन्होंने कहा कि 2026-27 में तैयारी, 2027-28 में क्रियान्वयन और 2028 से इसे स्थायी व्यवस्था के रूप में लागू किया जाएगा।

कैबिनेट के फैसलों को राजनीतिक और प्रशासनिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
महंगाई भत्ता बढ़ाना कर्मचारियों को राहत देने के साथ-साथ सरकार की सकारात्मक छवि बनाता है।
OBC युवाओं के लिए प्रशिक्षण योजना सामाजिक संतुलन की दिशा में बड़ा कदम माना जा सकता है।
AI मिशन की शुरुआत दिखाती है कि राज्य सरकार प्रशासन में आधुनिक तकनीक को अपनाना चाहती है।

हालांकि कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि योजनाओं का असर तभी दिखेगा जब उनका सही तरीके से क्रियान्वयन हो।

मध्य प्रदेश कैबिनेट के फैसले यह संकेत देते हैं कि सरकार रोजगार, शिक्षा, तकनीक और सामाजिक योजनाओं पर एक साथ काम करना चाहती है। महंगाई भत्ता बढ़ाने से लेकर AI मिशन शुरू करने तक के फैसले बताते हैं कि सरकार आर्थिक राहत और प्रशासनिक सुधार दोनों पर ध्यान दे रही है। आने वाले समय में इन योजनाओं का वास्तविक प्रभाव उनके लागू होने के तरीके पर निर्भर करेगा।

1. महंगाई भत्ता कितना बढ़ाया गया है?
सरकारी कर्मचारियों का डीए 3 प्रतिशत बढ़ाकर 58 प्रतिशत किया गया है।

2. अतिथि शिक्षकों को अब कितना मानदेय मिलेगा?
अब उन्हें 9000 की जगह 18000 रुपये प्रतिमाह मिलेंगे।

3. OBC युवाओं के लिए कौन-सी योजना शुरू हुई है?
शौर्य संकल्प प्रशिक्षण 2026 के तहत 45 दिन की भर्ती ट्रेनिंग दी जाएगी।

4. स्टेट एआई मिशन क्या है?
यह योजना प्रशासन, कृषि, स्वास्थ्य और आपदा प्रबंधन में AI के उपयोग के लिए है।

5. पोषण आहार की राशि कितनी बढ़ी है?
8 रुपये से बढ़ाकर 12 रुपये प्रतिदिन कर दी गई है।