83 की उम्र में भी काम के प्रति जुनून: Amitabh Bachchan बोले- ‘बिना काम के बढ़ती है बेचैनी’

83 की उम्र में भी काम के प्रति जुनून: Amitabh Bachchan बोले- ‘बिना काम के बढ़ती है बेचैनी’
April 6, 2026 at 2:26 pm

सदी के महानायक Amitabh Bachchan ने एक बार फिर अपने काम के प्रति समर्पण और अनुशासन को लेकर बड़ा खुलासा किया है। 83 वर्ष की उम्र में भी वह लगातार सक्रिय हैं और अपने ब्लॉग के जरिए उन्होंने बताया कि काम उनके जीवन का अभिन्न हिस्सा बन चुका है। उनका कहना है कि यदि वह एक दिन भी काम न करें तो उन्हें बेचैनी महसूस होने लगती है और उनका पूरा दिन असंतुलित हो जाता है। यह बयान न केवल उनके प्रोफेशनल एथिक्स को दर्शाता है, बल्कि आज की पीढ़ी के लिए भी प्रेरणा का स्रोत है।

हाल ही में अपने आधिकारिक ब्लॉग पर लिखते हुए अमिताभ बच्चन ने अपनी दिनचर्या और मानसिक स्थिति के बारे में खुलकर बात की। उन्होंने बताया कि काम करना अब उनके लिए सिर्फ पेशा नहीं बल्कि एक आदत बन चुका है। यदि किसी कारणवश उनका काम रुक जाता है या दिन बिना किसी व्यस्तता के गुजरता है, तो उन्हें मानसिक असहजता होने लगती है।

उन्होंने अपने अनुभव साझा करते हुए लिखा कि जब वह काम में व्यस्त रहते हैं तो उनका मन और शरीर दोनों संतुलित रहते हैं। लेकिन जैसे ही यह रूटीन टूटता है, उन्हें एक तरह की खालीपन की भावना घेर लेती है। यह स्थिति उन्हें अस्थिर कर देती है और उनका पूरा दिन प्रभावित होता है।

बॉलीवुड में दशकों से सक्रिय अमिताभ बच्चन आज भी कई बड़े प्रोजेक्ट्स का हिस्सा हैं। हाल ही में वह लोकप्रिय टीवी शो “कौन बनेगा करोड़पति” के सीजन 17 में नजर आए थे, जहां उनके होस्टिंग स्टाइल को दर्शकों ने काफी पसंद किया। इस शो के आखिरी एपिसोड में वह भावुक भी दिखे, जिससे यह साफ होता है कि अपने काम से उनका भावनात्मक जुड़ाव कितना गहरा है।

अमिताभ बच्चन का करियर भारतीय सिनेमा के इतिहास में एक अलग ही स्थान रखता है। 1970 के दशक में “एंग्री यंग मैन” की छवि से उन्होंने बॉलीवुड में अपनी पहचान बनाई। “दीवार”, “शोले”, “डॉन” जैसी फिल्मों ने उन्हें सुपरस्टार बना दिया। समय के साथ उन्होंने खुद को बदलते दौर के अनुसार ढाला और आज भी वह फिल्मों, टीवी और विज्ञापनों में सक्रिय हैं।

उनका अनुशासन और काम के प्रति समर्पण हमेशा से चर्चा का विषय रहा है। सुबह जल्दी उठना, नियमित वर्कआउट करना और समय पर काम करना उनकी दिनचर्या का हिस्सा है। यही कारण है कि उम्र के इस पड़ाव पर भी उनकी ऊर्जा और सक्रियता युवा कलाकारों को टक्कर देती है।

अमिताभ बच्चन के इस बयान का असर सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री तक सीमित नहीं है, बल्कि यह आम लोगों के लिए भी एक महत्वपूर्ण संदेश है। आज के दौर में जहां लोग जल्दी थक जाते हैं या काम के प्रति लापरवाह हो जाते हैं, वहां अमिताभ बच्चन का यह दृष्टिकोण प्रेरणादायक है।

उनकी बात यह भी दर्शाती है कि मानसिक स्वास्थ्य और काम के बीच गहरा संबंध होता है। व्यस्त रहने से व्यक्ति का मन सकारात्मक रहता है, जबकि खाली समय कभी-कभी नकारात्मक सोच को जन्म दे सकता है। खासकर बुजुर्गों के लिए यह संदेश महत्वपूर्ण है कि सक्रिय जीवनशैली मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य दोनों के लिए जरूरी है।

अपने ब्लॉग में अमिताभ बच्चन ने लिखा कि काम उनके जीवन का आधार बन चुका है। उन्होंने कहा कि “जब मैं काम नहीं करता, तो मुझे बेचैनी महसूस होती है। ऐसा लगता है जैसे कुछ अधूरा रह गया हो। काम मेरे लिए सिर्फ जिम्मेदारी नहीं, बल्कि जीवन का हिस्सा है।”

यह बयान उनके प्रोफेशनल एथिक्स और आत्मअनुशासन को दर्शाता है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि नियमित दिनचर्या का टूटना उनके मानसिक संतुलन को प्रभावित करता है।

अमिताभ बच्चन का यह खुलासा कई महत्वपूर्ण पहलुओं को उजागर करता है। पहला, यह दिखाता है कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। दशकों तक लगातार काम करना और खुद को अपडेट रखना ही उन्हें आज भी प्रासंगिक बनाए हुए है।

दूसरा, यह मानसिक स्वास्थ्य के महत्व को भी दर्शाता है। आज के समय में “एंग्जायटी” और “स्ट्रेस” आम समस्याएं बन चुकी हैं। अमिताभ बच्चन का अनुभव बताता है कि नियमितता और सक्रियता इन समस्याओं को कम करने में मदद कर सकती है।

तीसरा, यह प्रोफेशनल कमिटमेंट का उदाहरण है। उम्र को बहाना बनाने के बजाय उन्होंने इसे चुनौती के रूप में लिया और खुद को लगातार सक्रिय रखा। यह दृष्टिकोण युवाओं के लिए भी एक बड़ा संदेश है कि मेहनत और अनुशासन से ही सफलता मिलती है।

अमिताभ बच्चन का यह बयान उनके व्यक्तित्व की गहराई को दर्शाता है। 83 साल की उम्र में भी उनका काम के प्रति जुनून यह साबित करता है कि यदि व्यक्ति के अंदर लगन और अनुशासन हो, तो उम्र सिर्फ एक संख्या बनकर रह जाती है। उनका यह संदेश न केवल फिल्म इंडस्ट्री बल्कि समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणादायक है। यह हमें सिखाता है कि सक्रिय रहना और अपने काम से प्यार करना ही जीवन को संतुलित और सार्थक बनाता है।

1. अमिताभ बच्चन ने क्या कहा है?
उन्होंने कहा कि बिना काम के उन्हें बेचैनी महसूस होती है और उनका दिन असंतुलित हो जाता है।

2. उनकी उम्र कितनी है?
वह 83 वर्ष के हैं और अब भी सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं।

3. क्या वह अभी भी फिल्मों और टीवी में सक्रिय हैं?
हाँ, वह फिल्मों, टीवी शो और अन्य प्रोजेक्ट्स में लगातार काम कर रहे हैं।

4. उनके इस बयान का क्या महत्व है?
यह काम के प्रति समर्पण और मानसिक स्वास्थ्य के बीच संबंध को दर्शाता है।

5. इससे लोगों को क्या सीख मिलती है?
यह सिखाता है कि सक्रिय जीवनशैली और अनुशासन से जीवन बेहतर बनता है।