प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार की तैयारी तेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उठे कई सवाल; आज भैंसाकुंड में होगा अंतिम संस्कार

प्रतीक यादव के अंतिम संस्कार की तैयारी तेज, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद उठे कई सवाल; आज भैंसाकुंड में होगा अंतिम संस्कार
May 14, 2026 at 2:13 pm

समाजवादी परिवार से जुड़े प्रतीक यादव के निधन के बाद पूरे उत्तर प्रदेश में शोक का माहौल है। उनके अचानक निधन ने राजनीतिक गलियारों से लेकर आम लोगों तक को स्तब्ध कर दिया है। बुधवार सुबह हुई इस दुखद घटना के बाद अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट भी सामने आ चुकी है, जिसमें मौत की वजह और शरीर पर मिले चोटों के निशानों को लेकर कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। इसी बीच घर और श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार की तैयारियां भी पूरी कर ली गई हैं। परिवार ने लोगों से अंतिम दर्शन और श्रद्धांजलि के लिए आने की अपील की है।

प्रतीक यादव के निधन के बाद उनके आवास पर लगातार लोगों की भीड़ जुट रही है। राजनीतिक दलों के नेताओं, समर्थकों और आम नागरिकों ने उनके प्रति श्रद्धांजलि व्यक्त की है। जानकारी के अनुसार, उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के बैकुंठ धाम (भैंसाकुंड) श्मशान घाट पर किया जाएगा। अंतिम संस्कार से पहले उनके पार्थिव शरीर को आम लोगों के अंतिम दर्शन के लिए रखा गया।

प्रतीक यादव को बुधवार सुबह गंभीर हालत में लखनऊ के सिविल अस्पताल लाया गया था। अस्पताल पहुंचने के बाद डॉक्टरों ने उनकी जांच की। पल्स और हृदय गति की जांच में कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद ईसीजी किया गया, लेकिन उसमें भी जीवन के कोई संकेत नहीं मिले। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

इस घटना के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए केजीएमयू भेजा गया, जहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम ने वीडियोग्राफी के बीच पोस्टमार्टम किया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट शाम को सामने आई, जिसने इस मामले को और चर्चा में ला दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रतीक यादव के शरीर पर कुल छह चोटों के निशान पाए गए। इनमें से तीन चोटें लगभग 5 से 7 दिन पुरानी बताई गईं, जबकि तीन चोटें लगभग एक दिन पहले की थीं। डॉक्टरों ने कहा कि ये चोटें मृत्यु से पहले लगी थीं, लेकिन इनमें से कोई भी सीधे तौर पर जानलेवा नहीं थी।

शरीर पर मिली चोटों में दाहिने हाथ, फोरआर्म, कोहनी, कलाई और छाती के हिस्से शामिल थे। चोटों के नीचे खून जमने के संकेत भी मिले। डॉक्टरों का कहना है कि यह चोटें किसी गिरावट या बाहरी कारण से भी हो सकती हैं, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो पाएगी।

सबसे महत्वपूर्ण बात यह रही कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह “मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म” बताई गई। इसका मतलब है कि फेफड़ों की धमनियों में खून का बड़ा थक्का फंस गया, जिससे ऑक्सीजन की आपूर्ति बाधित हो गई और कार्डियोरेस्पिरेटरी सिस्टम अचानक फेल हो गया।

इसी बीच विसरा को फॉरेंसिक जांच के लिए सुरक्षित रखा गया है। इसकी जांच में यह पता लगाने की कोशिश होगी कि शरीर में किसी प्रकार के जहरीले पदार्थ की मौजूदगी थी या नहीं।

प्रतीक यादव की पत्नी अपर्णा यादव ने सोशल मीडिया पर भावुक संदेश साझा करते हुए अंतिम संस्कार की जानकारी दी। उन्होंने लोगों से इस दुखद समय में परिवार के साथ खड़े रहने की अपील की।

दूसरी ओर समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने भी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए परिवार के प्रति लोगों द्वारा भेजे जा रहे संदेशों के लिए आभार जताया।

प्रतीक यादव के अंतिम दर्शन के लिए कई प्रमुख नेता पहुंचे। इसमें विभिन्न दलों के नेताओं के अलावा योगी सरकार के मंत्री ओम प्रकाश राजभर भी शामिल रहे।

हालांकि इस बीच कुछ राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी सामने आईं। कुछ नेताओं ने मौत की परिस्थितियों को लेकर स्वतंत्र जांच की मांग की है। हालांकि अभी तक प्रशासन या जांच एजेंसियों की ओर से किसी साजिश या असामान्य स्थिति की पुष्टि नहीं की गई है।

प्रतीक यादव समाजवादी पार्टी संस्थापक स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव के परिवार से जुड़े थे। हालांकि बड़े राजनीतिक परिवार से संबंध होने के बावजूद उन्होंने सक्रिय राजनीति से दूरी बनाए रखी। उन्हें फिटनेस और स्वास्थ्य के प्रति बेहद जागरूक माना जाता था।

उन्होंने लखनऊ में फिटनेस से जुड़ा व्यवसाय शुरू किया था और स्वास्थ्य क्षेत्र में उनकी विशेष रुचि थी। उनके करीबी उन्हें फिटनेस फ्रीक और पशु प्रेमी के रूप में जानते थे।

उनका सार्वजनिक जीवन अपेक्षाकृत शांत रहा, लेकिन परिवार और सामाजिक गतिविधियों के कारण उनकी पहचान बनी हुई थी।

प्रतीक यादव के निधन का असर सिर्फ एक परिवार तक सीमित नहीं है। उत्तर प्रदेश की राजनीति में यह घटना व्यापक चर्चा का विषय बनी हुई है। समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच शोक की भावना दिखाई दे रही है।

ऐसी घटनाएं स्वास्थ्य जागरूकता और अचानक होने वाली मेडिकल स्थितियों पर भी सवाल खड़े करती हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पल्मोनरी एंबॉलिज्म जैसी स्थितियां कई बार बिना स्पष्ट संकेतों के गंभीर रूप ले सकती हैं।

डॉक्टरों की टीम ने स्पष्ट किया कि शरीर पर मिली चोटें मृत्यु से पहले की थीं, लेकिन शुरुआती जांच के आधार पर कोई भी चोट जानलेवा नहीं थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के अनुसार मौत का कारण फेफड़ों में रक्त का थक्का जमने के बाद उत्पन्न हुई गंभीर चिकित्सीय स्थिति रही।

परिवार की ओर से भी अंतिम संस्कार की समय-सारिणी जारी की गई और लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की गई।

इस मामले ने कई स्तरों पर चर्चा शुरू कर दी है। एक ओर मेडिकल रिपोर्ट मौत का कारण स्पष्ट करती दिख रही है, दूसरी ओर शरीर पर मिले चोटों के निशान सवाल पैदा कर रहे हैं।

हालांकि चिकित्सकों का कहना है कि चोटों से मौत नहीं हुई, लेकिन उनकी प्रकृति और समय को लेकर आगे की जांच महत्वपूर्ण हो सकती है। फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।

यह भी ध्यान देने वाली बात है कि किसी भी हाई-प्रोफाइल मामले में शुरुआती चरण में कई तरह की अटकलें लगती हैं। इसलिए अंतिम निष्कर्ष जांच एजेंसियों और वैज्ञानिक रिपोर्ट के आधार पर ही निकलना चाहिए।

प्रतीक यादव का निधन उनके परिवार, मित्रों और समर्थकों के लिए गहरा आघात है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने कुछ सवालों के जवाब दिए हैं, लेकिन कुछ नए प्रश्न भी सामने आए हैं। अब सभी की नजर फॉरेंसिक जांच रिपोर्ट पर टिकी है, जिससे स्थिति और साफ हो सकेगी। फिलहाल पूरा प्रदेश उन्हें अंतिम विदाई देने की तैयारी में भावुक नजर आ रहा है।

1. प्रतीक यादव का अंतिम संस्कार कब और कहां होगा?
उनका अंतिम संस्कार लखनऊ के भैंसाकुंड स्थित बैकुंठ धाम में किया जाएगा।

2. पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत की वजह क्या बताई गई?
रिपोर्ट में मौत की वजह मैसिव पल्मोनरी थ्रोम्बोएम्बोलिज्म बताई गई है।

3. शरीर पर कितनी चोटों के निशान मिले?
कुल छह चोटों के निशान पाए गए हैं।

4. क्या चोटों की वजह से मौत हुई?
डॉक्टरों के अनुसार चोटें जानलेवा नहीं थीं।

5. क्या मामले की आगे जांच होगी?
विसरा जांच और फॉरेंसिक रिपोर्ट के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी।