देश में भीषण गर्मी का कहर: 10 शहरों में 45°C पार, दिल्ली को मिलेगी राहत?

देश में भीषण गर्मी का कहर: 10 शहरों में 45°C पार, दिल्ली को मिलेगी राहत?
April 27, 2026 at 2:18 pm

अप्रैल महीने में ही देश के कई हिस्सों में गर्मी ने अपने तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। उत्तर, पश्चिम और मध्य भारत के कई शहर इस समय भीषण हीटवेव की चपेट में हैं। हालात ऐसे हैं कि सुबह से ही सूरज की तपिश असहनीय हो जाती है और दोपहर तक तापमान 45 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच जाता है। महाराष्ट्र के कई शहरों सहित पंजाब, हरियाणा, गुजरात और ओडिशा के हिस्सों में गर्मी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। हालांकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली के लिए थोड़ी राहत की उम्मीद जताई जा रही है।

सबसे गर्म शहरों की स्थिति

महाराष्ट्र के शहरों में सबसे ज्यादा गर्मी

इस समय देश के सबसे गर्म शहरों में अकोला, अमरावती और वर्धा शीर्ष पर हैं। इन शहरों में तापमान 45.5°C से 45.6°C के बीच दर्ज किया गया है। विदर्भ क्षेत्र में गर्म हवाओं का असर सबसे अधिक देखने को मिल रहा है। यहां खेतों में काम करने वाले मजदूरों और किसानों के लिए हालात बेहद कठिन हो गए हैं।

उत्तर भारत में भी हालात गंभीर

पंजाब का फरीदकोट 45.2°C तापमान के साथ उत्तर भारत का सबसे गर्म शहर बन गया है। वहीं हरियाणा का रोहतक 44.6°C के साथ दूसरे स्थान पर है। दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में भी गर्मी का असर साफ देखा जा रहा है, जहां दिन के साथ-साथ रातें भी गर्म हो गई हैं।

पूर्व और पश्चिम भारत भी प्रभावित

ओडिशा का झारसुगुड़ा 44.6°C तापमान के साथ पूर्वी भारत में सबसे गर्म शहर बन गया है। गुजरात के सुरेंद्रनगर और अहमदाबाद में भी तापमान 44°C के आसपास बना हुआ है। वहीं महाराष्ट्र का नागपुर और मध्य प्रदेश का इंदौर भी गर्मी की चपेट में हैं।

देशभर में बढ़ती गर्मी ने सामान्य जीवन को बुरी तरह प्रभावित कर दिया है। कई शहरों में दोपहर के समय सड़कों पर सन्नाटा पसरा रहता है क्योंकि लोग घरों से बाहर निकलने से बच रहे हैं। लू के थपेड़ों और तेज धूप के कारण हीट स्ट्रोक और डिहाइड्रेशन के मामले भी बढ़ने लगे हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अप्रैल में इतनी भीषण गर्मी असामान्य है और यह जलवायु परिवर्तन का संकेत हो सकता है। मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में भी कई क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक बना रह सकता है।

भारत में हर साल मई-जून के दौरान भीषण गर्मी पड़ती है, लेकिन इस बार अप्रैल में ही तापमान रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया है। पिछले कुछ वर्षों में हीटवेव की घटनाओं में लगातार वृद्धि देखी गई है। वैज्ञानिकों के अनुसार, ग्लोबल वार्मिंग और बदलते मौसम चक्र इसके प्रमुख कारण हैं।

उत्तर प्रदेश के बुंदेलखंड क्षेत्र में भी गर्मी ने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। बांदा पिछले 3-4 दिनों से देश के सबसे गर्म शहरों में शामिल रहा है। यहां तापमान 47°C से 48°C के बीच दर्ज किया गया, जो इस सीजन का अब तक का सबसे ऊंचा स्तर माना जा रहा है।

इस भीषण गर्मी का सबसे अधिक असर गरीब और मजदूर वर्ग पर पड़ रहा है। खेतों में काम करने वाले किसान, निर्माण कार्य में लगे मजदूर और खुले में काम करने वाले लोग गंभीर स्वास्थ्य जोखिम का सामना कर रहे हैं। इसके अलावा बिजली की मांग बढ़ने से कई जगहों पर पावर कट की समस्या भी सामने आ रही है।

स्कूलों के समय में बदलाव, सरकारी एडवाइजरी और स्वास्थ्य विभाग की चेतावनियां इस स्थिति की गंभीरता को दर्शाती हैं।

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने कई राज्यों में हीटवेव का अलर्ट जारी किया है। विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों तक तापमान ऊंचा बना रह सकता है, हालांकि दिल्ली और आसपास के क्षेत्रों में 28 अप्रैल के बाद हल्की बारिश और तापमान में गिरावट की संभावना है।

स्वास्थ्य मंत्रालय ने लोगों को सलाह दी है कि वे धूप में कम निकलें, पर्याप्त पानी पिएं और हल्के कपड़े पहनें।

गर्मी का यह बढ़ता प्रकोप केवल मौसमी बदलाव नहीं बल्कि दीर्घकालिक जलवायु संकट का संकेत है। शहरों में कंक्रीट का बढ़ता विस्तार, हरित क्षेत्र की कमी और प्रदूषण भी तापमान बढ़ाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

अगर इसी तरह तापमान बढ़ता रहा तो आने वाले वर्षों में भारत को जल संकट, खाद्य उत्पादन में गिरावट और स्वास्थ्य समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास पर जोर देना जरूरी है।

देश के कई हिस्सों में भीषण गर्मी ने लोगों का जीवन मुश्किल बना दिया है। हालांकि कुछ क्षेत्रों में राहत की उम्मीद है, लेकिन कुल मिलाकर स्थिति गंभीर बनी हुई है। ऐसे में जरूरी है कि लोग सावधानी बरतें और सरकार भी दीर्घकालिक समाधान की दिशा में कदम उठाए।

1. इस समय भारत का सबसे गर्म शहर कौन सा है?
महाराष्ट्र का अकोला और अमरावती सबसे गर्म शहर हैं, जहां तापमान 45°C से ऊपर है।

2. क्या दिल्ली में गर्मी से राहत मिलेगी?
मौसम विभाग के अनुसार 28 अप्रैल के बाद दिल्ली में हल्की राहत मिल सकती है।

3. हीटवेव से बचाव कैसे करें?
धूप से बचें, अधिक पानी पिएं, ढीले और हल्के कपड़े पहनें।

4. क्या यह गर्मी सामान्य है?
नहीं, अप्रैल में इतनी गर्मी असामान्य मानी जा रही है।

5. सबसे ज्यादा खतरा किन लोगों को है?
बुजुर्ग, बच्चे और बीमार लोगों को अधिक सावधानी बरतनी चाहिए।