पूरे मध्य-पूर्व में हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं और लगातार मिसाइल हमलों व हवाई हमलों की खबरें सामने आ रही हैं। अमेरिका और इजरायल जहां ईरान की सैन्य ताकत कमजोर करने का दावा कर रहे हैं, वहीं तेहरान ने साफ कहा है कि वह किसी दबाव में झुकने वाला नहीं है।
युद्ध में बढ़ा हमला-जवाब का सिलसिला
रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल ने ईरान और लेबनान में कई ठिकानों पर जोरदार हवाई हमले किए हैं। इसके जवाब में ईरान ने पश्चिम एशिया में मौजूद अमेरिकी और इजरायली सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन दागे।
अमेरिकी अधिकारियों का दावा है कि ईरान की मिसाइल दागने की क्षमता को लगभग 90 प्रतिशत तक कम कर दिया गया है, लेकिन ईरान ने इन दावों को खारिज करते हुए कहा कि वह आखिरी दम तक लड़ने के लिए तैयार है।
अब तक कितनी हुई तबाही
युद्ध शुरू होने के बाद से अब तक
इजरायल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर हमला किया, जिसमें कई लड़ाके मारे गए। हिज़्बुल्लाह को ईरान समर्थक संगठन माना जाता है और उसने इजरायल पर जवाबी कार्रवाई की है।
खाड़ी देशों में बढ़ा खतरा
इस युद्ध का असर खाड़ी देशों पर भी दिखने लगा है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि जहां-जहां अमेरिका और इजरायल के सैन्य ठिकाने हैं, वे सभी उसके निशाने पर हैं।
ट्रंप के बयान से बढ़ा विवाद
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के अगले सर्वोच्च नेता के चयन में भूमिका चाहते हैं। उन्होंने अली खामेनेई के बेटे मोजतबा खामेनेई को इस पद के लिए सही नहीं बताया और कहा कि ईरान को ऐसा नेता चाहिए जो शांति ला सके।
इस बयान पर ईरान भड़क गया। तेहरान की ओर से कहा गया कि
अमेरिका ने हमें वेनेजुएला समझ लिया है, लेकिन हम झुकने वाले नहीं हैं और हमले जारी रहेंगे।
ईरान ने चेतावनी दी है कि अगर अमेरिका और इजरायल ने हमला नहीं रोका तो उन्हें इसका गंभीर परिणाम भुगतना होगा।
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी भीषण संघर्ष अब नौवें दिन में प्रवेश कर चुका है।