देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और पुलिस बलों की निशानेबाजी क्षमता को और बेहतर करने के उद्देश्य से गुरुग्राम में 26वीं ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता (AIPDM) 2025–26 का भव्य आयोजन शुरू हो चुका है। केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के ग्रुप सेंटर में आयोजित इस राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता में देशभर की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) की कुल 33 टीमें हिस्सा ले रही हैं। 24 मार्च से शुरू हुआ यह मेगा इवेंट 30 मार्च तक चलेगा, जिसमें विभिन्न शूटिंग इवेंट्स के जरिए जवानों की सटीकता, धैर्य और पेशेवर कौशल की परीक्षा होगी।
गुरुग्राम स्थित सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर इन दिनों देश के सबसे बड़े पुलिस शूटिंग मुकाबले का केंद्र बना हुआ है। 26वीं ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता में राज्यों की पुलिस, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल और विशेष सुरक्षा इकाइयों के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं। प्रतियोगिता में कुल 13 अलग-अलग अवॉर्ड्स के लिए मुकाबले आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें पिस्टल, राइफल और कार्बाइन शूटिंग जैसी कई कैटेगरी शामिल हैं।
इस प्रतियोगिता का उद्घाटन सीआरपीएफ के डायरेक्टर जनरल ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने किया। उद्घाटन समारोह के दौरान सभी टीमों की भव्य परेड आयोजित हुई, जिसमें प्रतिभागियों ने अनुशासन और एकता का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में खिलाड़ियों को खेल भावना के साथ प्रतियोगिता में भाग लेने की शपथ दिलाई गई।
मेजबान टीम की ओर से सहायक कमांडेंट सत्यनारायण सोनवाल ने सभी प्रतिभागियों को निष्पक्ष खेल और ईमानदारी से मुकाबला करने का संकल्प दिलाया। अधिकारियों के अनुसार, इस प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों की पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, आईटीबीपी, सीआईएसएफ और अन्य केंद्रीय बलों के प्रशिक्षित निशानेबाज शामिल हैं।
प्रतियोगिता के दौरान हर दिन अलग-अलग इवेंट आयोजित किए जाएंगे, जिसमें खिलाड़ियों की व्यक्तिगत और टीम प्रदर्शन के आधार पर अंक दिए जाएंगे। अंतिम दिन विजेताओं को सम्मानित किया जाएगा और सर्वश्रेष्ठ टीम को ट्रॉफी प्रदान की जाएगी।
ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता देश के पुलिस और अर्धसैनिक बलों के बीच होने वाली सबसे प्रतिष्ठित खेल प्रतियोगिताओं में से एक मानी जाती है। इसका आयोजन हर साल अलग-अलग स्थानों पर किया जाता है। इस प्रतियोगिता का उद्देश्य सिर्फ खेल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि जवानों की ऑपरेशनल तैयारी को मजबूत करना भी होता है।
आज के समय में सुरक्षा चुनौतियां लगातार बदल रही हैं। आतंकवाद, संगठित अपराध और सीमा सुरक्षा जैसे मामलों में जवानों को बेहद सटीक निशानेबाजी की जरूरत होती है। ऐसे में इस तरह की प्रतियोगिताएं प्रशिक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा मानी जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि शूटिंग प्रतियोगिताएं जवानों की मानसिक एकाग्रता, प्रतिक्रिया समय और आत्मविश्वास को बढ़ाती हैं, जो वास्तविक ऑपरेशन के दौरान बेहद काम आता है।
इस तरह के राष्ट्रीय स्तर के आयोजन का सीधा प्रभाव देश की सुरक्षा व्यवस्था पर पड़ता है। जब अलग-अलग राज्यों और केंद्रीय बलों के जवान एक साथ अभ्यास करते हैं, तो उनके बीच तालमेल बेहतर होता है।
इसके अलावा, इस प्रतियोगिता से जवानों में स्वस्थ प्रतिस्पर्धा की भावना बढ़ती है, जिससे वे अपने कौशल को लगातार सुधारते रहते हैं। इसका फायदा आम नागरिकों को भी मिलता है, क्योंकि बेहतर प्रशिक्षित पुलिस और सुरक्षा बल देश की सुरक्षा को मजबूत बनाते हैं।
गुरुग्राम में इस आयोजन से स्थानीय स्तर पर भी उत्साह देखने को मिल रहा है। बड़ी संख्या में अधिकारी, खिलाड़ी और तकनीकी स्टाफ यहां पहुंचे हैं, जिससे शहर में गतिविधियां बढ़ी हैं।
सीआरपीएफ के महानिदेशक ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने उद्घाटन समारोह में कहा कि यह प्रतियोगिता सिर्फ खेल आयोजन नहीं, बल्कि प्रोफेशनलिज्म और अनुशासन का उत्सव है। उन्होंने कहा कि पुलिस और सीएपीएफ के बीच इस तरह के आयोजन से आपसी समझ बढ़ती है और ऑपरेशन के दौरान बेहतर समन्वय देखने को मिलता है।
उन्होंने खिलाड़ियों से अपील की कि वे पूरे समर्पण और ईमानदारी के साथ प्रतियोगिता में हिस्सा लें और देश का नाम रोशन करें।
सीआरपीएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि प्रतियोगिता के दौरान सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सभी इवेंट अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुसार कराए जा रहे हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि बदलते सुरक्षा माहौल में पुलिस और अर्धसैनिक बलों के लिए सिर्फ शारीरिक ताकत ही नहीं, बल्कि तकनीकी दक्षता भी जरूरी हो गई है। शूटिंग प्रतियोगिताएं जवानों को वास्तविक परिस्थितियों के लिए तैयार करती हैं।
यह भी देखा गया है कि जिन बलों में नियमित रूप से इस तरह की प्रतियोगिताएं होती हैं, उनकी ऑपरेशनल क्षमता बेहतर होती है। इसके अलावा, अलग-अलग राज्यों और बलों के बीच अनुभव साझा होने से नई रणनीतियां विकसित होती हैं।
इस प्रतियोगिता का एक और बड़ा फायदा यह है कि जवानों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलता है। इससे सुरक्षा बलों में पेशेवर संस्कृति मजबूत होती है।
गुरुग्राम में चल रही 26वीं ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता न सिर्फ एक खेल आयोजन है, बल्कि देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है। इस प्रतियोगिता के जरिए पुलिस और केंद्रीय बलों के जवान अपनी क्षमता को परख रहे हैं और एक-दूसरे से सीख भी रहे हैं। आने वाले दिनों में इस प्रतियोगिता में कई रोमांचक मुकाबले देखने को मिलेंगे और यह आयोजन देश की सुरक्षा में लगे जवानों के कौशल और समर्पण को नई पहचान देगा।
1. ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता क्या है?
यह देश की पुलिस और केंद्रीय सशस्त्र बलों के बीच होने वाली राष्ट्रीय स्तर की निशानेबाजी प्रतियोगिता है।
2. प्रतियोगिता कहां हो रही है?
यह प्रतियोगिता गुरुग्राम के सीआरपीएफ ग्रुप सेंटर में आयोजित की जा रही है।
3. इसमें कितनी टीमें भाग ले रही हैं?
इस साल कुल 33 टीमें हिस्सा ले रही हैं।
4. प्रतियोगिता कब तक चलेगी?
यह प्रतियोगिता 24 मार्च से 30 मार्च तक चलेगी।
5. इसका उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य जवानों की शूटिंग स्किल सुधारना और पुलिस बलों के बीच तालमेल बढ़ाना है।
गुरुग्राम में पुलिस और CAPF का महामुकाबला, ऑल इंडिया पुलिस शूटिंग प्रतियोगिता में 33 टीमें आमने-सामने