ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच हालात और ज्यादा गंभीर हो गए हैं। ईरानी सेना ने दावा किया है कि उसने बहरीन में मौजूद अमेरिका की पांचवीं नेवी फ्लीट पर बड़ा हमला किया है, जिसमें 21 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है और कई अन्य घायल हुए हैं। हालांकि इस दावे की अभी तक अमेरिकी पक्ष की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है।
रिपोर्ट्स के अनुसार यह हमला उस समय हुआ जब इजरायल ने ईरान के तेल सप्लाई से जुड़े ऑयल डिपो पर एयर स्ट्राइक की थी, जिसके बाद क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। ईरान ने इसे जवाबी कार्रवाई बताते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने की बात कही है।
ईरानी मीडिया के मुताबिक बहरीन की राजधानी मनामा के जुफैर इलाके में स्थित यूनाइटेड स्टेट्स नेवी फिफ्थ फ्लीट के मुख्यालय पर मिसाइल और ड्रोन से हमला किया गया। जारी किए गए वीडियो में बेस के आसपास आग और धुआं उठता दिखाई दे रहा है। यह बेस मध्य-पूर्व में अमेरिका की सबसे महत्वपूर्ण सैन्य मौजूदगी में से एक माना जाता है।
क्या है अमेरिकी पांचवां बेड़ा
अमेरिका की फिफ्थ फ्लीट बहरीन में स्थित है और यह पर्शियन गल्फ, रेड सी और अरब सागर सहित करीब 25 लाख वर्ग मील समुद्री क्षेत्र की निगरानी करती है। इसका मुख्य उद्देश्य स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज से गुजरने वाले तेल और अंतरराष्ट्रीय व्यापार मार्गों की सुरक्षा करना है।
इस बेड़े में हजारों नौसैनिक, कई युद्धपोत, एयरक्राफ्ट कैरियर, पनडुब्बियां और ड्रोन सिस्टम शामिल होते हैं। यह बेड़ा 40 से अधिक देशों के कंबाइंड मैरीटाइम फोर्सेज गठबंधन के साथ मिलकर समुद्री सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी अभियान और व्यापारिक जहाजों की रक्षा का काम करता है।
पहले भी हो चुका है हमला
बताया जा रहा है कि 28 फरवरी 2026 को भी ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने बैलिस्टिक मिसाइल और शाहेद-136 ड्रोन से इसी बेस को निशाना बनाया था। उस हमले में रडार सिस्टम और कम्युनिकेशन उपकरणों को नुकसान पहुंचा था। उस समय अमेरिकी अधिकारियों ने कुछ सैनिकों के घायल होने की बात स्वीकार की थी।
ईरान ने हालिया हमले को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान का जवाब बताया है। क्षेत्र में लगातार बढ़ रही सैन्य तैनाती को देखते हुए विशेषज्ञों का मानना है कि यह टकराव अभी और तेज हो सकता है।
अमेरिकी पांचवीं नेवी फ्लीट पर ईरान का बड़ा हमला, 21 सैनिकों की मौत का दावा, बहरीन बेस को बनाया निशाना