पश्चिम बंगाल की राजनीति में शनिवार का दिन ऐतिहासिक माना गया, जब पहली बार भारतीय जनता पार्टी की सरकार के शपथ ग्रहण समारोह का आयोजन कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में हुआ। इस भव्य कार्यक्रम के दौरान एक ऐसा भावुक दृश्य सामने आया जिसने वहां मौजूद हजारों लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंच पर पहुंचते ही 98 वर्षीय वरिष्ठ भाजपा नेता Makhanlal Sarkar के पैर छुए, उन्हें गले लगाया और शॉल ओढ़ाकर सम्मानित किया। यह दृश्य कुछ ही देर में पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया।
कोलकाता के ऐतिहासिक ब्रिगेड परेड मैदान में आयोजित इस समारोह में बीजेपी विधायक दल के नेता Suvendu Adhikari ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल R. N. Ravi ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, कई केंद्रीय मंत्री, एनडीए शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और भाजपा के वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे।
हालांकि पूरे कार्यक्रम में सबसे अधिक चर्चा उस क्षण की हुई जब प्रधानमंत्री मोदी मंच पर पहुंचे और सीधे माखनलाल सरकार के पास जाकर उनके चरण स्पर्श किए। इसके बाद उन्होंने वरिष्ठ नेता को गले लगाया और काफी देर तक उनका हाथ पकड़कर बातचीत करते रहे। प्रधानमंत्री ने उन्हें सम्मान स्वरूप शॉल भी भेंट की।
मंच पर मौजूद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं के लिए यह पल बेहद भावुक था। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को शुरुआत में समझ ही नहीं आया कि प्रधानमंत्री आखिर किस वरिष्ठ कार्यकर्ता को इतना सम्मान दे रहे हैं। बाद में जब माखनलाल सरकार की पहचान सामने आई तो लोगों ने तालियों और नारों के साथ उनका अभिवादन किया।
माखनलाल सरकार पश्चिम बंगाल में भाजपा के शुरुआती और संघर्षशील नेताओं में गिने जाते हैं। उन्होंने उस दौर में पार्टी के लिए काम किया जब राज्य में भाजपा का जनाधार बेहद सीमित था और वाम दलों का राजनीतिक प्रभाव चरम पर था। बताया जाता है कि उन्होंने गांव-गांव जाकर संगठन को मजबूत करने का काम किया और हजारों लोगों को पार्टी से जोड़ा।
माखनलाल सरकार का राजनीतिक जीवन राष्ट्रवादी आंदोलनों से जुड़ा रहा है। वर्ष 1952 में उन्होंने Syama Prasad Mukherjee के साथ गिरफ्तारी दी थी। जम्मू-कश्मीर के लाल चौक पर तिरंगा फहराने वाले ऐतिहासिक अभियान में भी वह शामिल रहे थे। उस समय देश में एक विधान, एक निशान और एक प्रधान की मांग को लेकर आंदोलन चल रहा था।
जब 1980 में भारतीय जनता पार्टी की स्थापना हुई, तब पश्चिम बंगाल में संगठन विस्तार की बड़ी जिम्मेदारी कुछ चुनिंदा नेताओं को दी गई थी। माखनलाल सरकार को पश्चिमी दीनाजपुर क्षेत्र का कोऑर्डिनेटर बनाया गया। उन्होंने सीमित संसाधनों के बावजूद संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजनीतिक जानकारों के अनुसार, दार्जिलिंग और उत्तर बंगाल के कई इलाकों में भाजपा की शुरुआती पकड़ बनाने में उनका बड़ा योगदान रहा। कहा जाता है कि उन्होंने एक साल के भीतर लगभग 10 हजार लोगों को पार्टी से जोड़ा था। बाद में वह जिला अध्यक्ष समेत कई अहम पदों पर रहे।
प्रधानमंत्री मोदी द्वारा मंच पर सार्वजनिक रूप से वरिष्ठ कार्यकर्ता के पैर छूना केवल एक व्यक्तिगत सम्मान नहीं माना जा रहा, बल्कि इसे भाजपा की संगठनात्मक संस्कृति और पुराने कार्यकर्ताओं के प्रति सम्मान के संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि इस दृश्य ने पार्टी कार्यकर्ताओं के बीच सकारात्मक संदेश दिया है। इससे यह संकेत गया कि लंबे समय तक संघर्ष करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं को पार्टी आज भी महत्व देती है।
बंगाल की राजनीति के लिहाज से भी यह क्षण खास माना जा रहा है। भाजपा लंबे समय से पश्चिम बंगाल में अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। ऐसे में पहली बार सरकार गठन के दौरान पुराने कार्यकर्ताओं को सम्मान देना पार्टी के लिए भावनात्मक और रणनीतिक दोनों दृष्टि से अहम माना जा रहा है।
सोशल मीडिया पर भी यह वीडियो तेजी से वायरल हुआ। कई लोगों ने इसे भारतीय संस्कृति में बुजुर्गों के सम्मान का उदाहरण बताया। वहीं भाजपा समर्थकों ने इसे “संघर्ष और समर्पण का सम्मान” कहा।
समारोह के दौरान भाजपा नेताओं ने कहा कि माखनलाल सरकार जैसे नेताओं की मेहनत और संघर्ष की वजह से आज पार्टी बंगाल में इस मुकाम तक पहुंची है। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने मंच से उन्हें प्रेरणास्रोत बताया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में कहा कि भाजपा का संगठन उन लाखों कार्यकर्ताओं की मेहनत से खड़ा हुआ है जिन्होंने बिना किसी स्वार्थ के वर्षों तक जनता के बीच काम किया। उन्होंने कहा कि पार्टी हमेशा अपने पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं का सम्मान करती रहेगी।
राजनीतिक दृष्टि से देखें तो यह केवल एक भावुक तस्वीर नहीं थी, बल्कि इसके कई राजनीतिक और सामाजिक संदेश भी हैं। भाजपा लंबे समय से बंगाल में अपनी विचारधारा और संगठन को मजबूत करने की कोशिश कर रही थी। पहली बार सरकार बनने के बाद पार्टी यह दिखाना चाहती है कि उसका आधार केवल चुनावी राजनीति नहीं बल्कि लंबे संघर्ष की विरासत भी है।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह कदम भाजपा कार्यकर्ताओं के मनोबल को और मजबूत करेगा। भारतीय राजनीति में अक्सर पुराने नेताओं को नजरअंदाज करने के आरोप लगते रहे हैं, लेकिन इस घटना ने अलग संदेश देने का काम किया।
इसके अलावा बंगाल जैसे राज्य में, जहां राजनीतिक हिंसा और वैचारिक संघर्ष का लंबा इतिहास रहा है, वहां एक वरिष्ठ कार्यकर्ता को सार्वजनिक सम्मान देना पार्टी की रणनीति का हिस्सा भी माना जा रहा है। इससे भाजपा यह संदेश देना चाहती है कि संगठन में योगदान देने वालों को भुलाया नहीं जाता।
पश्चिम बंगाल में भाजपा सरकार के शपथ ग्रहण समारोह के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और माखनलाल सरकार के बीच दिखा यह भावुक पल राजनीतिक कार्यक्रम से कहीं अधिक बन गया। यह घटना संघर्ष, समर्पण और वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के सम्मान की प्रतीक बनकर सामने आई।
जहां एक ओर बंगाल की राजनीति में सत्ता परिवर्तन का नया अध्याय शुरू हुआ, वहीं दूसरी ओर इस दृश्य ने यह भी याद दिलाया कि राजनीति में वर्षों तक जमीन पर काम करने वाले कार्यकर्ताओं की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण होती है। आने वाले समय में यह क्षण भाजपा के राजनीतिक इतिहास में एक यादगार तस्वीर के रूप में देखा जा सकता है।
1. माखनलाल सरकार कौन हैं?
माखनलाल सरकार पश्चिम बंगाल के वरिष्ठ भाजपा नेता और पार्टी के संस्थापक सदस्यों में से एक माने जाते हैं। उन्होंने कई राष्ट्रवादी आंदोलनों में हिस्सा लिया था।
2. प्रधानमंत्री मोदी ने माखनलाल सरकार के पैर क्यों छुए?
प्रधानमंत्री मोदी ने उनके लंबे राजनीतिक संघर्ष, संगठन निर्माण में योगदान और वरिष्ठता के सम्मान में उनके चरण स्पर्श किए।
3. यह घटना कहां हुई?
यह घटना कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में आयोजित पश्चिम बंगाल सरकार के शपथ ग्रहण समारोह में हुई।
4. पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री के रूप में किसने शपथ ली?
भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली।
5. इस घटना का राजनीतिक संदेश क्या माना जा रहा है?
विशेषज्ञों के अनुसार यह भाजपा द्वारा पुराने और समर्पित कार्यकर्ताओं के सम्मान का संदेश है, जिससे संगठनात्मक एकता मजबूत होती है।
पीएम मोदी ने मंच पर छुए 98 वर्षीय माखनलाल सरकार के पैर, बंगाल के शपथ समारोह में दिखा भावुक क्षण