असम की राजनीति में मंगलवार का दिन ऐतिहासिक माना जा रहा है। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता और वर्तमान मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने जा रहे हैं। इसके साथ ही वह असम के पहले गैर-कांग्रेसी नेता बन जाएंगे जो लगातार दो कार्यकाल तक मुख्यमंत्री की जिम्मेदारी संभालेंगे। गुवाहाटी में आयोजित होने वाले इस भव्य शपथ ग्रहण समारोह में प्रधानमंत्री Narendra Modi समेत देशभर के कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल होंगे। भाजपा नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार के लिए यह सिर्फ सत्ता में वापसी नहीं बल्कि पूर्वोत्तर भारत में उसकी मजबूत पकड़ का बड़ा संकेत भी माना जा रहा है।
असम के राज्यपाल Lakshman Prasad Acharya मंगलवार सुबह गुवाहाटी में हिमंत बिस्वा सरमा और उनके मंत्रिमंडल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाएंगे। समारोह सुबह 11:40 बजे आयोजित किया जाएगा। भाजपा विधायक दल की बैठक में सर्वसम्मति से सरमा को नेता चुने जाने के बाद राज्यपाल ने उन्हें सरकार बनाने का न्योता दिया था।
राज्य की राजनीति में यह एक बड़ा मोड़ माना जा रहा है क्योंकि असम में लंबे समय तक कांग्रेस का प्रभुत्व रहा था। भाजपा ने पहली बार 2016 में सत्ता हासिल की थी, जब Sarbananda Sonowal मुख्यमंत्री बने थे। इसके बाद 2021 में पार्टी ने हिमंत बिस्वा सरमा को मुख्यमंत्री बनाया और अब लगातार दूसरी बार उनके नेतृत्व में सरकार बनने जा रही है।
इस बार विधानसभा चुनाव में भाजपा नेतृत्व वाले गठबंधन ने शानदार प्रदर्शन किया। 126 सदस्यीय विधानसभा में गठबंधन ने 102 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा ने अकेले 82 सीटें हासिल कीं, जबकि सहयोगी दल Asom Gana Parishad और Bodoland People’s Front ने 10-10 सीटों पर जीत हासिल की। यह परिणाम भाजपा के लिए पूर्वोत्तर भारत में सबसे बड़ी राजनीतिक सफलताओं में से एक माना जा रहा है।
शपथ ग्रहण समारोह को बेहद भव्य बनाने की तैयारी की गई है। भाजपा नेताओं के अनुसार, समारोह में एक लाख से अधिक लोगों के शामिल होने की संभावना है। सुरक्षा व्यवस्था के लिए कई पुलिस बटालियन, विशेष सुरक्षा बल और खुफिया एजेंसियों को तैनात किया गया है। समारोह स्थल पर तीन अलग-अलग मंच तैयार किए गए हैं, जहां प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्री, मुख्यमंत्री और अन्य विशिष्ट अतिथि मौजूद रहेंगे।
समारोह में गृह मंत्री Amit Shah, रक्षा मंत्री Rajnath Singh, वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman सहित कई केंद्रीय मंत्री और भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री तथा उपमुख्यमंत्री शामिल होंगे।
हिमंत बिस्वा सरमा का राजनीतिक सफर काफी दिलचस्प रहा है। उन्होंने अपने राजनीतिक करियर की शुरुआत कांग्रेस से की थी और लंबे समय तक पार्टी के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे। लेकिन 2015 में उन्होंने कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने पूर्वोत्तर राज्यों में पार्टी को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
सरमा को भाजपा का रणनीतिकार भी कहा जाता है। उनकी राजनीतिक समझ और संगठन क्षमता के कारण भाजपा ने असम सहित कई पूर्वोत्तर राज्यों में अपना प्रभाव बढ़ाया। मुख्यमंत्री बनने के बाद उन्होंने बुनियादी ढांचे, कानून व्यवस्था, निवेश और शिक्षा जैसे मुद्दों पर तेजी से काम किया। उनकी सरकार ने कई विकास परियोजनाओं की शुरुआत की, जिनमें सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार और उद्योग निवेश शामिल हैं।
पूर्वोत्तर भारत लंबे समय तक विकास और राजनीतिक अस्थिरता जैसी चुनौतियों से जूझता रहा है। ऐसे में भाजपा ने क्षेत्र में स्थिर सरकार और तेज विकास का दावा करते हुए अपनी पकड़ मजबूत की है। लगातार तीसरी बार राजग सरकार बनने को इसी रणनीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।
हिमंत बिस्वा सरमा की दूसरी पारी सिर्फ असम तक सीमित नहीं मानी जा रही, बल्कि इसका असर राष्ट्रीय राजनीति पर भी पड़ सकता है। भाजपा पूर्वोत्तर भारत को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण क्षेत्र मानती है। चीन और बांग्लादेश से जुड़े सीमावर्ती इलाकों में मजबूत राजनीतिक उपस्थिति केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सरमा के नेतृत्व में असम में बुनियादी ढांचे और निवेश को और बढ़ावा मिल सकता है। राज्य में पर्यटन, तेल एवं गैस उद्योग, चाय उत्पादन और कनेक्टिविटी परियोजनाओं पर नई सरकार विशेष ध्यान दे सकती है। इससे रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद है।
इसके अलावा, असम में शांति और सुरक्षा की स्थिति को मजबूत करना भी नई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा। अवैध घुसपैठ, सीमा सुरक्षा और जनसंख्या संतुलन जैसे मुद्दे लंबे समय से राज्य की राजनीति के केंद्र में रहे हैं।
हिमंत बिस्वा सरमा ने कहा कि नई सरकार का मुख्य उद्देश्य चुनावी घोषणापत्र को तेजी से लागू करना होगा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल के सदस्यों के नाम भाजपा नेतृत्व से चर्चा के बाद अंतिम रूप दिए जाएंगे और शपथ ग्रहण से कुछ घंटे पहले इसकी घोषणा की जाएगी।
उन्होंने कहा, “हमारी सरकार असम को विकास के नए रास्ते पर आगे ले जाएगी। शपथ ग्रहण के तुरंत बाद पहली कैबिनेट बैठक होगी और जनता से किए गए वादों को पूरा करने की दिशा में काम शुरू किया जाएगा।”
भाजपा प्रवक्ता ध्रुबज्योति माराल ने भी कहा कि यह समारोह असम की जनता के विश्वास का प्रतीक है और आने वाले वर्षों में राज्य को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हिमंत बिस्वा सरमा की लगातार दूसरी जीत कई मायनों में महत्वपूर्ण है। पहला, यह भाजपा के लिए पूर्वोत्तर में मजबूत जनाधार का संकेत है। दूसरा, यह दिखाता है कि क्षेत्रीय मुद्दों को राष्ट्रीय राजनीति से जोड़ने की भाजपा की रणनीति सफल रही है।
सरमा की छवि एक आक्रामक और निर्णायक नेता की रही है। उन्होंने कानून व्यवस्था और प्रशासनिक फैसलों में तेजी दिखाई है, जिससे भाजपा को चुनावी लाभ मिला। हालांकि विपक्ष उनकी नीतियों को लेकर सवाल भी उठाता रहा है, खासकर नागरिकता और पहचान से जुड़े मुद्दों पर।
नई सरकार के सामने चुनौतियां भी कम नहीं होंगी। बेरोजगारी, बाढ़ की समस्या, पर्यावरण संरक्षण और आर्थिक विकास जैसे मुद्दों पर संतुलन बनाना सरकार के लिए अहम होगा। इसके अलावा, राज्य में विभिन्न समुदायों के बीच सामाजिक सामंजस्य बनाए रखना भी बड़ी जिम्मेदारी रहेगी।
असम में हिमंत बिस्वा सरमा का लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री बनना राज्य की राजनीति में एक नए अध्याय की शुरुआत माना जा रहा है। भाजपा के लिए यह सिर्फ चुनावी जीत नहीं बल्कि पूर्वोत्तर भारत में उसकी दीर्घकालिक राजनीतिक रणनीति की सफलता का संकेत भी है। अब लोगों की नजर नई सरकार की नीतियों और फैसलों पर रहेगी कि वह विकास, रोजगार और सामाजिक स्थिरता के मोर्चे पर कितनी सफल साबित होती है।
1. हिमंत बिस्वा सरमा कब शपथ लेंगे?
हिमंत बिस्वा सरमा मंगलवार सुबह गुवाहाटी में मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे।
2. क्या यह उनका दूसरा कार्यकाल होगा?
हाँ, वह लगातार दूसरी बार असम के मुख्यमंत्री बन रहे हैं।
3. असम विधानसभा में भाजपा गठबंधन को कितनी सीटें मिलीं?
राजग गठबंधन को कुल 102 सीटें मिलीं, जिनमें भाजपा ने 82 सीटें जीतीं।
4. शपथ ग्रहण समारोह में कौन-कौन शामिल होगा?
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, अमित शाह, राजनाथ सिंह, निर्मला सीतारमण समेत कई बड़े नेता समारोह में शामिल होंगे।
5. नई सरकार की प्रमुख प्राथमिकताएं क्या होंगी?
विकास परियोजनाएं, रोजगार, बुनियादी ढांचा, कानून व्यवस्था और चुनावी घोषणापत्र को लागू करना नई सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।
असम में नया इतिहास रचेंगे हिमंत बिस्वा सरमा, लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की लेंगे शपथ