मिनी लंदन से लेकर मिनी ऋषिकेश तक: हनीमून कपल्स की नई पसंद बना रांची का मैकलुस्कीगंज, कम बजट में मिलता है सुकून और रोमांस

मिनी लंदन से लेकर मिनी ऋषिकेश तक: हनीमून कपल्स की नई पसंद बना रांची का मैकलुस्कीगंज, कम बजट में मिलता है सुकून और रोमांस
May 23, 2026 at 1:34 pm

भारत में हनीमून डेस्टिनेशन की बात आते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले शिमला, मनाली, मसूरी या गोवा जैसे नाम आते हैं। लेकिन अब धीरे-धीरे लोग भीड़भाड़ वाली जगहों से हटकर शांत, प्राकृतिक और बजट फ्रेंडली स्थानों की तलाश कर रहे हैं। इसी कड़ी में झारखंड की राजधानी रांची के पास स्थित मैकलुस्कीगंज तेजी से कपल्स की पसंद बनकर उभर रहा है। पहाड़, जंगल, शांत नदी, ब्रिटिश दौर की विरासत और सुकून भरा वातावरण इस जगह को खास बनाता है। कई लोग इसे “मिनी लंदन” और “मिनी ऋषिकेश” जैसे नामों से भी जानते हैं।

कम खर्च में खूबसूरत यादें बनाने की चाह रखने वाले नए शादीशुदा जोड़ों के लिए यह स्थान अब आकर्षण का केंद्र बनता जा रहा है।

रांची से लगभग 60 किलोमीटर की दूरी पर स्थित मैकलुस्कीगंज प्राकृतिक सुंदरता और ऐतिहासिक विरासत का अनोखा मिश्रण माना जाता है। यह छोटा सा कस्बा लंबे समय से पर्यटकों के बीच लोकप्रिय रहा है, लेकिन पिछले कुछ वर्षों में हनीमून कपल्स के बीच इसकी मांग तेजी से बढ़ी है।

यहां का शांत वातावरण शहरों की भागदौड़ से दूर राहत देता है। चारों तरफ फैली हरियाली, घने जंगल, ऊंचे पहाड़ और साफ-सुथरी सड़कें इस जगह को बेहद आकर्षक बनाती हैं। कई कपल्स यहां इसलिए पहुंच रहे हैं क्योंकि उन्हें निजी समय बिताने के लिए कम भीड़ और प्राकृतिक माहौल मिलता है।

मैकलुस्कीगंज में कई ऐसे होटल और रिजॉर्ट मौजूद हैं जो कपल्स को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराते हैं। यहां निजी सजावट, आरामदायक कमरे और शांत वातावरण के साथ ठहरने की व्यवस्था की जाती है। खास बात यह है कि बड़े पर्यटन स्थलों की तुलना में यहां रहने और खाने का खर्च काफी कम है।

सर्दियों के दौरान यहां का तापमान बेहद नीचे चला जाता है। कई बार पारा 1 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंच जाता है। यही वजह है कि ठंड पसंद करने वाले पर्यटक यहां खास रुचि दिखाते हैं। ठंडी हवा और पहाड़ी वातावरण लोगों को शिमला या मनाली जैसी अनुभूति देता है।

इसके अलावा यहां मौजूद नदी किनारे का क्षेत्र कपल्स के बीच खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। शांत बहती नदी और प्राकृतिक वातावरण के कारण कई पर्यटक इसे “मिनी ऋषिकेश” भी कहते हैं। यहां बैठकर घंटों समय बिताया जा सकता है।

मैकलुस्कीगंज का इतिहास काफी दिलचस्प है। इसका नाम एंग्लो-इंडियन व्यवसायी अर्नेस्ट टिमोथी मैकलुस्की के नाम पर रखा गया था। वर्ष 1930 के आसपास इसे एंग्लो-इंडियन समुदाय की बस्ती के रूप में विकसित किया गया था।

ब्रिटिश काल की वास्तुकला आज भी यहां साफ दिखाई देती है। पुराने बंगले, पत्थरों से बने मकान और औपनिवेशिक शैली की संरचनाएं इस जगह की पहचान बन चुकी हैं।

यह क्षेत्र लंबे समय तक अपनी सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक महत्व के कारण जाना जाता रहा। आज भी यहां पहुंचने पर ऐसा महसूस होता है जैसे कोई पुराने दौर में पहुंच गया हो।

मैकलुस्कीगंज के रेलवे स्टेशन की भी अलग पहचान है। छोटा लेकिन बेहद सुंदर स्टेशन फोटोग्राफी के शौकीनों को आकर्षित करता है। यही कारण है कि यहां पर्यटक सबसे पहले तस्वीरें लेना पसंद करते हैं।

फिल्मों की शूटिंग के लिए भी यह जगह काफी चर्चित रही है। कई फिल्मों और टीवी प्रोजेक्ट्स की शूटिंग यहां की जा चुकी है। प्रसिद्ध क्रिकेटर महेंद्र सिंह धोनी के जीवन पर बनी फिल्म के कुछ दृश्य भी यहां फिल्माए गए थे।

भारत में पर्यटन उद्योग तेजी से बदल रहा है। अब लोग केवल लोकप्रिय जगहों तक सीमित नहीं रहना चाहते बल्कि ऐसे स्थलों की तलाश कर रहे हैं जहां प्रकृति, शांति और कम खर्च तीनों चीजें मिल सकें।

मैकलुस्कीगंज जैसे स्थानों की लोकप्रियता बढ़ने से स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी फायदा हो रहा है। होटल व्यवसाय, स्थानीय परिवहन, छोटे व्यापार और ग्रामीण पर्यटन को नई पहचान मिल रही है।

इसके अलावा स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी बढ़ रहे हैं। मधुमक्खी पालन, फल उत्पादन और पर्यटन से जुड़ी गतिविधियां यहां की अर्थव्यवस्था को मजबूती दे रही हैं।

भारत में ग्रामीण और इको-टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में भी ऐसे पर्यटन स्थल महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

हालांकि हाल के समय में पर्यटन विभाग की ओर से इस हनीमून ट्रेंड को लेकर कोई विशेष आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है, लेकिन झारखंड पर्यटन विभाग लगातार राज्य के प्राकृतिक और ऐतिहासिक स्थलों को बढ़ावा देने के लिए अभियान चला रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यहां आधारभूत सुविधाओं का और विकास किया जाए तो मैकलुस्कीगंज आने वाले वर्षों में देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों में शामिल हो सकता है।

मैकलुस्कीगंज की बढ़ती लोकप्रियता यह दिखाती है कि भारतीय पर्यटकों की पसंद बदल रही है। पहले लोग केवल प्रसिद्ध स्थानों पर जाना पसंद करते थे, लेकिन अब यात्रा का उद्देश्य भी बदल गया है।

नए कपल्स भीड़भाड़ और महंगे पर्यटन स्थलों के बजाय शांति और प्राइवेसी को प्राथमिकता दे रहे हैं। सोशल मीडिया ने भी इसमें बड़ी भूमिका निभाई है। इंस्टाग्राम और यूट्यूब जैसे प्लेटफॉर्म पर इस तरह की जगहों की तस्वीरें और वीडियो तेजी से वायरल होती हैं।

हालांकि पर्यटन बढ़ने के साथ कुछ चुनौतियां भी सामने आ सकती हैं। यदि अनियोजित तरीके से विकास हुआ तो पर्यावरण पर असर पड़ सकता है। इसलिए स्थानीय प्रशासन और पर्यटन विभाग को संतुलित विकास पर ध्यान देना होगा।

अगर आप कम बजट में प्रकृति के करीब जाकर यादगार हनीमून बिताना चाहते हैं तो मैकलुस्कीगंज एक बेहतरीन विकल्प साबित हो सकता है। यहां इतिहास, प्राकृतिक सुंदरता, शांति और रोमांस का ऐसा मिश्रण देखने को मिलता है जो किसी भी यात्रा को खास बना सकता है।

आने वाले समय में यह स्थान झारखंड ही नहीं बल्कि देश के प्रमुख रोमांटिक पर्यटन स्थलों में अपनी अलग पहचान बना सकता है।

1. मैकलुस्कीगंज कहां स्थित है?
मैकलुस्कीगंज झारखंड की राजधानी रांची से लगभग 60 किलोमीटर दूर स्थित है।

2. इसे मिनी लंदन क्यों कहा जाता है?
ब्रिटिश काल के बंगले और अंग्रेजी शैली की वास्तुकला के कारण इसे मिनी लंदन कहा जाता है।

3. क्या यह हनीमून के लिए अच्छा स्थान है?
हां, शांत वातावरण, प्राकृतिक सुंदरता और कम बजट इसे हनीमून के लिए बेहतर बनाते हैं।

4. यहां घूमने का सबसे अच्छा समय कौन सा है?
अक्टूबर से फरवरी के बीच का समय सबसे अच्छा माना जाता है।

5. यहां कौनकौन सी गतिविधियां की जा सकती हैं?
ट्रैकिंग, फोटोग्राफी, नदी किनारे समय बिताना और हेरिटेज स्थलों की सैर की जा सकती है।