ईरान-इजरायल और अमेरिका के बीच जारी भीषण संघर्ष के बीच अब ईरान के अंदर ही राजनीतिक और सैन्य मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। युद्ध के बढ़ते दबाव के बीच राष्ट्रपति के नरम रुख पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) और कट्टरपंथी नेताओं ने कड़ी नाराजगी जताई है, जिससे देश में अंदरूनी टकराव की स्थिति बनती दिखाई दे रही है।
राष्ट्रपति की माफी से बढ़ा विवाद
रिपोर्ट्स के मुताबिक ईरान के राष्ट्रपति ने खाड़ी देशों पर हमले न करने और तनाव कम करने का संकेत देते हुए माफी जैसी नरम भाषा का इस्तेमाल किया। हालांकि बाद में उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट से माफी वाला हिस्सा हटा दिया, लेकिन तब तक देश के हार्डलाइनर गुट नाराज हो चुके थे।
कट्टरपंथी धर्मगुरु और सांसद हामिद रसाई ने राष्ट्रपति के बयान को “कमजोर और अस्वीकार्य” बताया। वहीं पूर्व रिवोल्यूशनरी गार्ड कमांडरों ने भी कहा कि ऐसे समय में नरमी दिखाना देश की सुरक्षा के खिलाफ है।
IRGC का सख्त रुख, जवाबी कार्रवाई जारी
ईरान के सुप्रीम ज्यूडिशियल प्रमुख मोहसिनी एजेई ने कहा कि कुछ देशों की जमीन का इस्तेमाल ईरान पर हमले के लिए किया जा रहा है और ऐसे में जवाबी कार्रवाई जारी रहेगी।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने भी संकेत दिए हैं कि युद्ध को रोकने का फैसला केवल राजनीतिक नेतृत्व नहीं कर सकता।
खामेनेई के करीबी की ट्रंप को चेतावनी
ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव और सुप्रीम लीडर अली खामेनेई के करीबी माने जाने वाले अली लारिजानी ने अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सीधी चेतावनी दी है।
उन्होंने कहा —
“हम अपने नेता और लोगों के खून का बदला लेंगे। ट्रंप को इसकी कीमत चुकानी होगी।”
विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने भी कहा कि ईरान हर हमले का जवाब देगा और अपने क्षेत्रीय हितों की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएगा।
ईरान में दो धड़े आमने-सामने
विशेषज्ञों का कहना है कि ईरान के अंदर लंबे समय से हार्डलाइनर और प्रगमेटिक नेताओं के बीच मतभेद थे, लेकिन युद्ध के दबाव ने इन दरारों को खुलकर सामने ला दिया है।
इस समय ईरान में दो स्पष्ट गुट दिखाई दे रहे हैं —
युद्ध का असर और बढ़ती मुश्किलें
अमेरिकी सेंटकॉम के मुताबिक ईरान की मिसाइल क्षमता में भारी गिरावट आई है और ड्रोन हमलों की संख्या भी कम हुई है, हालांकि ईरान अभी भी जवाबी कार्रवाई की क्षमता रखता है।
विश्लेषकों का मानना है कि अगर युद्ध लंबा चला तो ईरान के अंदर राजनीतिक संकट और गहरा सकता है, जिससे मिडिल ईस्ट की स्थिति और जटिल हो जाएगी।
ईरान में बढ़ी अंदरूनी कलह! राष्ट्रपति की माफी से भड़का IRGC, खामेनेई के करीबी की ट्रंप को चेतावनी – “खून की कीमत चुकानी होगी”