उत्तर प्रदेश के प्रयागराज जिले के फाफामऊ क्षेत्र में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जब एक पुराने कोल्ड स्टोरेज की इमारत का हिस्सा अचानक ढह गया। हादसे के समय अंदर बड़ी संख्या में मजदूर काम कर रहे थे, जिसके कारण कई लोग मलबे के नीचे दब गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और राहत-बचाव के लिए पुलिस, फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें मौके पर पहुंचीं। प्रशासन ने रात भर रेस्क्यू ऑपरेशन जारी रखने का निर्णय लिया।
प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट के फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर गांव स्थित आदर्श कोल्ड स्टोरेज में यह हादसा दोपहर करीब एक बजे हुआ। बताया जा रहा है कि कोल्ड स्टोरेज का एक बड़ा हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे वहां काम कर रहे कई मजदूर मलबे में दब गए। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
घटना के समय कोल्ड स्टोरेज में आलू के भंडारण का काम चल रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उस समय 100 से अधिक मजदूर परिसर में मौजूद थे। दोपहर के समय कई मजदूर भोजन कर रहे थे, तभी अचानक तेज आवाज के साथ छत का हिस्सा गिर गया। मलबे के नीचे दबे लोगों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए दौड़े।
हादसे के बाद कोल्ड स्टोरेज में अमोनिया गैस के रिसाव की भी खबर सामने आई, जिससे बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। गैस रिसाव के कारण कुछ समय के लिए रेस्क्यू टीमों को सावधानी के साथ काम करना पड़ा। प्रशासन ने तुरंत बिजली कनेक्शन काट दिया और सुरक्षा के इंतजाम बढ़ाए।
अब तक कई लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है, जिनमें से कुछ की मौत हो चुकी है जबकि कई घायल अस्पताल में भर्ती हैं। घायलों को प्रयागराज के मेडिकल कॉलेज, एसआरएन अस्पताल और बेली अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
जिस आदर्श कोल्ड स्टोरेज में यह हादसा हुआ, वह काफी पुराना बताया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार इमारत की हालत लंबे समय से खराब थी और कई बार इसकी मरम्मत की मांग भी उठी थी। बताया जा रहा है कि यह कोल्ड स्टोरेज समाजवादी पार्टी के पूर्व विधायक और पूर्व मंत्री अंसार अहमद से जुड़ा हुआ है।
क्षेत्र में आलू उत्पादन अधिक होने के कारण यहां बड़ी संख्या में किसान अपनी फसल को सुरक्षित रखने के लिए कोल्ड स्टोरेज पर निर्भर रहते हैं। ऐसे में इस तरह की घटना ने किसानों और मजदूरों दोनों के बीच चिंता बढ़ा दी है।
प्रयागराज और आसपास के जिलों में कई कोल्ड स्टोरेज पुराने ढांचे पर चल रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि नियमित निरीक्षण और सुरक्षा जांच नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।
इस हादसे का असर केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे पूरे प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं। उत्तर प्रदेश देश के सबसे बड़े आलू उत्पादक राज्यों में शामिल है, और यहां हजारों कोल्ड स्टोरेज संचालित होते हैं।
यदि इनकी समय-समय पर जांच नहीं की गई तो भविष्य में भी ऐसे हादसे हो सकते हैं। इस घटना के बाद मजदूर संगठनों ने सुरक्षा मानकों को सख्ती से लागू करने की मांग की है।
स्थानीय लोगों में भी डर का माहौल है, क्योंकि कई मजदूर दूसरे जिलों और राज्यों से काम करने आए थे। उनके परिवारों को हादसे की खबर मिलने के बाद चिंता बढ़ गई है।
जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। एडीएम वित्त एवं राजस्व विनीता सिंह की अध्यक्षता में एक जांच समिति बनाई गई है, जो इमारत गिरने के कारणों की जांच करेगी।
प्रशासन ने बताया कि किसी भी प्रकार की लापरवाही या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नर जोगिंदर कुमार ने कहा कि राहत और बचाव कार्य प्राथमिकता पर चल रहा है और बाहर से भी टीमें बुलाई गई हैं।
प्रधानमंत्री कार्यालय की ओर से भी मृतकों के परिजनों के लिए मुआवजे की घोषणा की गई है। मृतकों के परिवार को दो लाख रुपये और घायलों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है।
प्रशासन ने लोगों की मदद के लिए कंट्रोल रूम भी बनाया है, जहां हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।
यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या पुराने और जर्जर भवनों में चल रहे कोल्ड स्टोरेज की नियमित जांच होती है या नहीं।
दूसरा मुद्दा मजदूरों की सुरक्षा का है। कई बार मजदूरों को बिना उचित सुरक्षा उपकरण और बिना प्रशिक्षण के जोखिम भरे काम में लगा दिया जाता है।
तीसरा पहलू प्रशासनिक निगरानी का है। यदि समय पर निरीक्षण और मरम्मत कराई जाती तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था।
विशेषज्ञों का मानना है कि सभी कोल्ड स्टोरेज के लिए अनिवार्य संरचनात्मक ऑडिट होना चाहिए, ताकि जर्जर भवनों को समय रहते बंद किया जा सके।
फाफामऊ का यह हादसा बेहद दुखद और चिंताजनक है। इसमें कई परिवारों ने अपने कमाने वाले सदस्य खो दिए हैं। राहत की बात यह है कि प्रशासन और बचाव दल लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्था की कमजोरियों को उजागर कर दिया है।
जरूरत है कि पूरे प्रदेश में कोल्ड स्टोरेज और अन्य औद्योगिक भवनों की जांच कराई जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
1. हादसा कहां हुआ?
प्रयागराज के फाफामऊ थाना क्षेत्र के चंदापुर स्थित एक कोल्ड स्टोरेज में।
2. हादसा कैसे हुआ?
कोल्ड स्टोरेज की जर्जर इमारत का एक हिस्सा अचानक गिर गया।
3. कितने लोग प्रभावित हुए?
कई मजदूर मलबे में दबे, कुछ की मौत और कई घायल हुए।
4. क्या जांच के आदेश दिए गए हैं?
हाँ, जिला प्रशासन ने जांच समिति गठित की है।
5. क्या मुआवजा घोषित हुआ है?
हाँ, मृतकों और घायलों के लिए आर्थिक सहायता की घोषणा की गई है।
फाफामऊ कोल्ड स्टोरेज हादसा: जर्जर इमारत गिरने से कई मजदूर दबे, रात भर चला रेस्क्यू ऑपरेशन