UNSC में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला: अफगानिस्तान हिंसा, आतंकवाद और नागरिक सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल

UNSC में भारत का पाकिस्तान पर तीखा हमला: अफगानिस्तान हिंसा, आतंकवाद और नागरिक सुरक्षा पर उठाए गंभीर सवाल
May 21, 2026 at 1:47 pm

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) में भारत ने एक बार फिर आतंकवाद और सीमा पार हिंसा के मुद्दे पर पाकिस्तान को घेरा है। सशस्त्र संघर्षों में नागरिकों की सुरक्षा को लेकर आयोजित वार्षिक खुली बहस के दौरान भारत ने पाकिस्तान के रिकॉर्ड पर गंभीर सवाल उठाए और कहा कि जिस देश का खुद का इतिहास हिंसा, आतंकवाद और मानवाधिकार उल्लंघनों से जुड़ा रहा है, वह दूसरों पर आरोप लगाने की स्थिति में नहीं है। भारत की ओर से संयुक्त राष्ट्र में स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने पाकिस्तान को सीधे निशाने पर लेते हुए कहा कि सीमा पार आतंकवाद और नागरिकों पर हमले दुनिया की शांति के लिए गंभीर खतरा हैं।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में आयोजित इस महत्वपूर्ण बैठक का उद्देश्य सशस्त्र संघर्षों के दौरान नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और युद्ध प्रभावित क्षेत्रों में बढ़ती हिंसा पर चर्चा करना था। भारत ने इस मंच का उपयोग करते हुए वैश्विक स्तर पर आतंकवाद, हिंसा और नागरिकों के खिलाफ हो रहे हमलों पर अपनी स्पष्ट और कड़ी नीति सामने रखी।

राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने अपने संबोधन की शुरुआत इस महीने सुरक्षा परिषद की अध्यक्षता संभालने पर चीन को बधाई देकर की। उन्होंने कहा कि किसी भी संघर्ष की स्थिति में आम नागरिकों की सुरक्षा अंतरराष्ट्रीय शांति व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा है। भारत हमेशा संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानूनों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराता रहा है।

भारत ने संयुक्त राष्ट्र महासचिव की रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया कि वर्ष 2025 में दुनिया भर के करीब 20 बड़े सशस्त्र संघर्षों में 37 हजार से अधिक नागरिकों की मौत दर्ज की गई। हालांकि पिछले तीन वर्षों की तुलना में यह पहली बार था जब मौतों की संख्या में कुछ कमी दर्ज की गई, लेकिन हालात अभी भी चिंता पैदा करने वाले हैं।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि युद्ध के दौरान अस्पतालों, स्कूलों, स्वास्थ्यकर्मियों और आम नागरिकों को निशाना बनाया जाना बेहद चिंताजनक है। बड़ी संख्या में लोगों का विस्थापन, बुनियादी ढांचे का नष्ट होना और मानवीय संकट दुनिया के सामने गंभीर चुनौती बनता जा रहा है।

इसके साथ ही भारत ने आधुनिक युद्ध में ड्रोन और नई तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल पर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आबादी वाले इलाकों में विस्फोटक हथियारों और ड्रोन तकनीक का बढ़ता उपयोग नागरिकों के लिए खतरा बन रहा है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हथियार प्रणालियों को लेकर भी भारत ने अंतरराष्ट्रीय मानकों की मांग की।

भारत और पाकिस्तान के बीच आतंकवाद को लेकर लंबे समय से तनावपूर्ण संबंध रहे हैं। भारत लगातार यह आरोप लगाता रहा है कि पाकिस्तान अपनी धरती से संचालित आतंकी नेटवर्क को रोकने में विफल रहा है। भारत कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सीमा पार आतंकवाद का मुद्दा उठाता रहा है।

अफगानिस्तान भी पिछले कई दशकों से संघर्ष, आतंकवाद और राजनीतिक अस्थिरता का केंद्र रहा है। तालिबान शासन के बाद क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर नई चुनौतियां सामने आई हैं। भारत का मानना है कि अफगानिस्तान की स्थिरता पूरे दक्षिण एशिया की शांति के लिए महत्वपूर्ण है।

UNAMA (संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन इन अफगानिस्तान) की रिपोर्टों का हवाला देते हुए भारत ने दावा किया कि वर्ष 2026 की शुरुआत में अफगानिस्तान में हुई नागरिक हताहत घटनाओं में पाकिस्तान की भूमिका गंभीर रूप से सामने आई है। भारत के अनुसार सीमा पार हिंसा और सैन्य कार्रवाई से बड़ी संख्या में आम नागरिक प्रभावित हुए।

भारत ने एक अस्पताल पर कथित हवाई हमले का भी जिक्र किया। भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि धार्मिक अवसरों के दौरान अस्पतालों और नागरिक क्षेत्रों पर हमले किसी भी परिस्थिति में उचित नहीं ठहराए जा सकते।

भारत द्वारा संयुक्त राष्ट्र जैसे वैश्विक मंच पर पाकिस्तान पर लगाए गए आरोपों का क्षेत्रीय और अंतरराष्ट्रीय राजनीति पर असर पड़ सकता है।

पहला असर दक्षिण एशिया की सुरक्षा स्थिति पर पड़ सकता है। यदि अफगानिस्तान में बढ़ती हिंसा पर अंतरराष्ट्रीय समुदाय गंभीर कदम उठाता है तो सीमा पार गतिविधियों की निगरानी और बढ़ सकती है।

दूसरा प्रभाव आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक अभियान पर दिखाई दे सकता है। भारत लंबे समय से आतंकवाद को लेकर “जीरो टॉलरेंस” नीति की वकालत करता रहा है। इससे दुनिया के अन्य देशों को भी स्पष्ट संदेश जाता है कि नागरिकों पर हमला किसी भी परिस्थिति में स्वीकार्य नहीं है।

भारत के लिए यह कूटनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि वह वैश्विक मंचों पर अपनी स्थिति को मजबूत कर रहा है। इससे भारत की छवि एक जिम्मेदार और सक्रिय राष्ट्र के रूप में उभरती है।

संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने कहा कि आतंकवाद अपने हर रूप में मानवता के लिए खतरा है और कोई भी विचारधारा या कारण नागरिकों पर हमलों को उचित नहीं ठहरा सकता।

उन्होंने यह भी कहा कि जो देश आतंकवाद को समर्थन, शरण या वित्तीय सहायता देते हैं, उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए।

भारत ने स्पष्ट रूप से कहा कि सीमा पार आतंकवाद केवल किसी एक देश की समस्या नहीं बल्कि पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए खतरा है।

भारत का यह रुख केवल पाकिस्तान की आलोचना तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यापक सुरक्षा चिंताओं को भी दर्शाता है। पिछले कुछ वर्षों में युद्ध की प्रकृति बदल रही है। पारंपरिक युद्धों की जगह अब ड्रोन, साइबर तकनीक और अप्रत्यक्ष संघर्षों ने ले ली है।

ऐसे में नागरिकों की सुरक्षा और अधिक चुनौतीपूर्ण हो गई है। भारत ने जिस तरह ड्रोन और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित हथियारों पर सवाल उठाए, वह भविष्य की वैश्विक सुरक्षा बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है।

इसके अलावा भारत ने पाकिस्तान के अतीत और वर्तमान रिकॉर्ड को जोड़ते हुए यह संकेत देने की कोशिश की कि आतंकवाद और हिंसा के मुद्दे पर दोहरे मापदंड नहीं अपनाए जाने चाहिए।

हालांकि अंतरराष्ट्रीय मंचों पर लगाए गए आरोपों की पुष्टि और जांच भी उतनी ही जरूरी होती है। इसलिए संयुक्त राष्ट्र और अन्य संस्थाओं की भूमिका बेहद अहम हो जाती है।

संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में भारत का यह बयान केवल एक कूटनीतिक प्रतिक्रिया नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा, आतंकवाद विरोधी रणनीति और नागरिक सुरक्षा को लेकर भारत के दृष्टिकोण को दर्शाता है। भारत ने साफ किया है कि आतंकवाद और नागरिकों पर हिंसा को किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता।

आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अंतरराष्ट्रीय समुदाय अफगानिस्तान और क्षेत्रीय सुरक्षा से जुड़े इन मुद्दों पर किस तरह प्रतिक्रिया देता है। दुनिया में स्थायी शांति तभी संभव है जब संघर्षों के बीच नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बने।

1. संयुक्त राष्ट्र में भारत ने पाकिस्तान पर क्या आरोप लगाए?
भारत ने पाकिस्तान पर आतंकवाद को समर्थन देने और अफगानिस्तान में नागरिकों के खिलाफ हिंसा में भूमिका होने के आरोप लगाए।

2. भारत की ओर से यह बयान किसने दिया?
संयुक्त राष्ट्र में भारत के स्थायी प्रतिनिधि राजदूत हरीश पर्वतनेनी ने यह बयान दिया।

3. भारत ने ड्रोन तकनीक को लेकर क्या चिंता जताई?
भारत ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में ड्रोन आधारित विस्फोटक हथियारों का इस्तेमाल नागरिकों के लिए गंभीर खतरा बन रहा है।

4. UNAMA क्या है?
UNAMA अफगानिस्तान में संयुक्त राष्ट्र सहायता मिशन है, जो वहां सुरक्षा और मानवीय स्थितियों पर निगरानी रखता है।

5. इस मुद्दे का भारत पर क्या प्रभाव पड़ सकता है?
यह भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और वैश्विक कूटनीतिक स्थिति को मजबूत कर सकता है।