बदायूं में गंगा का कहर: पांच किशोर डूबे, तीन की मौत, दो गंभीर हालत में भर्ती

बदायूं में गंगा का कहर: पांच किशोर डूबे, तीन की मौत, दो गंभीर हालत में भर्ती
April 13, 2026 at 1:50 pm

उत्तर प्रदेश के बदायूं जिले में गंगा नदी के किनारे एक दिल दहला देने वाला हादसा सामने आया है। खजुरा पुख्ता घाट पर नहाने गए पांच किशोर अचानक तेज बहाव की चपेट में आ गए। इस दुखद घटना में तीन बच्चों की मौत हो गई, जबकि दो को गंभीर हालत में बचाकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना ने पूरे क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल पैदा कर दिया है।

यह हादसा उसैहत थाना क्षेत्र के खजुरा पुख्ता गांव स्थित गंगा घाट पर हुआ, जहां पांच किशोर खेलते-खेलते नदी तक पहुंच गए। बताया जा रहा है कि ये सभी बच्चे आपस में दोस्त थे और कुछ सगे भाई भी थे। गर्मी और उत्साह के चलते उन्होंने नदी में नहाने का फैसला किया, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि यह निर्णय उनके लिए जानलेवा साबित होगा।

जैसे ही बच्चे पानी में उतरे, कुछ ही देर में वे गहरे हिस्से में पहुंच गए। गंगा का बहाव उस समय तेज था, जिससे वे अपना संतुलन नहीं बना पाए और एक-एक कर डूबने लगे। बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास खेतों में काम कर रहे ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंचे और बचाव कार्य शुरू किया।

ग्रामीणों ने अपनी जान जोखिम में डालकर दो बच्चों को बाहर निकाल लिया, लेकिन तीन बच्चे नदी में समा चुके थे। सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया। करीब एक घंटे बाद एक बच्चे का शव बरामद किया गया, जबकि दो सगे भाइयों की तलाश लंबे समय तक जारी रही।

बचाए गए बच्चों को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है। डॉक्टरों के अनुसार, उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

खजुरा पुख्ता गांव गंगा नदी के किनारे स्थित है और यहां के लोग दैनिक जीवन में नदी का उपयोग करते हैं। गर्मी के मौसम में बच्चों का नदी में नहाना आम बात है, लेकिन यह आदत कई बार जानलेवा साबित हो जाती है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि घाट पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं। न तो चेतावनी बोर्ड लगाए गए हैं और न ही किसी तरह की निगरानी व्यवस्था मौजूद है। ऐसे में बच्चे बिना किसी रोक-टोक के नदी में चले जाते हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है।

इस घटना के बाद पूरे गांव में मातम छा गया है। जिन परिवारों ने अपने बच्चों को खोया है, उनका दुख असहनीय है। गांव में हर कोई स्तब्ध है और घटना के बाद लोगों की भारी भीड़ घाट पर जमा हो गई।

यह हादसा केवल एक स्थानीय घटना नहीं है, बल्कि पूरे देश के लिए एक चेतावनी है। भारत में हर साल बड़ी संख्या में लोग, खासकर बच्चे, पानी में डूबने की घटनाओं का शिकार होते हैं। यह आंकड़ा बताता है कि जल सुरक्षा को लेकर जागरूकता और व्यवस्था दोनों में सुधार की आवश्यकता है।

थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई थी और तत्काल बचाव कार्य शुरू किया गया। उन्होंने कहा कि बरामद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।

वहीं एसपी सिटी अभिषेक सिंह ने कहा कि लापता बच्चों की तलाश के लिए गोताखोरों और एसडीआरएफ की टीम लगातार प्रयास कर रही है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बच्चों को अकेले नदी या गहरे पानी के पास न जाने दें।

यह हादसा कई गंभीर सवाल खड़े करता है। सबसे बड़ी चिंता घाटों पर सुरक्षा व्यवस्था की कमी है। यदि वहां लाइफगार्ड, चेतावनी संकेत और बैरिकेडिंग होती, तो शायद बच्चों को रोका जा सकता था।

दूसरा महत्वपूर्ण पहलू जागरूकता का है। ग्रामीण क्षेत्रों में लोग अक्सर नदी के खतरों को समझने में चूक जाते हैं। बच्चों को यह सिखाना जरूरी है कि नदी में बिना निगरानी के जाना कितना जोखिम भरा हो सकता है।

तीसरा पहलू प्रशासनिक जिम्मेदारी का है। ऐसे संवेदनशील स्थानों पर नियमित निगरानी और सुरक्षा उपायों को सख्ती से लागू करना जरूरी है, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

बदायूं का यह हादसा बेहद दुखद और चिंताजनक है। इसने कई परिवारों की खुशियां छीन लीं और पूरे समाज को झकझोर कर रख दिया। यह घटना हमें याद दिलाती है कि सुरक्षा और सतर्कता की अनदेखी कितनी भारी पड़ सकती है।

जरूरत है कि प्रशासन और समाज मिलकर ऐसे कदम उठाएं जिससे भविष्य में इस तरह की घटनाएं न हों। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देना ही इस त्रासदी से मिली सबसे बड़ी सीख है।

Q1. यह हादसा कहां हुआ?
A: बदायूं जिले के खजुरा पुख्ता गंगा घाट पर यह घटना हुई।

Q2. कितने बच्चे डूबे थे?
A: कुल पांच किशोर नदी में डूब गए थे।

Q3. कितनों की मौत हुई?
A: तीन बच्चों की मौत हो चुकी है।

Q4. क्या कोई बचाया गया?
A: हां, दो बच्चों को बचा लिया गया, लेकिन उनकी हालत गंभीर है।

Q5. प्रशासन क्या कर रहा है?
A: एसडीआरएफ और गोताखोरों की टीम सर्च ऑपरेशन चला रही है और जांच जारी है।