सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आया दामाद बना हादसे का शिकार, घाघरा नदी में मगरमच्छ ने खींचा, तलाश जारी

सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने आया दामाद बना हादसे का शिकार, घाघरा नदी में मगरमच्छ ने खींचा, तलाश जारी
May 21, 2026 at 1:46 pm

उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले से एक बेहद दर्दनाक और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जिसने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है। परिवार में मातम के बीच अंतिम संस्कार में शामिल होने आए एक युवक के साथ ऐसा हादसा हुआ, जिसकी किसी ने कल्पना भी नहीं की थी। अपनी सास के अंतिम संस्कार की तैयारियों में जुटा दामाद नदी किनारे हाथ धोने गया था, तभी अचानक पानी से निकले मगरमच्छ ने उसे हमला कर गहरे पानी में खींच लिया। घटना के बाद से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है और प्रशासन लगातार युवक की तलाश में जुटा हुआ है।

यह घटना गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र के सोनौली मोहम्मदपुर इलाके के पास बुधवार दोपहर लगभग 12 बजे हुई। मृतक युवक की पहचान दीपक (30) के रूप में हुई है, जो ग्रेटर नोएडा का रहने वाला बताया जा रहा है। दीपक अपनी पत्नी और छोटी बेटी के साथ अपनी सास उर्मिला देवी के अंतिम संस्कार में शामिल होने ससुराल आया था।

परिवार के अनुसार उर्मिला देवी पिछले कुछ समय से कैंसर जैसी गंभीर बीमारी से जूझ रही थीं। मंगलवार को उनका निधन हो गया था। बुधवार को परिवार और रिश्तेदार अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी करने के लिए सरयू नदी के किनारे पहुंचे थे।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार अंतिम संस्कार की तैयारी के दौरान दीपक भी परिवार के अन्य सदस्यों के साथ मौजूद था। बताया गया कि उसने चिता तैयार करने के लिए गड्ढा खोदने में मदद की थी। काम पूरा होने के बाद वह नदी के किनारे हाथ धोने गया।

जैसे ही दीपक पानी के करीब पहुंचा और झुककर हाथ धोने लगा, तभी अचानक नदी से एक विशाल मगरमच्छ बाहर आया। आसपास मौजूद लोगों ने बताया कि मगरमच्छ ने युवक के सिर को अपने जबड़ों में जकड़ लिया और देखते ही देखते उसे पानी के अंदर खींच ले गया।

घटना इतनी तेजी से हुई कि लोगों को कुछ समझने का मौका ही नहीं मिला। कुछ लोग शोर मचाते हुए उसकी ओर दौड़े लेकिन मगरमच्छ गहरे पानी में जा चुका था।

घटना के बाद नदी किनारे अफरा-तफरी मच गई। परिवार के लोग चीखते-रोते रह गए और वहां मौजूद ग्रामीण भी सदमे में आ गए।

घाघरा और सरयू नदी के कई हिस्सों में मगरमच्छों की मौजूदगी पहले भी सामने आती रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बरसात और जलस्तर बढ़ने के दौरान मगरमच्छ नदी किनारों के आसपास ज्यादा दिखाई देते हैं।

नदी के किनारों पर जहां पानी कम गहरा दिखाई देता है, वहां भी मगरमच्छ छिपकर बैठे रहते हैं। अक्सर लोग सामान्य गतिविधियों के दौरान सतर्क नहीं रहते और हादसे हो जाते हैं।

उत्तर प्रदेश के कई जिलों में पहले भी मगरमच्छों द्वारा लोगों पर हमले की घटनाएं सामने आई हैं। हालांकि इस तरह अंतिम संस्कार के दौरान किसी व्यक्ति पर हमला होने की घटना बेहद दुर्लभ मानी जा रही है।

वन्यजीव विशेषज्ञों के अनुसार मगरमच्छ आमतौर पर इंसानों से दूरी बनाए रखते हैं, लेकिन यदि उन्हें खतरा महसूस हो या वे शिकार की स्थिति में हों तो हमला कर सकते हैं।

इस घटना ने पूरे इलाके में भय का माहौल पैदा कर दिया है। नदी किनारे रहने वाले ग्रामीणों में दहशत देखी जा रही है। कई लोगों ने प्रशासन से नदी किनारे सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाने और चेतावनी बोर्ड लगाने की मांग की है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि नदी किनारे अंतिम संस्कार, स्नान और अन्य धार्मिक गतिविधियां नियमित रूप से होती हैं। ऐसे में अगर मगरमच्छों की गतिविधियां बढ़ रही हैं तो लोगों की सुरक्षा के लिए विशेष कदम उठाने जरूरी हैं।

इस घटना ने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या नदी किनारे संवेदनशील क्षेत्रों की पर्याप्त निगरानी की जा रही है या नहीं।

भारत में मानव और वन्यजीव संघर्ष के मामले तेजी से सामने आ रहे हैं। आबादी बढ़ने और प्राकृतिक आवास प्रभावित होने से जंगली जीवों और इंसानों का संपर्क बढ़ रहा है।

घटना की सूचना मिलते ही उमरी बेगमगंज पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय प्रशासन को जानकारी दी गई। प्रशासन ने तत्काल सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।

अधिकारियों के अनुसार स्थानीय गोताखोरों और ग्रामीणों की मदद से युवक की तलाश जारी है। इसके अलावा बचाव अभियान को तेज करने के लिए राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) की टीम भी बुलाई गई है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि नदी के कई हिस्सों में खोज अभियान चलाया जा रहा है और हर संभव प्रयास किया जा रहा है।

हालांकि समाचार लिखे जाने तक युवक का कोई पता नहीं चल पाया था।

यह घटना केवल एक दुखद हादसा नहीं बल्कि सुरक्षा व्यवस्था और जागरूकता से जुड़ा गंभीर विषय भी है।

नदी किनारे मगरमच्छ या अन्य खतरनाक जीवों की मौजूदगी वाले क्षेत्रों में लोगों को सतर्क करने के लिए चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और निगरानी जरूरी है।

ग्रामीण इलाकों में वन्यजीव सुरक्षा को लेकर जागरूकता अभियान चलाए जाने चाहिए। लोगों को यह जानकारी होनी चाहिए कि नदी या जलाशयों के किनारे किन परिस्थितियों में अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

साथ ही प्रशासन को संवेदनशील क्षेत्रों का वैज्ञानिक सर्वे कराकर जोखिम वाले स्थानों की पहचान करनी चाहिए।

यह भी जरूरी है कि जहां मगरमच्छों की संख्या अधिक है, वहां वन विभाग और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से सुरक्षा उपाय लागू करें।

गोंडा की यह घटना पूरे समाज को झकझोर देने वाली है। एक परिवार जो पहले ही अपनों के बिछड़ने के दर्द से गुजर रहा था, उसे कुछ ही घंटों बाद एक और बड़ा सदमा सहना पड़ा।

यह हादसा इस बात की याद दिलाता है कि प्राकृतिक क्षेत्रों में सुरक्षा और सतर्कता कितनी जरूरी है। प्रशासन की जिम्मेदारी है कि वह ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए, वहीं लोगों को भी नदी किनारों पर अतिरिक्त सावधानी बरतनी चाहिए।

फिलहाल सभी की नजरें सर्च ऑपरेशन पर टिकी हुई हैं और परिवार युवक के मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है।

1. घटना कहां हुई?
यह घटना उत्तर प्रदेश के गोंडा जिले के उमरी बेगमगंज थाना क्षेत्र में हुई।

2. युवक कौन था?
युवक की पहचान ग्रेटर नोएडा निवासी 30 वर्षीय दीपक के रूप में हुई है।

3. घटना के समय दीपक वहां क्यों गया था?
वह अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने ससुराल आया था।

4. मगरमच्छ ने हमला कैसे किया?
दीपक नदी किनारे हाथ धोने गया था, तभी मगरमच्छ ने अचानक हमला कर उसे पानी में खींच लिया।

5. प्रशासन क्या कार्रवाई कर रहा है?
पुलिस, स्थानीय गोताखोर और SDRF टीम युवक की तलाश में सर्च ऑपरेशन चला रही है।