देश की राजधानी दिल्ली आने वाले पर्यटकों की सूची में ऐतिहासिक इमारतें, स्मारक और सरकारी धरोहरें हमेशा शामिल रहती हैं। इनमें राष्ट्रपति भवन सबसे खास माना जाता है। आम लोगों के मन में अक्सर यह धारणा होती है कि भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास केवल उच्च अधिकारियों और विशेष मेहमानों के लिए ही खुला रहता है। हालांकि वास्तविकता इससे अलग है। अब आम नागरिक भी निर्धारित प्रक्रिया के तहत राष्ट्रपति भवन के अंदर प्रवेश कर इसकी भव्यता, इतिहास और वास्तुकला को करीब से देख सकते हैं।
राष्ट्रपति भवन सिर्फ एक सरकारी इमारत नहीं, बल्कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था, राजनीतिक विरासत और सांस्कृतिक पहचान का प्रतीक है। यदि आप दिल्ली घूमने की योजना बना रहे हैं और इस भव्य परिसर को भीतर से देखने का अनुभव लेना चाहते हैं, तो पहले ऑनलाइन बुकिंग और कुछ जरूरी नियमों की जानकारी होना आवश्यक है।
दिल्ली के केंद्र में स्थित राष्ट्रपति भवन लगभग 330 एकड़ क्षेत्र में फैला हुआ है और इसकी भव्यता दुनिया की चुनिंदा प्रतिष्ठित सरकारी इमारतों में गिनी जाती है। इसकी एच (H) आकार की संरचना में लगभग 340 कमरे मौजूद हैं। इस भवन को प्रसिद्ध वास्तुकार एडविन लुटियंस और हर्बर्ट बेकर ने डिजाइन किया था, जिन्होंने नई दिल्ली की कई प्रतिष्ठित संरचनाओं की रूपरेखा भी तैयार की थी।
अब आम लोग भी निर्धारित समय और ऑनलाइन बुकिंग प्रक्रिया के जरिए राष्ट्रपति भवन का दौरा कर सकते हैं। इसके लिए पहले से पंजीकरण कराना अनिवार्य है। टिकट केवल राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ही उपलब्ध होती है।
राष्ट्रपति भवन का भ्रमण गाइडेड टूर के रूप में कराया जाता है। इसका मतलब है कि पर्यटक अकेले घूमने के बजाय एक समूह में गाइड के साथ निर्धारित मार्ग पर भवन के हिस्सों को देख सकते हैं।
पर्यटकों को उन स्थानों पर ले जाया जाता है जहां राष्ट्रपति विदेशी मेहमानों का स्वागत करते हैं, आधिकारिक बैठकों का आयोजन होता है और राष्ट्रीय स्तर के समारोह आयोजित किए जाते हैं।
दौरे के दौरान लोग निम्न स्थानों को देख सकते हैं:
यह दौरा लगभग 45 मिनट का होता है और इसकी टिकट कीमत मात्र 50 रुपये प्रति व्यक्ति रखी गई है, ताकि अधिक से अधिक लोग देश की इस ऐतिहासिक धरोहर को देख सकें।
मुख्य भवन मंगलवार से रविवार तक खुला रहता है। सुबह 9:30 बजे से शाम 4:30 बजे तक प्रवेश की अनुमति रहती है, जबकि अंतिम प्रवेश शाम 4 बजे तक होता है।
दिल्ली मेट्रो के जरिए आने वाले यात्रियों के लिए सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी विकल्प माना जाता है। यहां से गेट नंबर 38 लगभग एक किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। वहीं पटेल चौक मेट्रो स्टेशन से यह दूरी करीब दो किलोमीटर पड़ती है।
राष्ट्रपति भवन का निर्माण ब्रिटिश शासनकाल के दौरान किया गया था। शुरुआत में इसे वायसराय हाउस कहा जाता था क्योंकि यहां ब्रिटिश भारत के वायसराय रहते थे। स्वतंत्रता के बाद इसे राष्ट्रपति भवन के रूप में परिवर्तित किया गया और यह भारत के राष्ट्रपति का आधिकारिक निवास बन गया।
यह भवन सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि इसकी वास्तुकला भारतीय और पश्चिमी शैलियों का अद्भुत मिश्रण प्रस्तुत करती है। भवन के स्तंभ, गुंबद, उद्यान और कलात्मक डिज़ाइन इसे दुनिया की अनोखी सरकारी इमारतों में शामिल करते हैं।
राष्ट्रपति भवन परिसर में स्थित मुगल गार्डन, जिसे अब अमृत उद्यान कहा जाता है, भी विशेष आकर्षण का केंद्र रहता है। हर वर्ष बड़ी संख्या में लोग यहां आते हैं।
राष्ट्रपति भवन को आम नागरिकों के लिए सीमित रूप से खोलने का निर्णय लोकतांत्रिक पारदर्शिता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जाता है। इससे देश के नागरिकों को अपने लोकतांत्रिक संस्थानों को करीब से समझने का अवसर मिलता है।
इस पहल से पर्यटन क्षेत्र को भी बढ़ावा मिलता है। दिल्ली आने वाले घरेलू और विदेशी पर्यटकों की रुचि ऐसे स्थलों की ओर बढ़ती है जो केवल ऐतिहासिक नहीं बल्कि राष्ट्रीय महत्व भी रखते हैं।
छात्रों और युवाओं के लिए यह एक शैक्षणिक अनुभव भी बन सकता है, जहां वे देश की संवैधानिक व्यवस्था और इतिहास को प्रत्यक्ष रूप से समझ सकते हैं।
राष्ट्रपति भवन प्रशासन की ओर से समय-समय पर जारी दिशा-निर्देशों में यह स्पष्ट किया गया है कि भवन भ्रमण पूरी तरह पूर्व बुकिंग आधारित है। सुरक्षा कारणों से प्रवेश के दौरान पहचान सत्यापन किया जाता है और निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य है।
आधिकारिक दिशा-निर्देशों के अनुसार:
इसके अलावा विभिन्न सर्किट अलग-अलग दिनों में खुलते हैं।
सर्किट-1: शुक्रवार, शनिवार और रविवार
सर्किट-2: सोमवार छोड़कर बाकी दिन
सर्किट-3: अगस्त से मार्च के बीच शुक्रवार, शनिवार और रविवार
सरकारी संस्थानों को आम लोगों के लिए सीमित रूप से खोलना दुनिया के कई देशों में अपनाया जाता है। भारत में भी पिछले कुछ वर्षों में ऐसी पहलों को बढ़ावा मिला है, जहां आम नागरिकों को संसद, संग्रहालय और ऐतिहासिक सरकारी परिसरों तक पहुंच प्रदान की गई है।
राष्ट्रपति भवन का यह मॉडल नागरिकों और संस्थाओं के बीच दूरी कम करने की दिशा में सकारात्मक कदम माना जा सकता है।
साथ ही ऑनलाइन बुकिंग व्यवस्था ने पूरी प्रक्रिया को सरल बनाया है। हालांकि पर्यटकों की संख्या बढ़ने पर समय स्लॉट की उपलब्धता चुनौती बन सकती है। इसलिए यात्रा की योजना पहले से बनाना बेहतर रहेगा।
यदि आप दिल्ली घूमने की योजना बना रहे हैं और सिर्फ इंडिया गेट या लाल किला देखकर लौटना नहीं चाहते, तो राष्ट्रपति भवन का दौरा आपके लिए एक यादगार अनुभव बन सकता है। यह केवल एक पर्यटन स्थल नहीं बल्कि भारत के लोकतांत्रिक इतिहास, वास्तुकला और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक है।
सही जानकारी और समय पर बुकिंग करके आप भी इस भव्य इमारत को भीतर से देखने का अवसर पा सकते हैं।
1. राष्ट्रपति भवन देखने के लिए टिकट कितनी है?
राष्ट्रपति भवन भ्रमण के लिए प्रति व्यक्ति टिकट शुल्क 50 रुपये रखा गया है।
2. टिकट कहां से बुक की जा सकती है?
टिकट केवल राष्ट्रपति भवन की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन बुक की जाती है।
3. राष्ट्रपति भवन किन दिनों में खुलता है?
मुख्य भवन मंगलवार से रविवार तक खुला रहता है।
4. क्या मोबाइल और कैमरा अंदर ले जा सकते हैं?
सुरक्षा नियमों के तहत इलेक्ट्रॉनिक सामान पर प्रतिबंध हो सकता है।
5. राष्ट्रपति भवन का सबसे नजदीकी मेट्रो स्टेशन कौन सा है?
सेंट्रल सेक्रेटेरिएट मेट्रो स्टेशन सबसे नजदीकी माना जाता है।
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